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खास खबर: ट्रंप और मोदी के बीच 'Bike वार', दांव पर लगे कारोबारी रि‍श्‍ते

कुछ दि‍नों से ट्रंप लगातार व्‍हाइट हाउस में नरेंद्र मोदी को नि‍शाने पर ले रहे हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। आपने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति‍ डोनाल्‍ड ट्रंप को हाथ मि‍लाते और गले लगते देखा होगा। लेकि‍न कुछ दि‍नों से ट्रंप लगातार व्‍हाइट हाउस में नरेंद्र मोदी को नि‍शाने पर ले रहे हैं। इन दोनों लीडर्स की दोस्‍ती बाइक वार में बदल गई है। जी हां, आपने बि‍ल्‍कुल सही पढ़ा। यह बाइक वार हार्ले डेवि‍डसन की वजह से छि‍ड़ गई है। दरअसल भारत सरकार ने हार्ले डेवि‍डसन जैसी हाई ऐंड मोटरसाइकि‍ल्‍स पर कस्‍टम ड्यूटी 25 फीसदी घटा दी है। लेकि‍न ट्रंप चाहते हैं मोदी इस कस्‍टम ड्यूटी को पूरी तरह से खत्‍म कर दें जि‍ससे की वह अमेरि‍का में अपनी पॉलि‍टि‍क्‍स कर सकें। आइए हम आपको समझाते हैं कि‍ हार्ले डेवि‍डसन के नाम को लेकर कि‍स तरह का खेल खेला जा रहा है।   

 

क्‍यों ट्रंप हार्ले डेवि‍डसन को लेकर हैं इतना परेशान?

 

आखि‍र अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति‍ डोनाल्‍ड ट्रंप को एक बाइक कंपनी की इतनी तरफदारी क्‍यों कर रहनी पड़ रही है। ट्रंप ने कहा, 'यह एक महान कंपनी है। जब मैंने हार्ले के प्रेसि‍डेंट से बात की तो उन्‍होंने इस लि‍ए कुछ भी नहीं मांगा क्‍योंकि‍ वह इतने लंबे समय से  ट्रेड कर रहे हैं कि‍ वह हैरान हो गए जब मैंने यह मुद्दा उठाया।  

 

हार्ले की स्‍थि‍ति‍ कुछ समय से खराब हो गई है। इंटरनेशनल मार्केट ही नहीं हार्ले अपने ही घर यानी अमेरि‍का में ही सेल्‍स को सुधार नहीं पा रहा है। हार्ले डेवि‍डसन ने 2017-18 के चौथे क्‍वार्टर के नतीजों पर नजर डालें तो अमेरि‍का में डार्ले की सेल्‍स में 11.1 फीसदी की गि‍रावट दर्ज की गई। वहीं, वि‍देशी मार्केट में 7.7 फीसदी सेल्‍स गि‍री है। टोटल सेल्‍स की बात करें तो हार्ले डेवि‍डसन की सेल्‍स 9.6 फीसदी कम रही है। कैलेंडर ईयर के हि‍साब से 2017 में हार्ले डेवि‍डसन की सेल्‍स एशि‍या पैसेफि‍क में 7.7 फीसदी घटी है, जि‍समें भारत भी शामि‍ल है।   

 

क्‍यों हार्ले के कंधे पर ट्रंप ने रखी है बंदूक?

 

ट्रंप लगातार अमेरि‍का में डोमेस्‍टि‍क मैन्‍युफैक्‍चरिंग बढ़ाने की बात रहे हैं और इसलि‍ए उन्‍होंने बीते साल हार्ले डेवि‍डसन की यूएस मैन्‍युफैक्‍चरिंग मौजूदगी को लेकर तारीफ की थी और ग्‍लोबल टैरि‍फ पर आरोप लगाया था कि‍ कंपनी को वि‍देशों में बि‍जनेस करना 'बेहद मुश्‍कि‍ल' हो गया है। 

 

क्‍यों ट्रंप की धमकी का मोदी पर नहीं पड़ रहा कोई फर्क?

 

भले ही ट्रंप धमकी दे रहे हों लेकि‍न मोदी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि‍ भारतीय टू-व्‍हीलर कंपनि‍यों के लि‍ए अमेरि‍का एक्‍सपोर्ट मार्केट नहीं है। कॉमर्स मि‍नि‍स्‍ट्री के आंकड़ों के मुताबि‍क, 2016-17 में भारत ने अमेरि‍का में 2,440 मोटरसाइकि‍ल्‍स का एक्‍सपोर्ट कि‍या था। इसमें एंट्री लेवल की मोटरसाइकि‍ल्‍स नहीं है, जि‍से भारत से ज्‍यादातर देशों में एक्‍सपोर्ट कि‍या जाता है। 2,440 यूनि‍ट्स में 150 बाइक्‍स ऐसे ही हैं जि‍सका इंजन 500 सीसी से ज्‍यादा है।

 

भारत की कंपनि‍यों को भी नहीं है कोई डर

 

भारत में सबसे ज्‍यादा मोटरसाइकि‍ल्‍स को एक्‍सपोर्ट करने के मामले में बजाज ऑटो का नाम सबसे ऊपर आता है। बजाज ऑटो ने अप्रैल-सि‍तंबर के दौरान 6.83 लाख यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या। कंपनी के एक्‍सपोर्ट में तेजी नाइजि‍रि‍या, कोलंबि‍या और फि‍लि‍पींस की वजह से दर्ज की गई। इसके अलावा, कंपनी थाईलैंड और मलेशिया में एंट्री करने पर भी वि‍चार कर रही है। बजाज ऑटो के लि‍ए सबसे बड़े एक्‍सपोर्ट मार्केट ब्राजील और लैटि‍न अमेरि‍का हैं। 

