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रोड पर चलते-चलते चार्ज हो जाएगी कार, चीन ने बनाया ऐसा हाइवे

चीन के ऑटोनोमस ड्राइविंग फ्यूचर को सोलर पैनल, मैपिंग सेंसर्स और इलेक्‍ट्रि‍क बैटरी रीचाजर्स का सपोर्ट मि‍ला है।

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नई दि‍ल्‍ली। क्‍या ऐसा हो सकता है कि‍ आप सड़क पर अपनी इलेक्‍ट्रि‍क कार या टू-व्‍हीलर को चलाए और चलाते-चलाते ही आपकी गाड़ी रीचार्ज होती जाए। सुनने में अच्‍छा लगता है। चीन ने इस चीज को पूरा भी कर लि‍या है। चीन के ऑटोनोमस ड्राइविंग फ्यूचर को सोलर पैनल, मैपिंग सेंसर्स और इलेक्‍ट्रि‍क बैटरी रीचाजर्स का सपोर्ट मि‍ला है। ब्‍लूमबर्ग की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, चीन ने 'इंटेलि‍जेंट हाइवे' के तौर पर टेस्‍ट कि‍या है जोकि‍ ग्‍लोबल ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री को तेजी से बदल सकता है। 

 

चलते-चलते रीचार्ज होगी गाड़ि‍यां

 

चीन के पूर्वी शहर जिनान में चीन द्वारा ट्रायल प्रोजेक्‍ट के तौर पर करीब 1,080 मीटर लंबे हाइवे को बनाया है कि‍ जि‍सके अंदर यूनि‍क टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कि‍या गया है। चीन की बिल्‍डर कंपनी Qilu Transportation Development Group Coके मुताबिक, हाइवे के इस खास सेक्‍शन से हर दि‍न करीब 45 हजार गाड़ि‍यां चलती है। 

 

इसके अलावा, इस रोड के भीतर लगे सोलर पैनल से पर्याप्‍त बि‍जली पैदा होती है। यह बि‍जली इलेक्ट्रिक गाड़ि‍यों की बैटरी चार्ज करने के साथ-साथ हाइवे लाइट्स और 800 घरों की बिजली आपूर्ति कर सकता है। 

 

ट्रांसपेरेंट कंक्रीट के नीचे लगे हैं सोलर पैनल्‍स

 

अत्‍याधुनिक तकनीक ये बनी इस रोड पर ट्रांसपेरेंट कंक्रीट का यूज कि‍या गया है। रोड पर सबसे नीचे सोलर पैनल और तमाम सेंसर लगे हैं। इनको कवर करता हुआ ट्रांसपेरेंट कंक्रीट सोलर पैनल समेत सभी डिवायसेस को सुरक्षित और फंक्‍शनल बनाए रखता है। 55 दिनों के भीतर स्‍मार्ट रोड का यह छोटा सा हिस्‍सा बनकर तैयार हुआ है।

 

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2030 तक सेल्‍फ ड्राइविंग मोड में चलेंगी गाड़ि‍यां

 

इस कंपनी का कहना है कि वो इस रोड को सिर्फ बिजली बनाने का साधन नहीं बल्कि भविष्‍य के स्‍मार्ट वाहनों जैसा बनाना चाहते हैं। चीन की सरकार का मानना है कि साल 2030 त‍क पूरे देश में कुल वाहनों के करीब 10 परसेंट वाहन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक, सेल्‍फ ड्राइविंग और स्‍मार्ट टेक्‍नोलॉजी पर काम करने लगेंगे। ऐसे वाहनों को ध्‍यान में रखकर ही सरकार अपनी इस स्‍मार्ट रोड को और भी हाईटेक बनाना चाहती है।

 

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2025 का क्‍या है प्‍लान

 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुवाई में जब 'मेड इन चाइना 2025' का प्‍लान सामने आया तो सरकार ने ऐसा स्‍मार्ट हाइवे बनाने पर काम शुरू किया। करीब 10 साल तक इस प्रोजेक्‍ट पर काम करने के बाद अब यह प्रोजेक्‍ट सक्‍सेस के बहुत करीब है। चीन की सरकार अब दुनिया को सिर्फ मोबाइल, कपड़े और खिलौने बेचकर संतुष्‍ट नहीं होना चाहती। सरकार देश मे एक ऐसा एडवांस्‍ड मैन्‍युफैक्‍चर हब बनाना चाहती है, जो दुनिया को भविष्‍य की नई नई चीजें बनाकर दे।

 

स्‍वीडन में खुली इलेक्‍ट्रि‍फाइड रोड

 

स्‍वीडन में दुनि‍या की पहली इलेक्‍ट्रि‍फाइड रोड खुली है जो कारों और दूसरे व्‍हीकल्‍स को चार्ज करेगी। यह प्रोजेक्‍ट 2030 तक पेट्रोल और डीजल फ्यूल पर अपनी निर्भरता खत्‍म करने की दि‍शा में शुरू कि‍या गया है। यह रोड स्‍टॉकहोल्‍म आरलैंडा एयरपोर्ट से लॉजि‍स्‍टि‍क सेंटर तक कनेक्‍ट करती है। इस रोड को पोस्‍टनॉर्ड का नाम दि‍या गया है। अभी तब इसका कंस्‍ट्रक्‍शन 2 कि‍मी तक है। 

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