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भारत बना दुनि‍या का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऑटो मार्केट, चीन-अमेरिका से ज्‍यादा ग्रोथ

भारतीय व्‍हीकल्‍स इंडस्‍ट्री साल 2017 में फुल स्‍पीड के साथ आगे बढ़ी है।

भारत बना दुनि‍या का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऑटो मार्केट - Indian automotive market become second fastest in the world
 
नई दि‍ल्‍ली। भारतीय व्‍हीकल्‍स इंडस्‍ट्री साल 2017 में फुल स्‍पीड के साथ आगे बढ़ी है। नई कारों और लाइट कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की सेल्‍स 8.8 फीसदी की बढ़त के साथ रि‍कॉर्ड 36.1 लाख यूनि‍ट्स पर रही। यही वजइ है कि‍ वॉल्‍यूम के हि‍साब से भारत दुनि‍या का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऑटोमोबाइल मार्केट बन गया है। साल 2016 में भारत में 33.2 लाख व्हीकल्‍स को बेचा गया था। 
 
ग्‍लोबल ऑटोमोटि‍व एनालिस्‍ट JATO के मुताबि‍क, बेहतर इकोनॉमि‍क कंडीशन के साथ बेहतर डील्‍स और ज्‍यादा कारों के ऑप्‍शन की वजह से सेल्‍स को बूस्‍ट मि‍ला है। साथ ही, भारत ने ग्‍लोबल रैंकिंग में अपनी पॉजि‍शन को बरकरार रखा है। यह लगातार तीसरा साल रहा है जब ग्रोथ बढ़ी है। वहीं, इस बार की ग्रोथ (फीसदी में) 2012 के साथ सबसे ज्‍यादा रही है।  
 
भारत बना पांचवां सबसे बढ़ा व्‍हीकल मार्केट
 
JATO के मुताबि‍क, भारत दुनि‍या पांचवां सबसे बढ़ा व्‍हीकल मार्केट बन गया है। भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट जर्मनी के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत और जर्मनी के बीच का अंतर 2016 में 2.87 लाख यूनि‍ट्स का था जोकि‍ बीते साल केवल 96,200 व्‍हीकल्‍स का रह गया है। पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही और हल्‍के कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की ग्रोथ 19.2 फीसदी रही है।  
 
देश
वॉल्‍यूम सेल्‍स ग्रोथ (2016 Vs 2017)
ब्राजील 9.4 फीसदी
भारत 8.8 फीसदी
इटली 6.9 फीसदी
जापान 5.3 फीसदी
फ्रांस 4.9 फीसदी
कनाडा 4.6 फीसदी
जर्मनी 2.8 फीसदी
चीन 2.3 फीसदी
अमेरि‍का -1.9 फीसदी
यूके -5.4 फीसदी

 

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट
 
JATO के ग्‍लोबल ऑटोमोटि‍व एनालि‍स्‍ट फेलि‍प मूनोज ने कहा कि‍ भारतीय कार मार्केट तेजी से दुनि‍या की टॉप 3 पॉजि‍शन पर पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। इस बार कई ऐसे फैक्‍ट्स है जो आने वाले सालों में मजबूत ग्रोथ का अनुमान देते हैं। ज्‍यादा से ज्‍यादा कार कंपनि‍यां अपने प्रोडक्‍शन को लोकलाइज कर रही हैं और ज्‍यादा मॉर्डन मॉडल्‍स मार्केट में उतारे जा रहे हैं। ऐसा हो सकता है कि‍ भारत इस साल जर्मनी को पीछे छोड़ दे।  
 
छोटी कारों का कब्‍जा बरकरार
 
छोटी कारों का कब्‍जा बरकरार है। सि‍टी कारों और सब कॉम्‍पैक्‍ट की सेल्‍स साल 2017 के दौरान हर 3 में से 2 कारों की रही है। हालांकि‍, केवल सब कॉम्‍पैक्‍ट्स में ही पॉजिटि‍व बदलाव देखा गया। इसका वॉल्‍यूम 9.7 फीसदी बढ़कर 11.1 लाख यूनि‍ट्स पर पहुंच गया। सि‍टी कारों का वॉल्‍यूम स्‍टेबल रहा है और इसकी ग्रोथ 2016 के मुकाबले 0.4 फीसदी कम रही है।  
 
एसयूवी बना तीसरा सबसे बढ़ा सेगमेंट
 
स्‍पोट्स यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल्‍स (एसयूवी) 6,93,900 यूनि‍ट्स की सेल्‍स के साथ तीसरा सबसे बढ़ा सेगमेंट रहा है। इसमें 31.8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। बता दें कि‍ अमेरि‍का, यूरोप और चीन की तरह भारत में भी हाल ही में एसयूवी मार्केट में बूम देखा गया है। टोटल पैसेंजर कार सेल्‍स में एसयूवी सेगमेंट की हि‍स्‍सेदारी 21.5 फीसदी हो गई है जोकि‍ 2016 के मुकाबले 3.9 फीसदी ज्‍यादा है। छोटी, सस्‍ती और ज्‍यादा मॉर्डन एसयूवी आने से इस सेगमेंट को बूस्‍ट मि‍ला है। 
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