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सबसे ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों में Ignis की एंट्री, ये हैं 10 टॉप की लि‍स्‍ट

सबसे ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों की लि‍स्‍ट में इस बार मारुति‍ सुजुकी की इग्‍नि‍स का नाम भी शामि‍ल हो गया है।

maruti suzuki ignis enter in top 10 exported cars list
 
नई दि‍ल्‍ली। साल 2017-18 में सबसे ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों की लि‍स्‍ट में इस बार मारुति‍ सुजुकी की इग्‍नि‍स का नाम भी शामि‍ल हो गया है। मारुति‍ सुजुकी सुजुकी ने इग्‍नि‍स कंपनी की हैचबैक सेगमेंट की कार है जि‍से नेक्‍सा शोरूम के जरि‍ए बेचा जा रहा है। अभी तक इस लि‍स्‍ट में मारुति‍ की बलेनो का नाम था। हालांकि‍, टॉप 10 एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों की लि‍स्‍ट में अमेरि‍की कंपनि‍यों का कब्‍जा है।
 
सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के आंकड़ों के मुताबि‍क, भारत से एक्‍सपोर्ट करने के मामले में अमेरि‍की कंपनी फोर्ड की इंडि‍यन सब्‍सि‍डयरी फोर्ड इंडि‍या टॉप पॉजि‍शन पर रही। वहीं, जनरल मोटर्स भी एक्‍सपोर्ट के मामले में आगे है।
 
इन दो कारों पर टि‍का है मारुति‍ का 48 फीसदी एक्‍सपोर्ट  
 
मारुति‍ सुजुकी की बलेनो और इग्‍नि‍स पर कंपनी का करीब 48 फीसदी एक्‍सपोर्ट टि‍का है। 2017-18 में मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या ने बलेनो की 41,433 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। बलेनो इस लि‍स्‍ट में सातवें नंबर पर है। वहीं, मारुति‍ इग्‍नि‍स का एक्‍सपोर्ट आंकड़ा 22,969 है और यह दसवें पायदान पर है। मारुति‍ इग्‍नि‍स पहली बार इस लि‍स्‍ट में शामि‍ल हुई है। मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या का एक्‍सपोर्ट 1,23,903 यूनि‍ट्स हुआ। इसकी ग्रोथ सालाना आधार पर 1.53 फीसदी है। पि‍छले साल कंपनी ने 1.20 लाख यूनि‍ट्स रहा।
 
फोर्ड की तीन कारें लि‍स्‍ट में
 
2017-18 में फोर्ड इंडि‍या ने 1,81,148 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। इसमें पि‍छले साल की तुलना में 14.31 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। एक्‍सपोर्ट होने वाले पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की लि‍स्‍ट में पहले नंबर पर 90,599 यूनि‍ट्स के साथ फोर्ड ईकोस्‍पोर्ट का नाम है। पि‍छले साल कंपनी ने ईकोस्‍पोर्ट की 79,539 यूनि‍ट्स एक्‍सपोर्ट की थीं।  
 
इस लि‍स्‍ट में फोर्ड की दूसरी कारें भी शामि‍ल हैं। ईकोस्‍पोर्ट के अलावा फोर्ड फि‍गो और फोर्ड फि‍गो एस्‍पायर भी टॉप 10 एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों की लि‍स्‍ट में हैं। फोर्ड ने फि‍गो की 61,241 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है जबकि‍ एस्‍पायर की 29,308 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। लि‍स्‍ट में फि‍गो चौथे पायदान पर है जबकि‍ एस्‍पायर का नंबर नौंवा है। 
 
दूसरे नंबर पर भी अमेरि‍की कार
 
एक्‍सपोर्ट के मामले में अमेरि‍की कंपनि‍यों की कारें सबसे ऊपर हैं। ईकोस्‍पोर्ट के बाद दूसरे पायदान पर अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स की बीट का नाम है। जीएम ने भारत में कारों को बेचना बंद कर दि‍या है लेकि‍न कंपनी ने एक्‍सपोर्ट को जारी रखा है। 2017-18 में जीएम ने बीट की 83,140 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या जोकि‍ पि‍छले साल 70,735 यूनि‍ट्स थी। कंपनी अपने पूणे प्‍लांट से चिली, सेंट्रल अमेरि‍का, पेरू और अर्गेंटीना जैसे मार्केट्स में एक्‍सपोर्ट कर रही है।  
 
तीसरे नंबर पर वेंटो का नाम
 
फॉक्‍सवैगन की वेंटो की सेल्‍स इंडि‍यन डोमेस्‍टि‍क मार्केट में सालाना आधार पर गि‍र गई है लेकि‍न एक्‍सपोर्ट के मामले में यह तीसरे नंबर पर है। 2017-18 में फॉक्‍सवैगन ने वेंटो की 77,005 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। यह आंकड़ा पि‍छले साल 71,539 यूनि‍ट्स था। फॉक्‍सवैगन इंडि‍या का एक्‍सपोर्ट भी 2017-18 में 90,382 यूनि‍ट्स के 4.06 फीसदी बढ़ा है। 
 
ह्युंडई की दो कारें भी लि‍स्‍ट में
 
ह्युंडई के एक्‍सपोर्ट में 2017-18 के दौरान 7.39 फीसदी की गि‍रावट दर्ज की गई है लेकि‍न टॉप 10 की लि‍स्‍ट में कंपनी की दो कारें हैं। कंपनी ने क्रेटा की 50,820 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। वहीं,  ग्रैंड आई10 की 44,907 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। लि‍स्‍ट में ह्युंडई क्रेटा और ग्रैंड आई10 का नंबर क्रमश: पांचवां और छठा है। ह्युंडई ने इस अवधि‍ में 1,53,942 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या है जबकि‍ पि‍छले साल यह आंकड़ा 1,67,120 यूनि‍ट्स था। 
 
लि‍स्‍ट में नि‍सान की एक कार
 
इस लि‍स्‍ट में नि‍सान की कार सन्‍नी का भी नाम है। नि‍सान ने 2017-18 में सन्‍नी की 34,075 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट जबकि‍ पि‍छले साल यह आंकड़ा 31,425 यूनि‍ट्स का था। नि‍सान सन्‍नी इस लि‍स्‍ट में आठवें पायदान पर है। 
 
2017-18 में एक्‍सपोर्ट होने वाली कारें  
 
कार एक्‍सपोर्ट (यूनि‍ट्स)
ईकोस्‍पोर्ट 90,599
बीट 83,140
वेंटो 77,005
फोर्ड फि‍गो 61,241
ह्युंडई क्रेटा 50,820
ग्रैंड आई10 44,907
बलेनो 41,433
सन्‍नी 34,075
एस्‍पायर 29,308
इग्‍नि‍स 22,969

 

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