Home » Auto » Industry/ Trendsमार्च तक सड़कों पर आ सकती है बजाज की Qute - Bajaj Qute debut in India by the end of this fiscal year

अब भारत में चल पाएगी बजाज की QUTE ,1.28 लाख की कीमत में 36 का माइलेज

इस फाइनेंशि‍यल ईयर के खत्‍म होने तक एक ऐसी कार सड़कों पर उतर जाएगी, जो ऑटो वर्ल्‍ड को एक नया ट्वि‍स्‍ट दे सकती है।

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नई दि‍ल्‍ली। अगर कोई नई अड़चन नहीं आई तो इस फाइनेंशि‍यल ईयर के खत्‍म होने तक एक ऐसी कार सड़कों पर उतर जाएगी, जो ऑटो वर्ल्‍ड को एक नया ट्वि‍स्‍ट दे सकती है। तकरीबन 5 सालों से सरकारी फाइलों में अटकी बजाज की क्‍यूट (Qute) का रास्‍ता अब साफ होता नजर आ रहा है। मि‍नि‍स्‍टरी ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हार्इवेज ने अपने ड्राफ्ट नोटि‍फि‍केशन में इस quadricycle को वहीकल की कैटेगरी में जगह दे दी है। इस कार को 2012 के दि‍ल्‍ली ऑटो शो में RE60 के नाम से पेश कि‍या गया था। यह कार एक्‍सपोर्ट होती है और साउथ ईस्‍ट एशि‍या के देशों में इसने अच्‍छा मार्केट बना लि‍या है। हालांकि‍ भारत में इसे मंजूरी नहीं मि‍ल पाई। आगे पढ़ें इस कार के फीचर 

सबसे कम प्रदूषण करती है

कंपनी का दावा है यह कार अब तक बनी सबसे ग्रीन कार है। इसका मतलब ये है कि‍ यह कार सबसे कम सीओ2 उत्‍सर्जि‍त करती है। इसे आप सामान्‍य भाषा में यूं समझ सकते हैं कि‍ यह कार सबसे कम पॉप्‍लूशन करती है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबि‍क, इसमें 216.6 सीसी का इंजन है। यह कार पेट्रोल से चलती है और इसमें सीएनजी व एलपीजी वैरि‍एंट भी उपलब्ध है। इसकी अधि‍कतम स्‍पीड़ 70 कि‍लोमीटर है और पीक पावर 13.2 पीएस है। इसमें वाटर कल्‍ड डि‍जि‍टल ट्राई स्‍पार्ट इग्‍नीशन 4 वाल्‍व इंजन है। इससे परफॉर्मेंस और कंट्रोल बढ़ता है। इस कार का वजन 450 कि‍लो से कम है। आगे पढ़ें इसके और फीचर

अन्‍य कारों के मुबाकले 37 फीसदी हल्‍की

कंपनी का दवा है कि‍ बाजार में मौजूद कि‍सी भी कार से यह 37 फीसदी हल्‍की है। हल्‍की होने की वजह से ईंधन बचाती है। यह शहरों की सड़कों को ध्‍यान में रखकर बनाई गई है। यह कार कम जगह लेती है और आसानी से मुड़ जाती है। इसकी माइलेज एक लीटर में 36 कि‍लोमीटर है और कि‍सी अन्‍य छोटी कार के मुकबले 37 फीसदी कम कार्बन का उत्‍सर्जन करती है। यह एक कि‍लोमीटर पर केवल 66 ग्राम CO2 छोड़ती है। इसमें वो सभी सेफ्टी फीचर्स हैं जो इस सेगमेंट की कारों में होते हैं। इस कार का टर्निंग रेडि‍यस केवल 3.5 मीटर है। भारत में यह कार कि‍तने में मि‍लेगी ये अभी तक तय नहीं है मगर इसकी कीमत 1.28 लाख के आसपास हो सकती है। आगे पढ़ें राजीव बजाज ने की थी सरकार की बुराई

राजीव बजाज ने कहा था, ये मेड इन इंडि‍या नहीं मैड इन इंडि‍या है

पांच वर्षों तक क्‍यूट को भारतीय बाजार में उतारने की मंजूरी न मि‍लने की वजह से कंपनी के सीईओ राजीव बजाज भारत सरकार से बेहद खफा हुए और इसी साल फरवरी में एक नैसकॉम के कार्यक्रम में उन्‍होंने बेहद कड़े शब्‍दों का इस्‍तेमाल कि‍या। उन्‍होंने कहा था, ‘अगर आपकी नई खोज सरकारी मंजूरी पर नि‍र्भर करती है तो इसे मेड इन इंडि‍या नहीं मैड इन इंडि‍या कहा जाएगा। पांच साल बीत जाने के बाद भी हम अपने फोर व्‍हीलर को बेचने के लि‍ए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।’ आगे पढ़ें चलाया गया फ्री क्‍यूट अभि‍यान

चलाया अभि‍यान

तकरीबन 5 साल से मंजूरी मि‍लने के इंतजार में यह कार भारतीय सड़कों पर नहीं आ पाई, जबकि‍ वि‍देशों में न केवल इसे मंजूरी मि‍ली बल्‍कि‍ लोकप्रि‍यता भी हासि‍ल हुई। इस कार को मंजूरी देने की खाति‍र सरकार पर दबाव बनाने के  लि‍ए बजाज ऑटो ने बाकायदा फ्री क्‍यूट के नाम से अभि‍यान शुरू कि‍या। कंपनी की वेबसाइट पर आज भी #FreeTheQute अभि‍यान चल रहा है, जि‍समें लोगों से साथ देने की अपील की गई है। यहां क्‍यूट को एक पिंजरे में दि‍खाया है। अभी तक 9, 03722 लोगों ने क्‍यूट को समर्थन दि‍या है।

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