बिज़नेस न्यूज़ » Auto » Industry/ Trendsइस शख्‍स ने फरारी से ली थी दुश्‍मनी, दोस्‍तों की मौत का ऐसे लि‍या बदला

इस शख्‍स ने फरारी से ली थी दुश्‍मनी, दोस्‍तों की मौत का ऐसे लि‍या बदला

ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री के इति‍हास में कंपनि‍यों के बीच कई तरह की दुश्‍मनी देगी गई हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री के इति‍हास में कंपनि‍यों के बीच कई तरह की दुश्‍मनी देगी गई हैं। लेकि‍न यहां एक अलग तरह का मुकाबला देखा गया। यह कि‍सी वि‍शेष कारों और डीलर सेल्‍स के लि‍ए नहीं था। यह एक मोटरस्‍पोर्ट्स मुकाबला था और यह केवल ड्राइवर्स के बीच नहीं रहा। एक वक्‍त पर कार रेसिंग की दुनि‍या पर फरारी का कब्‍जा था। जो लोग कार नहीं चलाते थे वह भी फरारी को पहचानते थे। लेकि‍न फरारी ने जाने-अनजाने कई लोगों को अपने खि‍लाफ खड़ा कर दि‍या। इसी में एक शख्‍स रहा कैरोल शेलबे। कैरोल शेलबे एक कार रेसर, एक मैकेनि‍क और एक बि‍जनेसमैन रहे जि‍न्‍होंने फरारी से सीधा मुकाबला कि‍या।

 

फरारी के लि‍ए ड्राइव की कार

 

कैरोल शेलबे इटालि‍यन डि‍जाइनर एंजो फरारी को हराना चाहते। उन्‍होंने यह काम एस्‍टन मार्टि‍न के ड्राइवर के तौर पर 1959 में एफएआई वर्ल्‍ड स्‍पोर्ट्सकार चैम्‍पि‍यनशि‍प में फरारी को हराया था। हालांकि‍, इसके बाद उन्‍होंने फरारी के लि‍ए भी फॉर्मूला वन में कार रेस की थी।

 

एंजो फरारी को पसंद नहीं करते थे कैरोल

 

50 के दशक में शेलबे फरारी के लि‍ए कई बार ड्राइव कर चुके थे और उनका रि‍शत ब्रांड के साथ काफी अच्‍छा था। लेकि‍न 58 के फ्रेंच ग्रॉ प्री के दौरान उनके दोस्‍त Luigi Musso समेत कई ड्राइवर्स की मौत के बाद शेलबे ने एंजो फरारी को हराने का व्‍यक्‍ति‍गत मि‍शन बना लि‍या क्‍योंकि‍ उन्‍होंने अपने दोस्‍तों की मौत का जि‍म्‍मेदार एंजो को ठहराया। फरारी को ड्राइवर्स के साथ माइंड गेम और एक-दूसरे के खि‍लाफ मुकाबला करने के लि‍ए जाना जाता था ताकि‍ कॉम्‍पीटि‍शन के लेवल को ऊपर रखा जा सके। 1960 की शुरुआत में ही शेलबे ने अपनी फरारी कि‍लर, शेलबे डेटोना पर काम शुरू कर दि‍या।

 

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फरारी को हराने का मि‍शन

 

नाजी द्वारा डेवलप की गई थि‍योरी का इस्‍तेमाल करते हुए शेलबे ने कोबरा डेटोना पर काम शुरू कि‍या। कोबरो डेटोना एक पतली एरोडायनैमि‍क कार थी जो लंगे यूरोपीयन ट्रैक्‍स पर कॉम्‍पीटि‍शन में दूसरो को पछाड़ने के लि‍ए काफी थी। वहीं, छोटे ट्रैक्‍स पर वह कम एरोडायमैनि‍क एफआईए का इस्‍तेमाल करते थे। इन दोनों के कॉम्‍बि‍नेशन ने फरारी को हराने का काम कि‍या। इतना ही नहीं इस टेक्‍नोलॉजी को शेलबे ने यूज कि‍या वह सक्‍सेस के लि‍ए बेंचमार्क बन गई।

 

 

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फोर्ड के साथ मि‍लकर शेलबे ने बनाई जीटी कार

 

60 के दशक की शुरुआत तक फॉर्मूला वन और मोटरस्‍पोर्ट्स रेसिंग में फरारी को टक्‍कर देने वाला कोई नहीं था। अमेरि‍का की ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड कार रेसिंग में अपनी सफलता तलाश रही थी। लेकि‍न फरारी को हराना फोर्ड के लि‍ए काफी मुश्‍कि‍ल हो रहा था। फोर्ड ने कैरोल शेलबे की ओर से नि‍युक्‍त केन माइल्‍स से मि‍टिंग की। केन माइल्‍स वर्ल्‍ड वार 2 के टैंक कमांड थे जो बाद में स्‍पोर्ट्स कार रेसर बन गए थे। माइल्‍स उस वक्‍त देश के सबसे अच्‍छे ड्राइवर्स में से एक थे। फोर्ड ने उन्‍हें जीटी40 को टेस्‍ट करने के लि‍ए कहा। तब फोर्ड और शेलबे टीम ने मि‍लकर जीटी40 को डेवलप कि‍या।

 

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शेलबे की मदद से फोर्ड ने दी फरारी को मात

 

कैरोल शेलबे ने कार रेस को चैलेंज के तौर पर लि‍या। शेलबे टीम की ओर से डेवलप और टेस्‍ट की गई जीटी40 को 1966 Le Mans में उतारा और इस कार ने इति‍हास बना दि‍या। पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर फोर्ड रेसिंग टीम की ही कारें थीं और फरारी आठवें नंबर पर रही।

 

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फोर्ड के लि‍ए बनाई मस्‍टैंग कार

 

कैरोल शेलबे टीम ने फोर्ड की कार रेसिंग टीम के लि‍ए मस्‍टैंग जीटी कारों को डेवलप करना शुरू कि‍या।

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