 

वहीं, टीवीएस मोटर्स के लि‍ए अफ्रीका, एशि‍या और लैटि‍न अमेरि‍का बड़े एक्‍सपोर्ट मार्केट हैं। इसके अलावा, हीरो मोटोकॉर्प के लि‍ए बांग्‍लादेश, कोलंबि‍यो बड़े मार्केट हैं। कंपनी ने कहा है कि‍ वह 2019 तक ब्राजील और मैक्‍सि‍को में भी एंट्री करेगी। 

 

इसके बावजूद कंपनी इस साल वि‍देशी मार्केट में ग्रोथ की उम्‍मीद कर रही है। चौथे क्‍वार्टर की रि‍पोर्ट जारी करते हुए हार्ले के चीफ फाइनेंशि‍यल ऑफि‍सर जॉन ओलि‍न ने बताया, 'हमारा अनुमान है कि‍ इंटरनेशनल रि‍टेल सेल्‍स में ग्रोथ की वजह से यूएस रि‍टेल डीलर रि‍टेल सेल्‍स में गि‍रावट रह सकती है।'

 

हार्ले के नाम पर कौन सा गेम खेल रहे हैं ट्रंप? 

 

हार्ले डेवि‍डसन के नाम पर डोनाल्‍ड ट्रंप दूसरी की राजनीति‍ खेल रहे हैं। असल में, ट्रंप लंबे समय से अमेरि‍का में संरक्षणवाद के तहत रेसि‍प्रोकल टैक्‍स (जि‍तना टैक्‍स अमेरि‍का पर लगता है उतना ही हम भी लगाएंगे) लगाने की बात कर रहे हैं। मोदी ने जब ट्रंप को यह बताया कि‍ हमने हाई एंड बाइक की कस्‍टम ड्यूटी को 75 फीसदी से 50 फीसदी कर दि‍या है तो उनहें दोबारा अपने पत्‍ते खेलने का मौका मि‍ल गया। यही वजह है कि‍ ट्रंप ने अमेरि‍का में बि‍कने वाली भारतीय बाइक्‍स के लि‍ए जीरो ड्यूटीज पर इशारा करते हुए कहा कि‍ वह उन देशों के खि‍लाफ 'रेसि‍प्रोकल टैक्‍स' को बढ़ावा देंगे जो अमेरि‍की प्रोडक्‍ट्स पर टैरि‍फ लगाते हैं।

 

अगर हार्ले पर टैक्‍स जीरो हो भी गया, तो क्‍या होगा?

 

ब्रांड गुरु हरीश बि‍जूर ने बताया कि‍ हार्ले की कीमत ज्‍यादा और ड्यूटी लगने के बाद यह और भी ज्‍यादा हो जाती है। अगर जीरो इंपोर्ट ड्यूटी हो जाती है तो भी यह इंडि‍यन मेड मोटरसाइकि‍ल्‍स से महंगी ही रहेगी। जब भी वि‍कसीत देशों से नौकरि‍यां जाने की बात होती है भारत को बलि‍ के बकरे की तरह यूज कि‍या जाता है। लेकि‍न भारत पर आरोप लगाने से अमेरि‍की राष्‍ट्रपति‍ डोमेस्‍टि‍क सेंटीमेंट नहीं सुधार सकते। न ही इससे हार्ले डेवि‍डसन को भारत में कोई मदद मि‍लेगी। 

 

 

आगे पढ़े मोदी पर क्यों काम नहीं आ रहा है ट्रंप का प्रेशर...

 

 

क्‍या अमेरि‍का को नहीं मि‍ल रहा है मोदी का साथ

 

अमेरि‍का की ओर से भारत में इंपोर्ट कम होता जा रहा है। शायद यह भी वजह है कि‍ ट्रंप लगातार मोदी को नि‍शाने पर ले रहे हैं। भारत के गुड्स और सर्वि‍स एक्‍सपोर्ट्स में करीब 20 फीसदी हि‍स्‍सेदारी अमेरिका की है और उनका व्‍यापार घाटा 2006 में 13 अरब डॉलर से बढ़कर 2016 में 31 अरब डॉलर हो गया है। 

 

इतना ही नहीं, आंकड़ों के मुताबि‍क, अमेरि‍का से भारत इंपोर्ट होने वाली मोटरसाइकि‍ल्‍स (500 सीसी से ज्‍यादा इंजन वाली) 2016-17 में 1,820 यूनि‍ट्स थी जोकि‍ 2017-18 के अप्रैल-नवंबर माह के दौरान गि‍रकर 790 यूनि‍ट्स पर पहुंच गई। वैल्‍यू के हि‍साब से यह इंपोर्ट 1.16 करोड़ डॉलर से घटकर 59.6 लाख डॉलर पर पहुंच गया है।  

 

भारत में कि‍तने की बि‍कती है हार्ले डेवि‍डसन

 

भारत में हार्ले डेवि‍डसन के कई मॉडल्‍स मौजूद हैं, इसमें एचडी स्ट्रीट से लेकर सीवीओ तक शामि‍ल हैं। भारत में हार्ले डेवि‍डसन की मोटरसाइकि‍ल्‍स की कीमत 5 लाख रुपए से 50 लाख रुपए तक है। हार्ले डेवि‍डसन के अलावा भारत में दूसरी अमेरिकी बाइक कंपनी ट्रायम्‍फ मोटरसाइकि‍ल भी है।

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