Home » Auto » Industry/ Trendsharley davidson came in india with mongo for motorcycle deal

आम के बदले मनमोहन सि‍ंह ने हार्ले को दी थी एंट्री, आज ट्रंप और मोदी भिड़े

हार्ले डेवि‍डसन की भारत में एंट्री की कहानी अनोखी है।

1 of

नई दि‍ल्‍ली। इस वक्‍त हार्ले डेवि‍डसन का नाम सुर्खि‍यों में चल रहा है। अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति‍ डोनाल्‍ड ट्रंप लगातार मोदी सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि‍ वह हार्ले डेवि‍डसन पर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी को खत्‍म करे। अमेरि‍का की आईकॉनि‍क मोटरसाइकि‍ल कंपनी हार्ले डेवि‍डसन की भारत में एंट्री भी अनोखी डील के तहत हुई थी। भारत और अमेरि‍का के बीच एक खास डील हुई थी जि‍सकी वजह से हार्ले डेवि‍डसन को दुनि‍या के सबसे बड़ी टू-व्‍हीलर मार्केट में उतरने का मौका मि‍ला था। 

 

कैसे हुई हार्ले की भारत में एंट्री

 

हार्ले डेवि‍डसन की भारत में एंट्री की कहानी अनोखी है। अमेरि‍का में सबसे ज्‍यादा आम का एक्‍सपोर्ट भारत से कि‍या जाता था। 1980 के मध्‍य में अमेरि‍का ने चिंता जताई कि‍ भारत के कि‍सान फ्रूड्स के लि‍ए खतरनाक कीटनाशकों का इस्‍तेमाल करते हैं। इसकी वजह से अमेरि‍का ने भारत से आने वाले आमों के एक्‍सपोर्ट पर बैन लगा दि‍या। 

 

18 साल बाद साल 2006 के दौरान अमेरि‍का के पूर्व राष्‍ट्रपति‍ जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश भारत के दौरे पर आए तो उन्‍होंने मनमोहन सिंह के साथ एक समझौता कि‍या। अमेरि‍का में आम के एक्‍सपोर्ट की मंजूरी इस शर्त पर दी गई कि‍ भारत में हार्ले डेवि‍डसन को एंट्री की अनुमति‍ दी जाएगी। यह समझौता जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच किया गया। इसे 'आम के बदले मोटरसाइकि‍ल' डील का नाम भी दि‍या गया। 

 

आगे पढ़ें...

 

अमेरि‍का पहुंचा आम और भारत में आई हार्ले

 

इस डील के बाद अमेरि‍का में भारत की ओर से दो तरह के आम - अल्‍फांसो और केसरी का एक्‍सपोर्ट शुरू कि‍या गया। जि‍सके कुछ साल बाद 2009 में हार्ले डेवि‍डसन ने भारत में अपना ऑपरेशन शुरू कि‍या और कंपनी ने अपना पहला डीलरशि‍प जुलाई 2010 में खोला। कंपनी ने अपना ऑपरेशन गुडगांव से शुरू कि‍या था। उस वक्‍त हार्ले डेवि‍डसन ने भारत में 11 मॉडल्‍स को उतारा। उस वक्‍त हार्ले की बाइक्‍स पर भारत में इंपोर्ट करने पर 100 फीसदी कस्‍टम ड्यूटी लगती थी।

 

आगे पढ़ें...

 

क्‍यों हार्ले को लेकर मोदी से भि‍डे ट्रंप

 

ट्रंप लंबे समय से अमेरि‍का में संरक्षणवाद के तहत रेसि‍प्रोकल टैक्‍स (जि‍तना टैक्‍स अमेरि‍का पर लगता है उतना ही हम भी लगाएंगे) लगाने की बात कर रहे हैं। मोदी ने जब ट्रंप को यह बताया कि‍ हमने हाई एंड बाइक की कस्‍टम ड्यूटी को 75 फीसदी से 50 फीसदी कर दि‍या है तो उनहें दोबारा अपने पत्‍ते खेलने का मौका मि‍ल गया। यही वजह है कि‍ ट्रंप ने अमेरि‍का में बि‍कने वाली भारतीय बाइक्‍स के लि‍ए जीरो ड्यूटीज पर इशारा करते हुए कहा कि‍ वह उन देशों के खि‍लाफ 'रेसि‍प्रोकल टैक्‍स' को बढ़ावा देंगे जो अमेरि‍की प्रोडक्‍ट्स पर टैरि‍फ लगाते हैं।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट