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ईको फ्रेंडली कारों पर बंटी ऑटो इंडस्‍ट्री, मारुति‍ लगा रही है बड़ा दांव, होंडा ने माना चुनौती

भारत में ग्रीन और क्‍लीन ऑटोमोबाइल टेक्‍नोलॉजीज को पेश करने पर इंडस्‍ट्री बंट गई है।

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नई दि‍ल्‍ली। भारत में ग्रीन और क्‍लीन ऑटोमोबाइल टेक्‍नोलॉजीज को पेश करने पर इंडस्‍ट्री बंट गई है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या (MSI) ने कहा है कि वह वि‍भि‍न्‍न तरह की वैकल्‍पि‍क टेक्‍नोलॉजीज पर काम रही है, जि‍समें न केवल इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स हैं बल्‍कि‍ सीएनजी चलि‍त कार और हाइब्रि‍ड व्‍हीकल्‍स भी शामि‍ल हैं। वहीं, जापान की बड़ी कार कंपनी होंडा की इंडियन सब्‍सि‍डयरी होंडा कार्स इंडि‍या ने कहा कि‍ भारत में स्‍पष्‍ट पॉलि‍सी ढांचे के अभाव में ईको फ्रेंडली टेक्‍नोलॉजी को डेवलप करना बड़ी चुनौती है।   

 

मारुति‍ का क्‍या है कहना

 

MSI  के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने कहा कि‍ हम सीएनजी, हाइब्रि‍ड और दूसरी वैकल्‍पि‍क टेक्‍नोलॉजीज के इस्‍तेमाल को बढ़ाने की कोशि‍श कर रहे हैं। हम खुद को एक टेक्‍नोलॉजी तक सीमि‍त नहीं रखना चाहते बल्‍कि‍ हम सभी टेक्‍नोलॉजीज पर जोर दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ कंपनी ऑयल इंपोर्ट और एअर पॉल्‍युशन को कम करने में मदद करना चाहते हैं।

 

जो सरकार का मकसद, वहीं हमारा भी: मारुति

 

भार्गव ने कहा कि‍ हम देश में क्‍लीन कारेंं चाहते हैं, हम ऑयल इंपोर्ट और पॉल्‍यूशन को कम करना चाहते हैं। हमारा मकसद वही है जो सरकार का है। इसके लि‍ए हम अपनी सारी उम्‍मीदों को बैटरी कॉस्‍ट को कम करने पर नहीं लगाना चाहते। हम दूसरी टेक्‍नोलॉजीज पर भी वि‍चार कर रहे हैं। इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स की लागत कम होने के इंतजार की जगह कंपनी दूसरी टेक्‍नोलॉजीज जैसे सीएनजी को देश में चाहती है। 

 

होंडा ने कहा- स्‍पष्‍ट नहीं है पॉलि‍सी

 

होंडा कार्स इंडि‍या लि‍. के सीनि‍यर वीपी एंड डायरेक्‍टर मार्केटिंग एंड सेल्‍स राजेश गोयल ने बताया कि‍ हमने ऐलान कि‍या है कि‍ 2030 तक हमारा दो-ति‍हाई प्रोडक्‍शन या तो गैर परंपरागत, हाइब्रि‍ड या प्‍लग इन या इलेक्‍ट्रि‍क या फ्यूल सेल वाला होगा। तो इसके लि‍ए हमारे पास हर तरह की टेक्‍नोलॉजी है। हालांकि‍, उन्‍होंने कहा कि‍ जब तक भारत में पॉलि‍सी फ्रेमवर्क हमारे लि‍ए स्‍पष्‍ट नहीं होगा तब तक इस मामले पर क्‍या और कब तक ठोस योजना बनाई जाए, यह तय करना मुश्‍कि‍ल है। उन्‍होंने कहा कि‍ टेक्‍नोलॉजी की उपलब्‍ध हमारे लि‍ए कोई परेशानी की बात नहीं है। 

 

भारत में टेक्‍नोलॉजी लाने में कोई परेशानी नहीं: होंडा

 

गोयल ने यह भी कहा कि‍ पॉलि‍सी फ्रेमवर्क के अलावा, हमारे लि‍ए यहां टेक्‍नोलॉजी लाना, चाहे वह हाइब्रि‍ड हो या इलेक्‍ट्रि‍क, उसमें कोई भी प्रॉब्‍लम नहीं है क्‍योंकि‍ हम इस तरह के प्रोग्राम दूसरे देशों में भी चला रहे हैं। तो टेक्‍नोलॉजी के लिहाज से हमारे पास हर चीज उपलब्‍ध है। उन्‍होंने कहा कि‍ दुनि‍या में पर्यावरण अनुकूल टेक्‍नोलॉजी के मामले में होंडा काफी आगे है। हम पहली कंपनी ने जि‍सने 10 साल पहले सि‍वि‍क के साथ भारत में हाइब्रि‍ड को पेश कि‍या था।

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