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20 साल बाद बंद हुई TATA Indica, पहली देसी कार जि‍सने मारुति‍ को कि‍या था मजबूर

टाटा मोटर्स ने आखि‍रकार इंडि‍का और अपनी कॉम्‍पैक्‍ट सेडान इंडि‍गो eCS का प्रोडक्‍शन बंद कर दि‍या है।

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नई दि‍ल्ली। लॉन्च के करीब 20 साल बाद टाटा मोटर्स ने आखि‍रकार इंडि‍का और अपनी कॉम्‍पैक्‍ट सेडान इंडि‍गो eCS का प्रोडक्‍शन बंद कर दि‍या है। इन दोनों कारों को बंद करने के फैसले पर टाटा मोटर्स के स्‍पोक्‍सपर्सन ने कहा कि‍ टाटा मोटर्स के बदलते     डीजाइन और बदलते मार्केट के साथ यह फैसला लि‍या गया है। हमने इंडि‍का और इंडि‍गो को बंद करने का फैसला लि‍या है। टाटा इंडि‍का पहली ऐसी कार थी जि‍सने देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या को दाम घटाने पर मजबूर कर दि‍या था।  

 

मि‍लता रहेगा ऑफटर सेल्‍स सपोर्ट

 

टाटा इंडि‍का और इंडि‍गो eCS  का प्रोडक्‍शन भले ही बंद कर दि‍या गया हो लेकि‍न इसके मौजूदा कार मालि‍कों को ऑफ्टर सेल्‍स सपोर्ट मि‍लेगा। टाटा के स्‍पोक्‍सपर्सन ने कहा कि‍ हम अपने इंडि‍का और इंडि‍गो कस्‍टमर्स को जरूरी सर्वि‍स सपोर्ट देते रहेंगे। 

 

इंडि‍का से डर गई थी मारुति

 

इंडि‍का को पहली बार 1998 ऑटो एक्‍सपो में पेश कि‍या गया था और इसने सब को हैरान कर दि‍या था। इसे इटेलि‍यन डीजाइन हाउस I.DE.A ने स्टाइलि‍श लुक दि‍या था और यह सही मायने में देश की पहली स्‍वदेशी कार थी। टाटा इंडि‍का को उसी साल दि‍संबर में लॉन्‍च कि‍या जाना था लेकि‍न उससे पहले मारुति‍ ने अपनी 800 की कीमत को 30 हजार रुपए तक घटा दि‍या था। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि‍ टाटा इंडि‍का की कीमत को भी बेहद कम रखा गया था और इसका पेट्रोल मॉडल मारुति‍ जेन, ह्युंडई सेंट्रो और मटि‍ज से सस्‍ता था। 

 

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रतन टाटा की सोच पर बनी इंडि‍का 

 

इस कार ने टाटा मोटर्स (उस वक्‍त टेल्‍को) को नया रास्‍ता भी दि‍या, जोकि‍ केवल ट्रक्‍स ही बना रही थी। 1991 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने रतन टाटा की सोच की वजह से ही इंडि‍का बन पाई थी। वह कारों को लेकर उस वक्‍त भी उतने ही उत्‍साहि‍त थे जि‍तने आज हैं। 

 

रतन टाटा को वि‍श्‍वास था कि‍ उनका  प्रोडक्‍ट उस मार्केट में टि‍क सकता है जहां मारुति‍ का ही कब्‍जा है। वह ऐसी कार बनाना चाहते थे जो 'इसका स्‍पेस अम्‍बेसडर जि‍तना हो और साइज मारुति‍ जेन जि‍तना' जबकि‍ कीमत मारुति‍ 800 के करीब। 

 

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बदला इंजन, तो बदली कि‍स्‍मत

 

इंडि‍का के लॉन्च होने के एक साल बाद इसकी बुकिंग करीब 1 लाख हो चुकी थी जि‍समें से लगभग 60 हजार लोगों ने इसे खरीदा था। हालांकि‍, इंजन में आने वाली आवाज और क्‍वालि‍टी को लेकर सवाल उठने लगे। 2001 में टाटा ने इंडि‍का में नया इंजन V2 लगाया जि‍सने इसकी कि‍स्‍मत बदल दी। 

 

टाटा मोटर्स की वेबसाइट के मुताबि‍क, 2001 के पहले 11 महीने में टाटा ने इंडि‍का की 55 हजार यूनि‍ट्स को बेचा। वहीं, सेल्‍स ग्रोथ के मामले में इंडि‍का ने मारुति‍ जेन और ह्युंडई सेंट्रो को पीछे छोड़ दि‍या था। हालांकि‍, सेंट्रो और जेन का मार्केट में उस वक्‍त काफी ज्‍यादा था। 

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