Home » Auto » Industry/ Trendsभारत के इन कस्‍बों में बनी कारें वि‍देशों में हि‍ट - small township become cars exporter

भारत के 4 कस्‍बे, अपनी कारों के लि‍ए दुनि‍या भर में हैं फेमस

देशी और वि‍देशी कंपनि‍यों ने भारत को मैन्‍युफैक्‍चरिंग हब के तौर पर यूज करने लगे हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री दुनि‍या भर में तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि‍ देशी और वि‍देशी कंपनि‍यों ने भारत को मैन्‍युफैक्‍चरिंग हब के तौर पर यूज करने लगे हैं। इतना ही नहीं, कुछ कंपनि‍यां अपने चुनिंदा मॉडल्‍स को केवल वि‍देशों में बेचने के मकसद से भारत में बना रही हैं। खास बात यह है कि‍ दुनि‍या भर में वि‍भि‍न्‍न देशों में बि‍कने और चलने वाली ये मेड इन इंडि‍या कारें बड़े-बड़े शहरों से नहीं बल्‍कि‍ छोटे-छोटे कस्‍बों में बन रही हैं। 

 

इन कस्‍बों में लगे कंपनि‍यों के मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट न केवल भारती की बल्‍कि‍ वि‍देशों में बढ़ रही कारों की डि‍मांड को भी पूरा कर रहे हैं। इसमें फोर्ड इंडि‍या, ह्युंडई मोटर्स, मारुति‍ सुजुकी, जनरल मोटर्स, फॉक्‍सवैगन, नि‍सान और रेनो जैसी कंपनि‍यां प्रमुख हैं। इन कंपनि‍यों का एक्‍सपोर्ट सबसे ज्‍यादा है। भारत में बनी कारों को सबसे ज्‍यादा मैक्‍सि‍को, साउथ अफ्रीका और साउदी अरब में एक्‍सपोर्ट कि‍या जा रहा है।  

 

छोटे से कस्‍बे से वि‍देश जा रही हैं ह्युंडई की कारें

 

अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18: 83,076 कारों का एक्‍सपोर्ट

 

देश की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी ह्युंडई मोटर इंडि‍या न केवल डोमेस्‍टि‍क मार्केट की डि‍मांड पूरी कर रही है बल्‍कि‍ वह भारत में लगे अपने मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट का इस्‍तेमाल वि‍देशी डिमांड को पूरा करने के लि‍ए भी कर रही है। ह्युंडई का प्‍लांट श्रीपेरम्बदूर ताल्‍लुका, तमि‍लनाडु में है। यहां कंपनी की हाल ही में लॉन्‍च हुई सेडान वरना, ग्रैंड आई10, एलि‍ट आई20, क्रेटा आदि‍ कारों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग होती है। कुछ दि‍न पहले ही कंपनी को मि‍डल ईस्‍ट से मेड इन इंडि‍या वरना सेडान एक्‍सपोर्ट करने का ऑर्डर मि‍ला है। 

 

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छोटे से कस्‍बे में बन रही है फोर्ड की कारें

 

अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18:  93,162 कारों का एक्‍सपोर्ट

 

फोर्ड इंडि‍या भारत की सबसे बड़ी एक्‍सपोर्टर कंपनी बन गई है। सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबि‍क, पैसेंजर और यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल्‍स को मि‍लकार पर फोर्ड इंडि‍या ने अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18 में 93,162 कारों का एक्‍सपोर्ट कि‍या है। कंपनी का प्‍लांट गुजरात के सांणद में है। इस प्‍लांट से एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों में फोर्ड एस्‍पायर और फोर्ड फि‍गो का नाम है। वहीं, फोर्ड के चेन्‍नई प्‍लांट में बनी फोर्ड ईकोस्‍पोर्ट को अमेरि‍का में एक्‍सपोर्ट कि‍या जाएगा।  
 
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मारुति‍ सुजुकी की कारें

 

अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18: 70,429 कारों का एक्‍सपोर्ट

 

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या (एमएसआई) के हरि‍याणा में मौजूद मानेसर प्‍लांट में बनी कारों को डोमेस्‍टि‍क मार्केट में ही नहीं बल्‍कि‍ वि‍देशों में भी एक्‍सपोर्ट कि‍या जा रहा है। मारुति‍ की टॉप सेलिंग कार बलेनो और स्‍वि‍फ्ट को मानेसर प्‍लांट में बनाया जा रहा है। वहीं, सुजुकी मोटर गुजरात के मेहसाणा प्‍लांट में भी बलेनो का प्रोडक्‍शन हो रहा है। यहां से बनी बलेनो को जापान में भी एक्‍सपोर्ट कि‍या जा रहा है। इसके अलावा, बलेनो को न्‍यूजीलैंड, ऑस्‍ट्रेलि‍या, यूरोप और लैटि‍न अमेरि‍का में एक्‍सपोर्ट कि‍या जाता है। मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या का दूसरा प्‍लांट हरियाणा के गुडगांव शहर में है। 

 

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मेड इन इंडि‍या फॉक्सवैगन

 

अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18: 56,481 कारों का एक्‍सपोर्ट

 

जर्मनी की कार कंपनी फॉक्‍सवैगन का भारतीय ईकाई ने मैक्‍सि‍को और दूसरे मार्केट में अपनी एक्‍सपोर्ट एक्‍टि‍वि‍टी को बढ़ा दि‍या है। अप्रैल-अक्‍टूबर 2017-18 के दौरान कंपनी ने 56,481 कारों को एक्‍सपोर्ट कि‍या है। कंपनी की ओर पोलो और एमि‍ओ को एक्‍स्‍पोर्ट किया जाता है। साथ ही, वेंटो का एक्‍सपोर्ट सबसे ज्‍यादा हो रहा है। कंपनी ने इसी साल जुलाई में भारत में बनी 2.50 लाख लेफ्ट हैंड पोलो और वेंटों कारों को एक्‍सपोर्ट करने का आंकड़ा हासि‍ल कि‍या।

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