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खास खबर: भारत बना वि‍देशी Auto कंपनि‍यों का प्रोडक्शन हब, कर रही हैं बड़ा निवेश

कई वि‍देशी कंपनि‍यां एक्‍सपोर्ट के लि‍ए ज्‍यादा से ज्‍यादा कारों को यहां मैन्‍युफैक्‍चर कर रही है।

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नई दि‍ल्‍ली। भारत से एक्‍सपोर्ट होने वाली कारों की लि‍स्‍ट में फॉक्‍सवैगन वेंटो पहले नंबर पर पहुंच गई है जबकि‍ भारत में इसकी सेल्‍स बेहद कम है। ऐसा सि‍र्फ फॉक्‍सवैगन की वेंटो के साथ ही नहीं है बल्‍कि‍ कई वि‍देशी कंपनि‍यां एक्‍सपोर्ट के लि‍ए ज्‍यादा से ज्‍यादा कारों को यहां मैन्‍युफैक्‍चर कर रही है। उनका डोमेस्‍टि‍क मार्केट पर फोकस कम है।

 
कॉस्‍ट बेनेफि‍ट का फायदा उठाने के लि‍ए ऑटोमोबाइल कंपनि‍यां अपने मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट्स के लि‍ए भारत को टारगेट कर रही हैं। यही वजह है कि‍ कई वि‍देशी ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों के लि‍ए भारत प्रोडक्‍शन हब बन गया है। इसके अलावा, कुछ नई वि‍देशी कार कंपनि‍यां जैसे MG मोटर और Kia मोटर भी भारत में अपना प्‍लांट लगाकर अपना ऑपरेशन शुरू करने वाली हैं। 
 
क्‍यों भारत बना हॉट डेस्‍टि‍नेशन
 
पीडब्‍ल्‍यूसी के ऑटोमोटि‍व पार्टनर अब्‍दुल मजीद ने कहा कि‍ भारत के पास एक्‍सपोर्ट के लि‍ए बेहतरीन लोकेशन है। यहां कंपनि‍यों को कॉस्‍ट बेनेफि‍ट का फायदा मि‍लता है। भारत आने वाले पांच साल में सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऑटोमोबाइल मार्केट हो सकता है। इसके अलावा, लोकल रेग्‍युलेशन आसान होने के साथ ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड्स में भी सुधार आएगा। 
 
गौरतलब है कि‍ ग्‍लोबल लेवल पर टोटल पैसेंजर व्‍हीकल सेल्‍स में अकेले भारत की हि‍स्‍सेदारी करीब 5 फीसदी है जोकि‍ 2001 में केवल 1 फीसदी थी। अमेरि‍का, जापान, स्‍पेन और फ्रांस जैसे देशों में ऑटोमोबाइल सेल्‍स ग्रोथ गि‍री है। भारतीय ऑटोमोबाइल के प्रोडक्‍शन और सेल्‍स में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की गई है।
 
भारत बनता जा रहा है ऑटो एक्‍सपोर्ट हब
 
एशि‍या में चीन के बाद भारत अगला सबसे ज्‍यादा पॉपुलर मैन्‍युफैक्‍चरिंग मार्केट बनता जा रहा है। भारत न केवल छोटी कारों बल्‍कि हैवी व्‍हीकल्‍स के लि‍ए भी ऑटो एक्‍सपोर्ट हब के तौर पर उभर रहा है। सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के आंकड़ों के मुताबि‍क, अप्रैल-मार्च 2017-18 के दौरान भारत ने 7,47,287 पैसेंजर कारों, 96,867 कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स, 28.15 लाख टू-व्‍हीकल्‍स का एक्‍सपोर्ट कि‍या गया है। 
 
'मेक इन इंडि‍या' की वेबसाइट के मुताबि‍क, कई प्रमुख ऑटो कंपनि‍यों ने भारत में अपना प्‍लांट लगाया है जैसे रेनो जोकि‍ अपनी कार 'क्‍वि‍ड' को मॉरि‍शस में, सुजुकी की बलेनो जापान में, होंडा की जैज साउथ अफ्रीका में, फोर्ड की ईकोस्‍पोर्ट अमेरि‍का में और फॉक्‍सवैगन की वेंटा मैक्‍सि‍को में एक्‍सपोर्ट हो रही है। 
 
4 वि‍देशी कंपनि‍यां का भारत में सेल कम एक्‍सपोर्ट ज्‍यादा   
 
भारत में 4 ऐसी वि‍देशी कंपनि‍यां हैं जि‍नकी डोमेस्‍टि‍क मार्केट में सेल्‍स कम है लेकि‍न उनका एक्‍सपोर्ट काफी ज्‍यादा है। इसमें फोर्ड मोटर, जनरल मोटर, नि‍सान और फॉक्‍सवैगन शामि‍ल हैं। सि‍आम के आंकड़ों के मुताबि‍क, फोर्ड ने अप्रैल-मार्च 2017-18 के दौरान डोमेस्‍टि‍क मार्केट में 90,061 यूनि‍ट्स बेचीं जबकि‍ 1,81,148 यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या। वहीं, जनरल मोटर्स ने दि‍संबर 2017 से कारों को बेचना बंद कर दि‍या है। जनरल मोटर केवल भारत से कारों को एक्‍सपोर्ट कर रही है। 
 
कंपनि‍यां डोमेस्‍टि‍क सेल्‍स एक्‍सपोर्ट (2017-18)
फोर्ड इंडि‍या 90,061 1,81,148
जीएम 2,500 83,140
नि‍सान मोटर 52,796 67,829
फॉक्‍सवैगन 45,329 90,328

 

भारत में पैसा लगा रही हैं वि‍देशी कार कंपनि‍यां
 
सरकार के मेक इन इंडि‍या के तहत कई ग्‍लोबल ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों ने बड़े पैमाने पर इन्‍वेस्‍टमेंट शुरू कि‍या है। फॉक्‍सवैगन ने अगले कुछ साल में छह नए मॉडल्‍स को डेवलप करने पर करीब 1 अरब यूरो इन्‍वेस्‍ट करने की योजना का ऐलान कि‍या है। 2021 तक Kia मोटर 2 अरब डॉलर का नि‍वेश करेगी, फि‍लहाल Kia मोटर 1 अरब डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट कर चुकी है। सुजुकी मोटर कॉर्प ने ऐलान कि‍या है कि‍ वह अगले तीन साल में करीब 3 अरब डॉलर का नि‍वेश करेगी। 
 
भारत का ऑटोमोटि‍व मि‍शन प्‍लान 2016-26
 
भारत सरकार के ऑटोमोटिव मि‍शन प्‍लान 2016-26 के तहत साल 2026 तक भारत 1.3 करोड़ पैसेंजर व्‍हीकल्‍स, 30.9 लाख कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स और 5.5 करोड़ टू-व्‍हीकल्‍स की मैन्‍युफैक्‍चरिंग करने का टारगेट है। भारत पहले ही चीन को पीछे छोड़कर दुनि‍या का सबसे बड़ा टू-व्‍हीलर मार्केट बन गया है। इसके अलावा, वॉल्‍यूम के हि‍साब से 2026 तक भारत दुनि‍या का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोटि‍व मार्केट होगा।
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