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बिज़नेस न्यूज़ » Auto » Industry/ TrendsGST रिफंड में फंसा कार कंपनि‍यों का पैसा, 6 माह से गि‍र रहा है PV एक्‍सपोर्ट

GST रिफंड में फंसा कार कंपनि‍यों का पैसा, 6 माह से गि‍र रहा है PV एक्‍सपोर्ट

GST रिफंड में फंसा कार कंपनि‍यों का पैसा, 6 माह से गि‍र रहा है PV एक्‍सपोर्ट

नई दि‍ल्‍ली। पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की सेल्‍स भले ही तेजी से बढ़ रही है लेकि‍न इसका एक्‍सपोर्ट गि‍रता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है गुड्स एंड सर्वि‍स टैक्‍स (जीएसटी) जीएसटी। कई ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों का जीएसटी रिफंड पि‍छले चार महीने से अटका हुआ है। 

 

सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबि‍क, अप्रैल-फरवरी 2017-2018 के दौरान पैसेंजर व्‍हीकल्‍स का एक्‍सपोर्ट 3.48 फीसदी गि‍रकर 5,24,070 यूनि‍ट्स रहा जबकि‍ पि‍छले साल की समान अवधि‍ में यह आंकड़ा 5,42,978 यूनि‍ट्स था। देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद से ही पैसेंजर व्‍हीकल के एक्‍सपोर्ट में गि‍रावट दर्ज की जा रही है। 

 

रिफंड की वजह से दबाव में एक्‍सपोर्ट

 

सि‍आम के डीजी वि‍ष्‍णु माथुर ने कहा कि‍ पैसेंजर व्‍हीकल के एक्‍सपोर्ट पर लगातार दबाव बना हुआ है। एक्‍सपोर्ट में गि‍रावट की बड़ी वजह जीएसटी रिफंड है। उन्‍होंने कहा कि‍ जीएसटी रीफंड सि‍स्‍टम सही ढंग से काम नहीं कर रहा है जि‍सका असर पैसेंजर व्‍हीकल के एक्‍सपोर्ट पर पड़ा है। हमने देखा है कि‍ 5 से 6 बड़ी कंपनि‍यों का रिफंड रुका हुआ है। 

 

ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों को रिफंड नहीं मि‍लने की वजह से कंपनि‍यों ने एक्‍सपोर्ट के वॉल्‍यूम को कम करना शुरू कर दि‍या है। माथुर ने यह भी कहा कि‍ जि‍न मार्केट्स में भारत से एक्‍सपोर्ट कि‍या जाता है उनकी स्‍थि‍ति‍ भी ठीक नहीं है। इन दोनों से इंडि‍यन पैसेंजर व्‍हीकल्‍स का एक्‍सपोर्ट दबाव में है। 

 

जीएसटी आने के बाद से गि‍रा एक्‍सपोर्ट

 

सि‍आम के आंकड़ों के मुताबि‍क, जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से एक्‍सपोर्ट में तेजी से गि‍रावट दर्ज की गई है। जनवरी-मार्च 2017 में एक्‍स्‍पोर्ट 12.56 फीसदी बढ़कर 1,82,473 यूनि‍ट्स पर पहुंच गया था जोकि‍ पहले 1,62,103 यूनि‍ट्स थी। इसी तरह, अप्रैल-जून में यह 13.79 फीसदी बढ़कर 1,80,669 यूनि‍ट्स पर था जोकि‍ एक साल पहले 1,58,770 यूनि‍ट्स पर था। 

 

लेकि‍न जुलाई-सि‍तंबर में एक्‍सपोर्ट 12.87 फीसदी गि‍रकर 1,81,423 यूनि‍ट्स पर पहुंच गया जोकि‍ पहले 2,08,223 यूनि‍ट्स पर था। अक्‍टूबर-दि‍संबर में भी पैसेंजर व्‍हीकल का एक्‍सपोर्ट 7.04 फीसदी गि‍रकर 1,94,329 यूनि‍ट्स पर पहुंच गया जो पहले 2,09,041 यूनि‍ट्स पर था। 

 

एक्‍सपोर्ट को लेकर सतर्क हो रही हैं कंपनि‍यां

 

सि‍आम के डि‍प्‍टी डीजी सुगातो सेन ने कहा कि‍ एक्‍सपोर्ट पर ज्‍यादा निर्भर कंपनि‍यां को मौजूदा जीएसटी सि‍स्‍टम की वजह से नुकसान हो रहा है क्‍योंकि‍ उनहें पहले पेमेंट करनी पड़ती है और रिफंड के लि‍ए बाद में क्‍लेम करना पड़ता है। लेकि‍न रिफंड क्‍लेम का सि‍स्‍टम ढंग से काम नहीं कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि‍ यहां ऐसी कंपनि‍यां है जि‍नका रीफंड कई सौ करोड़ रुपए में है। इससे कंपनि‍यों को वर्किंग कैपि‍टल बढ़ाना पड़ रहा है और वह एक्‍सपोर्ट को लेकर सतर्क हो गई हैं। 

 

कार मैन्‍युफैक्‍चरर्स जैसे फोर्ड इंडि‍या और फॉक्‍सवैगन इंडि‍या को जीएसटी रीफंड के कारण ज्‍यादा नुकसान हो रहा है। फॉक्‍सवैगन इंडि‍या ने यह भी कहा है कि‍ अगर यह दि‍क्‍कत सही नहीं होती है तो उनहें एक्‍सपोर्ट पर दोबारा वि‍चार करना पड़ेगा।

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