1 सितंबर से बढ़ गई कार-बाइक की ऑन रोड कीमत, किस गाड़ी पर देना होगा कितना एक्स्ट्रा पैसा

अगर आप 1 सितंबर या इससे बाद कार या टू-व्हीलर खरीद रहे हैं तो आपको इसके ऑन रोड प्राइस पर ज्यादा खर्चा करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इरडा ने 1 सितंबर 2018 से लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य कर दिया गया है। अब कार और टू-व्हीलर्स को खरीदने के वक्त ही कम से कम तीन साल और पांच साल इंश्योरेंस कवर लेना होगा। हालांकि, इससे कंज्यूमर्स को हर साल इंश्योरेंस रीन्यू कराने की दिक्कत कम हो जाएगी।

MoneyBhaskar

Sep 01,2018 03:49:00 PM IST

नई दिल्ली। अगर आप 1 सितंबर या इससे बाद कार या टू-व्हीलर खरीद रहे हैं तो आपको इसके ऑन रोड प्राइस पर ज्यादा खर्चा करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इरडा ने 1 सितंबर 2018 से लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य कर दिया गया है। अब कार और टू-व्हीलर्स को खरीदने के वक्त ही कम से कम तीन साल और पांच साल इंश्योरेंस कवर लेना होगा। हालांकि, इससे कंज्यूमर्स को हर साल इंश्योरेंस रीन्यू कराने की दिक्कत कम हो जाएगी। यहां हम आपको बताते हैं कि किस तरह की कार या टू-व्हीलर के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की कॉस्ट कितनी पड़ेगी।

कारों का इंश्योरेंस

यदि आप 1,000 सीसी से कम कैपेसिटी वाले इंजन की कार खरीदे हैं तो आपको तीन साल के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए 5,286 रुपए खर्च करने होंगे। इस हिसाब से मारुति सुजुकी ऑल्टो, रेनो क्विड से लेकर वैगन आर की ऑन रोड प्राइज बढ़ जाएगी।

ऐसे में 1,000 सीसी से 1,5000 सीसी की कारों का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 9,534 रुपए होगा। इसके तहत स्विफ्ट, बलेनो से लेकर ह्युंडई क्रेटा की कीमत बढ़ जाएगी। वहीं, 1,500 सीसी और उससे ज्यादा इंजन कैपेसिटी वाली कारों के लिए 24,305 रुपए देने होंगे।

स्कूटर और बाइक की ऑन रोड कीमत बढ़ेगी

कारों की तरह टू-व्हीलर्स का ऑन रोड प्राइस भी बढ़ जाएगा। अब टू-व्हीलर्स के लिए 5 पांच का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना होगा। ऐसे में अगर आप 75 सीसी इंजन का टू-व्हीलर खरीदने पर 1,045 रुपए खर्च करना होगा। वहीं, 150 सीसी से 350 सीसी के लिए 3,285 रुपए और 350 सीसी से ज्यादा इंजन कैपेसिटी के लिए 13,034 रुपए खर्च करने होंगे।

आगे पढ़ें...

 

PUC भी चेक करें बीमा कंपनियां 

 

रोड सेफ्टी पर बनी सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने देश के इंश्‍योरेंस रेग्‍युलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) से कहा था कि वे बीमा कंपनियों को व्‍हीकल्‍स की सेल के समय ही एक अनिवार्य लॉन्‍ग टर्म इंश्‍योरेंस पॉलिसी ऑफर करें। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों से यह भी देखने के लिए कहा था कि हर व्‍हीकल के पास मोटर बीमा पॉलिसी के रिन्‍यूअल के समय वैध पॉल्‍यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) है।

 

50 फीसदी वाहनों के पास नहीं है थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस 

 

सभी व्‍हीकल्‍स के लिए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस जरूरी होता है लेकिन देश में 50 फीसदी से अधिक ऐसे व्‍हीकल सड़कों पर चल रहे हैं, जिन्‍होंने एक बार के बाद आगे थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस रिन्‍यू नहीं कराया। अभी व्‍हीकल खरीदते वक्‍त 1 साल का इंश्‍योरेंस किया जाता है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने यह समय बढ़ा कर टू-व्‍हीलर के लिए पांच और फोर व्‍हीलर व्‍हीकल्‍स के लिए तीन साल कर दिया है। 

 

आगे पढ़ें...

 

कंपनियों के पास हैं लॉन्‍ग टर्म प्रोडक्‍ट्स

 

बीमा कंपनियों ने लॉन्‍ग टर्म मोटर इंश्‍योरेंस प्रोडक्‍ट्स डिजाइन किए है, जो व्‍हीकल के डैमेज के साथ-साथ थर्ड पार्टी के लिए पर्याप्‍त है। थर्ड पार्टी कवर से आशय व्‍हीकल से तीसरे व्‍यक्ति को होने वाले नुकसान को कवर करने से है। 

 

इंश्‍योरेंस कंपनियों को मिलेगी मदद 

 

रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के कार्यकारी निदेशक और सीईओ राकेश जैन ने कहा कि ऐसे देश में जहां कुल वाहनों में से 50 फीसदी से अधिक के पास इंश्‍योरेंस ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश बहुत मदद करेगा। इससे वाहन मालिक को भी अनुशासन में रहने का सबक मिलेगा। अभी वाहनों को पहली बार खरीदे जाने पर बीमा कवर अनिवार्य है, लेकिन कई मामलों में उन्हें बाद में रिन्‍यू नहीं कराया जाता।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.