ऑटो /सरकार ने वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग डाटा बेच कमाए 65 करोड़ रुपए

  • 87 प्राइवेट और 32 सरकारी कंपनियों को सरकार ने बेचा डाटा

Moneybhaskar.com

Jul 11,2019 12:07:00 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने डाटा शेयरिंग पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर अब आपके पास किसी कंपनी का कॉल आता है, और वो आपके पूरे वाहन की जानकारी रखता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार खुद आपका डाटा बेच रही है और उसके बदले कमाई कर रही है।

87 प्राइवेट कंपनियों और 32 सरकारी कंपनियों को बेचा डाटा

केंद्र सरकार ने व्हीकल रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस डाटा को बेचकर कमाई शुरू कर दी है। इस साल की शुरुआत में व्हीकल डाटा बेचने की पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। सरकार की तरफ से अब तक 87 प्राइवेट कंपनियों और 32 सरकारी कंपनियों को वाहन डाटा बेचा गया है।

25 करोड़ व्हीकल रजिस्ट्रेशन और 15 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस डाटा मौजूदा

इस योजना के तहत वाहन टाटा खरीदने वाली कंपनियों को विहान और सारथी डाटाबेस एक्सेस करने की इजाजत मिल जाती है, जिसका उपयोग अब तक देशभर में आरटीओ करता था। विहान और सारथी को पहली बार साल 2011 में पेश किया गया था, जिस पर मौजूदा वक्त में बड़े पैमाने पर वाहन डाटा मौजूद है। विहान साफ्टवेयर में व्हीकल रजिस्ट्रेशन, टैक्स, फिटनेस, चालान और परमिट का डाटा मौजूद है, जबकि सारथी डाटाबेस में ड्राइविंग लाइसेंस, फीस की डिटेल मौजूद है। इस दोनों प्लेटफार्म पर करीब 25 करोड़ व्हीकल रजिस्ट्रेशन और 15 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस डिटेल मौजूद है।

नितिन गडकरी ने दी जानकारी

सड़क परिवहन राज्यमंत्री गडकरी ने राज्यसभा में दिए गए अपने अपनी लिखित जवाब में बताया कि बल्क डाटा शेयरिंग पॉलिसी के तहत प्राइवेट कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को डाटा एक्सेस की इजाजत दी जाती है। इसमें शैक्षणिक संस्थान से एक साल के लिए 3 करोड़ रुपए, सरकारी संस्थानों से 5 करोड़ रुपए लिए जाते हैं।

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