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इन 5 कारों को सेकंड हैंड लेने में भी डरते हैं लोग, इन वजहों से होते हैं परेशान

कुछ ऐसी पावरफुल कारें भी हैं जो देखने और चलाने में अच्‍छी तो हैं लेकि‍न लंबे समय में यह परेशान भी करती हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। शायद आप यह न जानते हों कि‍ भारत का यूज्‍ड कार मार्केट नई कार मार्केट से ज्‍यादा बढ़ा है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि‍ लोगों के पास यूज्‍ड कार मार्केट में कहीं ज्‍यादा ऑप्‍शन मि‍लते हैं। यूज्‍ड कार मार्केट में बायर्स अच्‍छी और बेहतर कारों को कम दाम पर आसानी से खरीद लेते हैं। हालांकि‍, कुछ ऐसी पावरफुल कारें भी हैं जो देखने और चलाने में अच्‍छी तो हैं लेकि‍न लंबे समय में यह परेशान भी करती हैं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ कारों के बारे में बता रहे हैं जि‍न्‍हें लोग सेकंड हैंड मार्केट से लेने में कतराते हैं। 

 

फि‍एट पालि‍ओ 

 

फि‍एट पालि‍यो की 1.6 जीटीएक्‍स वेरि‍एंट को अपने समय की फास्‍टेस्‍ट और पावरफुल कार माना जाता है। इस कार में 1.6 लीटर चार सि‍लेंडर पेट्रोल इंजन लगा है जोकि‍ 100 बीएचपी पावर और 137 एनएम टॉर्क को जेनरेट करता है। हालांकि‍, इस कार को लेने में एक परेशानी यह है कि इसके इंजन पार्ट्स का मि‍लना मुश्‍कि‍ल होता है। इसके अलावा, अगर आप टॉप वेरि‍एंट नहीं लेते हैं तो आपको एयरबैग्‍स और एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर्स भी नहीं मिलेंगे। 

 

क्‍या है परेशानी: इंजन पार्ट्स का मि‍लना मुश्‍कि‍ल

 

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शेवरले कैपटि‍व

 

शेवरले की कैपटि‍व 2.0 की परफॉर्मेंस कई दूसरी स्‍पोर्ट्स यूटिलि‍टी व्‍हीकल्‍स (एसयूवी) से बेहतर है। यह काप 200 कि‍मी प्रति‍ घंटे की स्‍पीड से चल सकती है। इस कार का ऑटोमैटि‍क वेरि‍एंट की उपलब्‍ध है। लेकि‍न परेशानी यह है कि‍ जनरल मोटर्स ने भारत में अपनी कारों को बेचना बंद कर दि‍या है। ऐसे में आप इसे कम दाम पर खरीद तो सकते हैं लेकि‍न इसे दोबारा बेचने में दिक्‍कत होगी। 

 

क्‍या है परेशानी: रीसेल करने में होगी दिक्‍कत

 

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मारुति‍ कि‍जाशी

 

सुजुकी ने भारत के लि‍ए एक मात्र लग्‍जरी कार कि‍जाशी को पेश कि‍या था लेकि‍न यह कार सफल नहीं हो पाई। यह कार पावरफुल होने के साथ-साथ बेहतरीन डि‍जाइन के साथ उतारी गई थी। लेकिन इस कार को सेकंड हैंड मार्केट में लेने की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि‍ भारत में इसके गि‍ने-चुने मॉडल्स को बेचा गया है। ऐसे में इस कि‍जाशी को मैनटेन करने के लि‍ए जापान से पार्ट्स इंपोर्ट करने होंगे जोकि‍ काफी खर्चीला पड़ सकता है। 

 

क्‍या है परेशानी: इंपोर्ट करने पड़ेंगे पार्ट्स, मैनटेनेंस हो जाएगा खर्चीला

 

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फोर्ड फि‍एस्‍टा

 

फोर्ड फि‍एस्‍टा को कंपनी ने आईकन के बाद उतारा था। फि‍एस्‍टा कई मामलों में आईकन से बेहतर थी। इसके अलावा, फि‍एस्‍टा मोटरस्‍पोर्ट्स के तौर पर भी काफी पॉपुलर थी। हालांकि‍, उस वक्‍त फोर्ड की कारों का मैनटेनेंस आज के दौर के मुकाबले काफी महंगा था। यानी फोर्ड फि‍एस्‍टा के सेकंड हैंड मॉडल का आज भी मैनटेनेंस काफी खर्चीला है। 

 

क्‍या है परेशानी: काफी खर्चीला है मैनटेनेंस 

 

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शेवरले टवेरा

 

शेवरले टवेरा को टूर एंड ट्रैवल और कैब सर्वि‍सेज के लि‍ए काफी ज्‍यादा यूज कि‍या गया है। लेकि‍न परेशानी यह है कि‍ जनरल मोटर्स ने भारत में अपनी कारों को बेचना बंद कर दि‍या है। ऐसे में आप इसे कम दाम पर खरीद तो सकते हैं लेकि‍न इसे दोबारा बेचने में दिक्‍कत होगी।

 

क्‍या है परेशानी: रीसेल करने में होगी दिक्‍कत

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