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जि‍से खि‍लौना समझ उड़ाया था मजाक, उसी ने शेखों का बिगाड़ दि‍या खेल

एक वक्‍त ऐसा था जब बि‍जली या बैटरी से चलने वाली बसों को मजाक समझा गया।

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नई दि‍ल्‍ली। एक वक्‍त ऐसा था जब बि‍जली या बैटरी से चलने वाली बसों को मजाक समझा गया। सात साल पहले जब चीन की मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनी BYD कॉरपोरेशन ने अपने शुरुआती इलेक्‍ट्रि‍क बसों के मॉडल को बीजिंग में एक इंडस्‍ट्री कॉन्‍फ्रेंस में दि‍खाया तो लोगों ने उसे एक मजाक समझा था। ब्‍लूमबर्ग की एक रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, BYD कॉरपोरेशन के एमडी (यूरोप) इस्‍ब्रांड हू ने याद करते हुए कहा कि‍ एक खि‍लौने को बनाने के लि‍ए सभी ने BYD की हंसी उड़ाई थी। और अब देखों। सबके पास एक है।   

 

अचानक ही बैटरी पावर्ड मोटर्स वाली बसों को गंभीरता से देखा जाने लगा है। इसे सि‍टी ट्रांसपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी अगुवाई चीन कर रहा है और यह पारंपरि‍क डीजल से चलने वाली गाड़ि‍यों की जगह इलेक्‍ट्रिसि‍टी से चलने वाली बसों को पेश कर रहा है। इसकी वजह से फ्यूल डि‍मांड को बड़ा झटका लगा है। 

 

चीन में बढ़ रही है इलेक्‍ट्रि‍क बसें

 

चीन के पास दुनि‍या भर में चल रही 3,85,000 इलेक्‍ट्रि‍क बसों का 99 फीसदी है, जोकि‍ देश के पूरे बस ट्रांसपोर्ट का 17 फीसदी है। ब्‍लूमबर्ग न्‍यू एनर्जी फाइनेंस के मुताबि‍क, प्रत्‍येक पांच हफ्ते में चीन के शहरों में 9,500 जीरो एमि‍शन ट्रांसपोर्ट्स को जोड़ा जा रहा है जोकि‍ लंदन के पूरे वर्किंग फीट के बराबर है।   

 

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अरब शेखों का बिगड़ रहा है खेल

 

इलेक्‍ट्रि‍क बसों के धीरे-धीरे पॉपुलर होने से फ्यूल की डि‍मांड घट रही है। और क्‍योंकि‍ यह औसत साइज वाली कारों की तुलना में 30 गुना ज्‍यादा फ्यूल लेती हैं, इसका असर भी एनर्जी के इस्‍तेमाल पर बेहद ज्‍यादा होने वाला है। वहीं, टेस्‍ला से लेकर टोयोटा मोटर कॉर्प जैसे पैसेंजर कार बनाने वाली कंपनि‍यों को फायदा देने वाली है। एक आकलन के मुताबि‍त, सड़क पर चलने वाली प्रत्‍येक 1,000 बैटरी पावर्ड बसों को चलाने से एक दि‍न  में करीब 500 बैरल डीजल फ्यूल मार्केट से गायब हो जाएगा।  

 

लंदन में बनाए जा रहे इलेक्‍ट्रि‍क ट्रांसपोर्ट प्‍लान से फ्यूल के इस्‍तेमाल पर असर पड़ेगा। लंदन के नेटवर्क से एक साल में करीब 15 लाख बैरल फ्यूल गायब हो जाएगा। अगर पूरे फीट को इलेक्‍ट्रि‍क कर दि‍या जाए तो एक दि‍न में 430 बैरल डीजल का यूज नहीं होगा। वहीं,  प्रत्‍येक 1,000 बसों को इलेक्‍ट्रि‍क होने पर यूके डीजल का यूज करीब 0.7 फीसदी घट जाएगा। 

 

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दुनि‍या भर में घटने वाली है फ्यूल की डि‍मांड

 

अब दूसरे शहर भी इस बात पर ध्‍यान दे रहे हैं। पेरि‍स, लंदन, मैक्‍सि‍को सि‍टी और लॉस एंजलि‍स उन 13 अथॉरि‍टीज में से हैं जोकि‍ 2025 तक केवल जीरो एमि‍शन ट्रांसपोर्ट खरीदने की प्रति‍बंद्धता जता चुके हैं। लंदन धीरे-धीरे अपने ट्रांसपोर्ट को बदल रहा है। 

 

मौजूदा समय में सि‍टी सेंटर में चार रास्‍तों पर चलने वाली सिंगल डेकर यूनि‍ट्स को इलेक्‍ट्रिसि‍टी पर शि‍फ्ट कर दि‍या गया है। यहां पब्‍लि‍क ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को साफ करने प्रभावशाली नि‍वेश करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें 5,000 पुरानी डीजल बसों में रेट्रोफि‍टिंग करना भी शामि‍ल है।  

 

पूरे यूके में साल 2017 में 344 इलेक्‍ट्रि‍क और प्‍लग इन हाइब्रि‍ड बसे हैं और BYD को उम्‍मीद है कि‍ वह और ज्‍यादा सप्‍लाई करेगी। कंपनी ने स्‍कॉटि‍श बस बनाने वाली कंपनी के साथ पार्टनरशि‍प की है। पार्टनरशि‍प के तहत 11 नई इलेक्‍ट्रि‍क कारों के लि‍ए बैटरीज को उपलब्‍ध कराएगी।

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