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बिज़नेस न्यूज़ » Auto » Industry/ Trendsहर 4 में से 3 बि‍कने वाली कार की लंबाई 4 मीटर से कम, हैचबैक का हि‍स्‍सा 38%

हर 4 में से 3 बि‍कने वाली कार की लंबाई 4 मीटर से कम, हैचबैक का हि‍स्‍सा 38%

हर 4 में से 3 बि‍कने वाली कार की लंबाई 4 मीटर से कम, हैचबैक का हि‍स्‍सा 38%

नई दि‍ल्‍ली। इंडि‍यन ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री में 4 मीटर से कम लंबाई वाली कारों का दबदबा है। साल 2017 में बि‍कने वाली कारों में सब-4 मीटर लंबाई वाली गाड़ि‍यों की सेल सबसे ज्‍यादा रही है। ग्‍लोबल ऑटोमोटि‍व रि‍सर्च कंपनी जाटो डायनैमि‍क के मुताबि‍क, 2017 में बि‍कने वाली 76 फीसदी कारें सब-4 मीटर लंबाई वाली हैं। वहीं, 4 मीटर से ज्‍यादा लंबाई वाली कारों की सेल्‍स 24 फीसदी है। रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, भारत में कॉम्‍पैक्‍ट स्‍पोर्ट्स यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल (एसयूवी) की डि‍मांड बढ़ने की वजह से इसका मार्केट शेयर बढ़ा है। 

 

सब-4 मीटर पर कंपनि‍यों का फोकस

 

सब-4 मीटर वाली कारों पर ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों का फोकस लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे कस्‍टमर्स की बदलती पंसद के साथ-साथ कंपनि‍यों की ओर से कम लागत पर ज्‍यादा आकर्षक और ज्‍यादा फीचर्स को पेश करना है। इसके अलावा, कंपनि‍यों को सब-4 मीटर की कार बनाने पर टैक्‍स का भी फायदा मि‍लता है। 4 मीटर से ज्‍यादा लंबाई होने पर कार कंपनि‍यों पर टैक्‍स का बोझ बढ़ जाता है। 

 

एसयूवी में 'कॉम्‍पैक्‍ट' का फॉर्मूंला हुआ हि‍ट

 

भारत में कॉम्‍पैक्‍ट एसयूवी का फॉर्मूला काफी ज्‍यादा हि‍ट हुआ है। सब-4 मीटर एसयूवी में वि‍टारा ब्रीजा, फोर्ड ईकोस्‍पोर्ट, महिंद्रा बोलेरो जैसी कारों की डि‍मांड भारत में हर महीने बढ़ती जा रही है। वि‍टारा ब्रीजा देश की सबसे ज्‍यादा बि‍कने वाली एसयूवी है। 

 

मारुति‍ सुजुकी ने फरवरी 2018 में 11,620 यूनि‍ट्स को बेचा। इसकी सेल्‍स में सालाना आधार पर 15.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके अलावा, फोर्ड ईकोस्‍पोर्ट की सेल्‍स फरवरी 2018 में 5,438 यूनि‍ट्स रही और इसकी सेल्‍स में 19.2 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। वहीं, होंडा की डब्‍ल्‍यूआर-वी की सेल्‍स 900 फीसदी से ज्‍यादा की ग्रोथ देखी गई है। कंपनी ने फरवरी में इसकी 3,364 यूनि‍ट्स को बेचा है। 

 

वि‍ष्‍णु माथुर ने कहा कि‍ जनवरी में पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की टोटल ग्रोथ उम्‍मीदों के मुताबि‍क है और यह ऑटो एक्‍सपो से पहले के मूड को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि‍ यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल्‍स लगातार ग्रोथ की कमान को संभाल रहा है क्‍योंकि‍ यह ज्‍यादा से ज्‍यादा कस्‍टमर्स को अपनी ओर आकर्षि‍त कर रहा है।

 

हैचबैक का मार्केट सबसे बड़ा

 

रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, भारत में साल 2017 में बि‍कने वाली कारों में 38 फीसदी हि‍स्‍सेदारी हैचबैक सेगमेंट की है। वहीं, दूसरी बॉडी टाइप वाली कारों की हि‍स्‍सेदारी 62 फीसदी है। अगर केवल फरवरी 2018 के आंकड़ों को देखेंगे तो हैचबैक का मार्केट शेयर 50 फीसदी पर दोबारा लौट आया है जोकि‍ जनवरी में 48 फीसदी पर था। ऐसा मारुति‍ सुजुकी की ओर से पेश की गई नई स्‍वि‍फ्ट और ह्युंडई की नई एलि‍ट आई20 की वजह से हुआ है। दोनों ने मार्केट में दोबारा कमबैक कि‍या है।

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