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ट्रंप की धमकी का इंडि‍यन टू-व्‍हीलर कंपनि‍यों पर नहीं होगा असर, मजबूत है एक्सपोर्ट​ मार्केट

अमेरि‍का की ओर से लगातार भारत पर हाई ऐंड मोटरसाइकि‍ल पर इंपोर्ट ड्यूटीज को कम करने का दबाव बनाया जा रहा है।

indian two wheeler maker will not suffer by america

नई दि‍ल्‍ली। अमेरि‍का की ओर से लगातार भारत पर हाई ऐंड मोटरसाइकि‍ल (खासतौर पर हार्ले डेवि‍डसन) पर इंपोर्ट ड्यूटीज को कम करने का दबाव बनाया जा रहा है। अमेरि‍का ने यह भी चेतावनी दी है कि‍ अगर भारत इंपोर्ट ड्यूटीज को कम नहीं करता है वह भी भारत से आने वाली मोटरसाइकि‍लों पर समान टैक्‍स लगा सकता है। हालांकि‍, अमेरि‍का की इस धमकी का भारत की टू-व्‍हीलर कंपनि‍यों पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि‍ भारतीय टू-व्‍हीलर कंपनि‍यों के लि‍ए अमेरि‍का बड़ा मार्केट नहीं है जहां वह अपनी मोटरसाइकि‍ल्‍स को एक्‍सपोर्ट करती हैं। भारत ज्‍यादातर एंट्री लेवल की बाइक्‍स का एक्‍सपोर्ट करता है। ब्रांड एक्‍सपर्ट्स का यह भी कहना है कि‍ भारत पर आरोप लगाने का कोई फायदा नहीं होगा।

 

अमेरि‍का नहीं है टू-व्‍हीलर कंपनि‍यों की परेशानी 

 

कॉमर्स मि‍नि‍स्‍ट्री के आंकड़ों के मुताबि‍क, 2016-17 में भारत ने अमेरि‍का में 2,440 मोटरसाइकि‍ल्‍स का एक्‍सपोर्ट कि‍या था। इसमें एंट्री लेवल की मोटरसाइकि‍ल्‍स नहीं है, जि‍से भारत से ज्‍यादातर देशों में एक्‍सपोर्ट कि‍या जाता है। 2,440 यूनि‍ट्स में 150 बाइक्‍स ऐसे ही हैं जि‍सका इंजन 500 सीसी से ज्‍यादा है।  

 

कम हो रहा है अमेरि‍का से भारत में एक्‍सपोर्ट

 

आंकड़ों के मुताबि‍क, अमेरि‍का से भारत इंपोर्ट होने वाली मोटरसाइकि‍ल्‍स (500 सीसी से ज्‍यादा इंजन वाली) 2016-17 में 1,820 यूनि‍ट्स थी जोकि‍ 2017-18 के अप्रैल-नवंबर माह के दौरान गि‍रकर 790 यूनि‍ट्स पर पहुंच गई। वैल्‍यू के हि‍साब से यह इंपोर्ट 1.16 करोड़ डॉलर से घटकर 59.6 लाख डॉलर पर पहुंच गया है।  

 

इन देशों पर भारत का ज्‍यादा फोकस

 

भारत में सबसे ज्‍यादा मोटरसाइकि‍ल्‍स को एक्‍सपोर्ट करने के मामले में बजाज ऑटो का नाम सबसे ऊपर आता है। बजाज ऑटो ने अप्रैल-सि‍तंबर के दौरान 6.83 लाख यूनि‍ट्स का एक्‍सपोर्ट कि‍या। कंपनी के एक्‍सपोर्ट में तेजी नाइजि‍रि‍या, कोलंबि‍या और फि‍लि‍पींस की वजह से दर्ज की गई। इसके अलावा, कंपनी थाईलैंड और मलेशिया में एंट्री करने पर भी वि‍चार कर रही है। बजाज ऑटो के लि‍ए सबसे बड़े एक्‍सपोर्ट मार्केट ब्राजील और लैटि‍न अमेरि‍का हैं। 

 

वहीं, टीवीएस मोटर्स के लि‍ए अफ्रीका, एशि‍या और लैटि‍न अमेरि‍का बड़े एक्‍सपोर्ट मार्केट हैं। इसके अलावा, हीरो मोटोकॉर्प के लि‍ए बांग्‍लादेश, कोलंबि‍यो बड़े मार्केट हैं। कंपनी ने कहा है कि‍ वह 2019 तक ब्राजील और मैक्‍सि‍को में भी एंट्री करेगी।

 

भारत पर आरोप लगाने का कोई फायदा नहीं

 

ब्रांड गुरु हरीश बि‍जूर ने बताया कि‍ हार्ले की कीमत ज्‍यादा और ड्यूटी लगने के बाद यह और भी ज्‍यादा हो जाती है। अगर जीरो इंपोर्ट ड्यूटी हो जाती है तो भी यह इंडि‍यन मेड मोटरसाइकि‍ल्‍स से महंगी ही रहेगी। जब भी वि‍कसीत देशों से नौकरि‍यां जाने की बात होती है भारत को बलि‍ के बकरे की तरह यूज कि‍या जाता है। लेकि‍न भारत पर आरोप लगाने से अमेरि‍की राष्‍ट्रपति‍ डोमेस्‍टि‍क सेंटीमेंट नहीं सुधार सकते। न ही इससे हार्ले डेवि‍डसन को भारत में कोई मदद मि‍लेगी। 

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