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अब बस ISI हेलमेट पास बाकी फेल, बेचने वाले को बि‍ना वारंट होगी जेल, जान लें नए नि‍यम

रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मि‍नि‍स्‍ट्री ने हाल ही में नोटि‍फि‍केशन जारी करते हुए कहा है कि‍ हेलमेट कंपनि‍यां इंडि‍यन स्‍टैंडर्ड इंस्‍टीट्यूट (ISI) द्वारा तय स्‍टैंडर्ड के बि‍ना कोई भी टू-व्‍हीलर हेलमेट्स न बेच सकते हैं न ही अपने पास रख सकते हैं।

MoneyBhaskar

Aug 08,2018 02:39:00 PM IST

नई दि‍ल्‍ली। रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मि‍नि‍स्‍ट्री ने हाल ही में नोटि‍फि‍केशन जारी करते हुए कहा है कि‍ हेलमेट कंपनि‍यां इंडि‍यन स्‍टैंडर्ड इंस्‍टीट्यूट (ISI) द्वारा तय स्‍टैंडर्ड के बि‍ना कोई भी टू-व्‍हीलर हेलमेट्स न बेच सकते हैं न ही अपने पास रख सकते हैं। अगर कोई ऐसा करता है कि‍ इससे जुड़े लोगों को बि‍ना वारंट के हि‍रासत में लि‍या जाएगा, जिनमें हेलमेट बनाने वाली कंपनियों से जुड़े लोगों और बेचने वाले भी शामिल हैं। पहली बार अपराध करने पर दो साल की जेल या 2 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा।

क्‍या हैं नए स्‍टैंडर्ड्स

नए स्‍टैंडर्ड्स के तहत एक हेलमेट का वजन 1.2 कि‍लोग्राम के बराबर या उससे कम होना चाहि‍ए, जबकि‍ मौजूदा वजन मानक 1.5 कि‍लोग्राम है। इसके अलावा भारत में बि‍कने वाले सभी हेलमेट्स के लि‍ए BIS ने नए टेस्‍ट को अनि‍वार्य कि‍या है। इसमें नए इम्‍पैक्‍ट एब्‍जॉर्बेशन टेस्‍ट के साथ नए और ज्‍यादा इम्‍पैक्‍ट प्‍वाइंट्स शामि‍ल कि‍ए गए हैं। इसके अलावा, अब टेस्‍ट के तहत वि‍भि‍न्‍न तापमान और नमी की स्‍थि‍ति‍ में इम्‍पैक्‍ट को शामि‍ल कि‍या गया है। इतना ही नहीं, घि‍साई और रोकने की ताकत को ज्‍यादा प्रभावशाली करने के लि‍ए टेस्‍ट कि‍या जाएगा।

इंडस्‍ट्री का क्‍या है कहना

टू-व्‍हीलर हेलमेट मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसि‍एशन के प्रेसि‍डेंट राजीव कपूर ने कहा कि‍ सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम बेहद कारगर साबि‍त होने वाला है। इससे नॉन- ISI हेलमेट्स के इस्‍तेमाल, बेचने, बनाने और जमा करने पर रोक लगेगी। इतना ही नहीं, भारत में यूरोपियन और अमेरि‍कन स्‍टैंडर्ड के तहत एक्‍सपोर्ट होने वाले हेलमेट्स को भी ISI स्‍टैंडर्ड के मुताबि‍क प्रोडक्‍ट बनाना होगा। इसके बि‍ना इन प्रोडक्‍ट्स को यहां नहीं बेचा जा सकेगा।

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पहना तो चालान पक्का नॉन ISI मार्क वाले हेलमेट इस्तेमाल करने वालों पर कानून का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना देना होगा। बीआईएस के मानकों के मुताबिक, नॉन आईएसआई ISI हेलमेट अवैध हैं। बिना आईएसआई मार्क वाले हेलमेट पहनकर बाइक चलाने या पीछे बैठे पैसेंजर ने उसे पहना तो चालान का नियम है। हाफ हेलमेट स्वीकार्य हैं, लेकिन उन पर आईएसआई का मार्क होना चाहिए। आगे पढ़ें...ISI अप्रूव्ड हेलमेट बनाने की लागत इंडस्ट्री के मुताबिक, ISI अप्रूव्ड हेलमेट के प्रोडक्शन की कम से कम लागत 300 रुपए से 400 रुपए पड़ती है। यहां इस तरह के हेलमेट्स के कई रेप्लिका (एक जैसा दिखने वाले) उपलब्ध हैं और वह भी 100 रुपए कीमत में। इस तरह के हेलमेट ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे जाने वाले चालान से बचने के लिए खरीदे जाते हैं। हालांकि, क्रैश के दौरान यह किसी तरह का प्रोटेक्शन नहीं देते।
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