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  • Looking at Auto Expo 2020 as launching pad for revival says SIAM president Rajan Wadhera

ऑटो एक्सपो 2020 /लॉन्च होंगे 60 नए वाहन, 5 से 12 फरवरी के बीच ग्रेटर नोएडा में

  • 350 से लेकर 750 रुपए के बीच होगा टिकट
  • आयोजकों ने साल 2020 के ऑटो एक्सपो को रद करने का विचार किया था
  • भारतीय वाहन उद्योग के लिए साबित हो सकता है बेहतरी का लॉन्चिंग पैड : सियाम

Moneybhaskar.com

Dec 20,2019 06:55:44 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय ऑटो इंडस्ट्री लंबे वक्त से आर्थिक सुस्ती का सामना कर रही है। हालांकि साल 2020 ऑटो इंडस्ट्री को मजबूती दे सकता है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के प्रेसीडेंट राजन वढेरा ने कहा कि मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि यूपी के ग्रेटर नोएडा में आगामी 5 से 12 फरवरी के बीच होने वाला ऑटो एक्सपो भारतीय वाहन इंडस्ट्री की बेहतरी का लॉन्चिंग पैड साबित हो सकता है और इसके बाद सुस्त पड़ी इंडस्ट्री में डिमांड बढ़ सकती है।

60 से ज्यादा वाहनों की होगी लॉन्चिंग

सियाम की मानें, तो ऑटो एक्सपो में करीब 60 नए वाहनों को लॉन्च और शोकेस किया जा सकता है। ऑटो शो में चीन की ग्रेड वॉल मोटर कंपनी और फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क (FAW) एमजी मोटर इंडिया के साथ अपना डेब्यू कर सकती हैं। ऑटो एक्सपो के दौरान बड़ी कार निर्माता कंपनियां होंडा, टोयोटा, फोर्ड, बीएमडब्ल्यू, ऑडी, लेक्सस, वॉल्वो और जैगुआर लैंड रोवर के साथ दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर मौजूद नहीं रहेंगी। वहीं साल 2018 के एडिशन में गैरमौजूद रहने वाली कंपनी जैसे मारुति सुजुकी, ह्युंडाई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और किआ के साथ स्कोडा और फॉक्सवैगन दोबारा से इस साल के ऑटो शो में वापसी करेंगी।

इस साल के ऑटो एक्सपो को रद करने का था विचार


उन्होंने कहा कि लगातार पिछली 5 तिमाही से ऑटो सेक्टर में मंदी देखी जा रही है। इसकी वजह से कई ऑटो कंपनियां कारोबारी लिहाज से चुनौतियों का सामना कर रही है। शायद यही वजह है कुछ कंपनियों ने इस साल के ऑटो एक्सपो से दूरी बना रखी है। वढ़ेरा ने कहा कि मंदी की वजह से ऑटो कंपनियों के साथ बैठक में सभी ने एक बार ऑटो एक्सपो को इस साल रद करने के बारे में भी विचार किया था। हालांकि बाद में सभी ने ऑटो एक्सपो की सहमति दे दी। उन्होंने कहा कि ऑटो एक्सपो को स्थगित करना एक देश के कद के साथ ही लाखों ग्राहकों की उम्मीदों को झटका पहुंचा सकता था। हमने विचार किया कि जिस वक्त प्रोडक्शन 30 फीसदी से नीचे हो और प्लांट अपनी क्षमता का मात्र 70 फीसदी की दर से काम कर रहे हो, तो ऐसे वक्त में नुकसान होना वाजिब है और क्या हमें ऐसे वक्त ऑटो एक्सपो करके पैसा बर्बाद करना चाहिए। हालांकि कई लोगो ने ऐसे वक्त में भी आगे बढ़ने पर जोर दिया, जब खर्च के बावजूद ग्राहकों की तरफ से डिमांड नहीं आ रही है। ऐसे में मौजूदा वक्त ऑटो कंपनियां सकरात्मक माहौल के साथ आगे बढ़ रही है। साथ ही देश में कंज्यूमर सेंटीमेंट, फाइनेंशियल उपलबध्ता में सुधार देखा जा रहा है।

350 से 750 के बीच रहेगा टिकट

संयोजकों ने इस साल के ऑटो एक्सपो के टिकट की कीमत में बदलाव न करते हुए इसे 350 से लेकर 750 रुपए के बीच रखा है। संयोजकों को उम्मीद है कि इस बार पिछले एडिशन के 6 लाख पब्लिक विजिटर्स के आंकड़े को पार किया जा सकेगा। वढ़ेरा की मानें, तो ऑटो एक्सपो का मुख्य आकर्षण क्लीन एनर्जी व्हीकल, बीएस6 वाहन, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाइब्रिड व्हीकल के साथ कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी वाले वाहन होंगे।

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