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  • Made in India cars export increased in America in 2018

ऑटो /अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सख्ती रही बेअसर, अमेरिका में भारतीय कारों का बढ़ा दबदबा 

  • वर्ष 2018 में भारत से अमेरिका को 65.4 करोड़ डॉलर मूल्य की कारों का निर्यात किया गया। 

Moneybhaskar.com

Nov 11,2019 03:23:08 PM IST

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे अरसे से भारतीय प्रोडक्ट पर ज्यादा टैरिफ लगाने के चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप की तरफ से Harley Davidson बाइक पर भारतीय के ज्यादा टैरिफ के जबाव में भारतीय ऑटो सेक्टर पर ज्यादा टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उनका मानना है कि अमेरिका भारतीय चीजों पर कम टैरिफ लगाता है, जबकि भारत अमेरिकी प्रोडक्ट को ज्यादा टैरिफ लगाकर व्यापार असंतुलन की स्थिति पैदा कर रहा है। अमेरिका ने पिछले साल कई भारतीय प्रोडक्ट पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था। हालांकि इसका असर भारतीय ऑटो सेक्टर के निर्यात पर नही पड़ा है।

अमेरिका में मेड इन इंडिया कार बढ़ा दबदबा

अमेरिकी सख्ती के बावजूद मेड इन इंडिया कारों के लिए मार्च में समाप्त पिछले वित्त वर्ष में अमेरिका तीसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार बन गया है। उससे एक साल पहले तक 30 लाख डॉलर मूल्य के निर्यात के साथ अमेरिका भारतीय कार निर्यातकों के लिए शीर्ष 80 देशों में भी शामिल नहीं था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2018 में भारत से अमेरिका को 65.4 करोड़ डॉलर मूल्य की कारों का निर्यात किया गया।

ECosport बनीं वजह

बीएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी को मेड इन इंडिया कार निर्यात में बढ़ोत्तरी की मुख्य वजह ईको स्पोर्ट (Eco Sports) एसयूवी है। कंपनी ने अपने चेन्नई संयंत्र में बनने वाली ईकोस्पोर्ट एसयूवी को पिछले साल से अमेरिका निर्यात करना शुरू किया है। भारत से कार निर्यात के मामले में फोर्ड ने कोरियाई कार विनिर्माता हुंडई को भी पीछे छोड़ दिया है। अब तक हुंडई भारत से सबसे ज्यादा कारों का निर्यात करती थी। हालांकि फोर्ड ने अलग-अलग देशों के लिए निर्यात का आंकड़ा साझा नहीं किया है।

मैक्सिको भारत के लिए सबसे बड़ा बाजार

भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार 1.69 अरब डॉलर के साथ मैक्सिको है और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका (66.6 करोड़ डॉलर) का स्थान है। वित्त वर्ष 2017 में ब्रिटेन तीसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार था लेकिन वित्त वर्ष 2018 में भारत से निर्यात होने वाले 7.1 अरब डॉलर मूल्य के कुल कार निर्यात में से 9 फीसदी से अधिक अमेरिका को निर्यात किया गया।

पिछले साल अमेरिका को 45,000 कार हुई निर्यात

फोर्ड ईकोस्पोर्ट की घरेलू बाजार में कीमत 7.8 से 11.8 लाख रुपये के बीच है। अगर निर्यात के लिए औसत मूल्य 10 लाख रुपए रखें तो कंपनी ने पिछले साल अमेरिका में 45,000 कारों का निर्यात किया है। वाहनों के संगठन सायम के आंकड़ों के अनुसार फोर्ड ने पिछले साल विभिन्न बाजारों में 90,500 ईकोस्पोर्ट का निर्यात किया है। ईकोस्पोर्ट के विनिर्माण के लिए फोर्ड के 6 वैश्विक केंद्रों में से एक भारत भी है। वित्त वर्ष 2018 में वाहन उद्योग की ओर से 7,47,287 कारों का निर्यात किया गया।

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