Home » Auto » Industry/ Trends10 X 15 का झोपड़ा और दो दोस्‍तों का हौंसला, तब जाकर तैयार हुई थी पहली हार्ले-डेविडसन

10 X 15 का झोपड़ा और दो दोस्‍तों का हौंसला, तब जाकर तैयार हुई थी पहली हार्ले-डेविडसन

करीब 117 साल से ज्‍यादा पुरानी मोटरसाइकि‍ल कंपनी हार्ले-डेवि‍डसन का नाम एक साथ लिया जाता है।

1 of

नई दि‍ल्‍ली। करीब 117  साल से ज्‍यादा पुरानी मोटरसाइकि‍ल कंपनी हार्ले-डेवि‍डसन का नाम एक साथ लिया जाता है। लेकि‍न यह कम ही लोग जानते हैं कि‍ हार्ले और डेवि‍डसन दो दोस्‍तों का नाम है जि‍न्‍होंने इस कंपनी की शुरुआत की थी। आज हार्ले-डेवि‍डसन ग्‍लोबल मार्केट   में ऐसा ब्रांड है जि‍सका कोई जवाब नहीं। इतना ही नहीं, यह उस वक्‍त की और आज के दौर की यह बेहतरीन सक्‍सेस स्‍टोरीज में से एक है। हम यहां हार्ले-डेवि‍डसन से जुड़े कुछ ऐसे फैक्‍ट्स के बारे में बता रहे हैं जि‍न्‍हें शायद आप न जानते हों।  

 

दोस्‍तों ने शुरू कि‍या मोटरसाइकि‍ल पर काम

 

1901 में 20 साल के वि‍लि‍यम एस. हार्ले ने एक छोटे 7.07 क्‍यूबि‍क इंच (116 सीसी) इंजन और चार इंच फ्लाइंगव्‍हील के साथ प्‍लान बनाया। इस इंजन को रेग्‍युलर पेडल साइकि‍ल फ्रेम में लगाने के लि‍ए डीजाइन कि‍या गया। दो साल तक हार्ले और उनके बचपन के दोस्‍त आर्थर डेवि‍डसन ने अपनी मोटर-साइकि‍ल पर काम कि‍या। उन्‍होंने Milwaukee में अपने दूसरे दोस्‍त हेनरी मि‍ल्‍क की मशीन शॉप का इस्‍तेमाल कि‍या। आर्थर के भाई वॉल्‍टर डेवि‍डसन की मदद से 1903 में इसका काम पूरा हो गया लेकि‍न उन्‍होंने पाया कि‍ यह पहाड़ों पर सही नहीं चल रही है।  

 

आगे पढ़ें...

 

पहली हार्ले-डेवि‍डसन बाइक

 

1903 में ही उन्‍होंने तुरंत नई और बेहतर सेकंड जेनरेशन मशीन पर काम शुरू कि‍या था। यह पहली 'रीयल' हार्ले-डेवि‍डसन मोटरसाइकि‍ल थी जि‍समें बड़ा 405 सीसी इंजन और 9.75 इंच फ्लाइंगव्‍हीकल्‍स लगे थे। इस बाइक को हार्ले और डेवि‍डसन के स्‍कूल के दोस्‍त हेनरी मि‍ल्‍क ने खरीदा। 4 जुलाई 1905 में हार्ले-डेवि‍डसन बाइक ने Milwaukee में 15 माइल्‍स की रेस को भी जीता। 

 

मजे की बात यह है इस पहले प्रोटोटाइप को डेवि‍डसन के घर के पीछे 10 ft × 15 ft की जगह पर बनाया गया था। उसी साल हार्ले-डेवि‍डसन के पहले डीलर कार्ल. एस. लैंग (शि‍कागो में) ने पांच में से तीन मोटरसाइकि‍ल्‍स को बेचा था। 

 

आगे पढ़ें...

 

1907 पर बनी कंपनी

 

1907 में वि‍लि‍यम एस. हार्ले ने वि‍स्‍कॉन्‍सि‍न-मेडि‍यन यूनि‍वर्सि‍टी से मैकेनि‍कल इंजीनि‍यरिंग में ग्रेजूएशन  की डि‍ग्री हासि‍ल की। उसी साल उन्‍होंने अपनी फैक्‍ट्री को बढ़ाया। नई फैसेलि‍टी के साथ 1907 में ही 150 मोटरसाइकिल्‍स तक प्रोडक्‍शन को बढ़ाया। आधि‍कारि‍क तौर पर सि‍तंबर में कंपनी का गठन कि‍या गया। उन्‍होंने पुलि‍स डि‍पार्टमेंट्स को मोटरसाइकि‍ल्‍स बेचना शुरू कि‍या। 

 

वि‍लि‍यम ए. डेवि‍डसन, भाई आर्थर और वॉल्‍टर डेवि‍डसन ने Milwaukee रोड़ रेलरोड़ से अपनी नौकरी छोड़कर मोटर कंपनी के साथ जुड़ गए। 1909 में डार्ले-डेवि‍डसन ने पहला वी-ट्वीन इंजन पेश कि‍या।   

 

आगे पढ़ें...

 

वर्ल्‍ड वार-1 और वर्ल्‍ड वार-2 में बेचीं बाइक्‍स

 

1917 में वर्ल्‍ड वार-1 में अमेरि‍का घूसा और मि‍लि‍ट्री की ओर से मोटरसाइकि‍ल्‍स की डि‍मांड की गई। हार्ले-डेवि‍डसन पहले ही Pancho Villa में मि‍लि‍ट्री द्वारा इस्‍तेमाल की जा रही थी लेकि‍न वर्ल्‍ड वार-1 में पहली बार मोटरसाइकि‍ल को मि‍लि‍ट्री ने इश्‍यू कि‍या। अमेरि‍की मि‍लि‍ट्री ने 20 हजार मोटरसाइकि‍ल्‍स को हार्ले-डेवि‍डसन से खरीदा। वहीं, वर्ल्‍ड वार-2 में 90 हजार हार्ले-डेवि‍डसन मोटरसाइकि‍ल्‍स को खरीदा गया। हार्ले डेवि‍डसन को दो आर्मी-नेवी 'E' अवॉर्ड दि‍ए गए। 

 

आगे पढ़ें... 

 

1998 में पहली बार अमेरि‍का से बाहर खोली फैक्‍ट्री

 

1998 में पहली बार हार्ले-डेवि‍डसन ने अमेरि‍का से बाहर ब्राजील में फैक्ट्री खोली। कंपनी ने फ्री इकोनॉमी जोन का फायदा उठाने हुए फैक्ट्री को शुरू कि‍या। इसका लोकेशन ऐसा था कि‍ कंपनी साउथ हेमस्‍पेयर मार्केट में मोटरसाइकिल्‍स को बेच सकती थी। 

 

आगे पढ़ें...

 

2009 में आई भारत

 

अगस्‍त 2009 में हार्ले-डेवि‍डसन ने भारत में एंट्री करने का ऐलान कि‍या और 2010 में कंपनी ने मोटरसाइकि‍ल्‍स को बेचना शुरू कि‍या। कंपनी ने 2011 में गुडगांव (अब गुरुग्राम) में हार्ले-डेवि‍डसन इंडि‍या नाम से सब्‍सि‍डयरी बनाई और इंडि‍यन डीलर नेटवर्क बनाया।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट