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  • Ministry of road transport and highways proposed hike in vehicle registration fee

तैयारी /महंगा होगा बाइक-कार खरीदना, कई गुना बढ़ेगी रजिस्ट्रेशन फीस

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन में मिलेगी छूट, सड़क परिवहन मंत्रालय ने जारी किया मसौदा

Moneybhaskar.com

Jul 27,2019 11:46:00 AM IST

नई दिल्ली। आने वाले दिनों में कार और बाइक खरीदना महंगा हो सकता है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण की फीस बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन का मसौदा जारी कर लोगों से तीस दिनों में सुझाव मांगे हैं। नोटिफिकेशन का यह मसौदा पूरे देश में लागू होगा।

यह होगी नई फीस

परिवहन मंत्रालय के नए मसौदे के अनुसार, ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल न होने वाली लाइट मोटर गाड़ियों की नई रजिस्ट्रेशन फीस 5 हजार रुपए तय की गई है। यह अभी 600 रुपए है। लाइट मोटर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की नई फीस 15 हजार रुपए तय की गई है। मोटरसाइकिल के नए रजिस्ट्रेशन की फीस 1 हजार और नवीनीकरण की फीस 2 हजार रुपए तय की गई है। ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले लाइट मोटर व्हीकल के नए रजिस्ट्रेशन के लिए 10 हजार और नवीनीकरण के लिए 20 हजार रुपए की फीस तय की गई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन में मिलेगी छूट

मसौदे में बैटरी से चलने वाले या इलेक्ट्रिक व्हीकल को रजिस्ट्रेशन में छूट देने की बात कही गई है। मसौदे में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को किसी रजिस्टर्ड स्क्रैप डीलर से स्क्रैप कराकर सर्टिफिकेट लेता है तो नई इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदते समय उसे रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी। साथ ही रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण में देरी पर 300 रुपए प्रतिमाह की लेट फीस लगाई गई है। नए वाहनों का स्मार्ट कार्ड रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

15 साल से पुरानी गाड़ियों की फिटनेस फीस तय

नए मसौदे में सरकार ने 15 साल से पुरानी गाड़ियों की फिटनेस फीस भी तय कर दी है। मोटर साइकिल की मैनुअल फिटनेस फीस 400 रुपए और ऑटोमेटेड के लिए 800 रुपए तय किए गए हैं। थ्रीव्हीलर के लिए मैनुअल 800 रुपए और ऑटोमेटेड के लिए 1200 रुपए की फीस तय की गई है। 15 साल से पुरानी ट्रांसपोर्ट गाड़ी के लिए हर 6 महीने में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा 8 साल तक के पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों को दो साल में 1 बार और 8 से 15 साल पुराने वाहनों को हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य बनाया गया है। हालांकि, राजधानी दिल्ली में पहले से ही 15 साल पुराने वाहन चलाने पर बैन लगा हुआ है।

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