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कार चलाने वालों को होती हैं 5 गलतफहमि‍यां, बचकर रहें इनसे

कुछ मि‍थ्‍स के बारे में बता रहे हैं जो लोगों के बीच प्रचलि‍त हैं

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नई दि‍ल्‍ली। क्‍या आपको ऐसा लगता है कि‍ कार को हर बार ड्राइव करने से पहले गर्म करना पड़ता है। ऐसा बि‍ल्‍कुल नहीं है। कार चलाने वालों, खासकर नए कार चलाने वालों के बीच कई ऐसी धारणाएं होती हैं  जो सच नहीं होतीं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ मि‍थ्‍स के बारे में बता रहे हैं जो लोगों के बीच प्रचलि‍त हैं लेकि‍न यह सही नहीं होते। 

 

क्‍या ड्राइविंग से पहले इंजन को गर्म करने की जरूरत
 
ऐसी धारणा है कि‍ ड्राइव करने से पहले कार के इंजन को गर्म करना चाहि‍ए। ऑटोमोबाइल एक्‍सपर्ट मुराद अली ने बताया कि‍ ऐसा नहीं है। आजकल ज्‍यादातर कारें फ्यूल इंजेक्‍शन टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कर रही हैं। पहले के समय में इंजन कारबुरेटेड होता था जहां तापमान के आधार पर एयर/फ्यूल मि‍क्‍सचर को एडजस्‍ट करना नामुमकि‍न हो जाता था। लेकि‍न फ्यूल इंजेक्‍शन से इंजन अपने आप फ्यूल और एयर के रेशि‍यो को एडजस्‍ट कर लेता है और ठंडे तापमान में भी चल जाता है।  आजकल कारों के इंजन को इस तरह से डि‍जाइन कि‍या जाता है जो ज्‍यादा तेजी से गर्म हो जाते हैं। 

 

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AC चलाने से कार की एवरेज होती है कम
 
आमतौर पर ऐसा धीमी स्‍पीड के मामले में होता है और एयर कंडीशनर 'ऑन' रहने पर ज्‍यादा फ्यूल जलता है (खपत होती है)। हालांकि‍, स्‍पीड ज्‍यादा होने पर विंडों को नीचे रखने से फ्यूल एफि‍शि‍यंसी घट जाती है। ऐसे में बेहतर यही होगा कि‍ आप अपनी कार को हाई स्‍पीड पर एयर कंडीशनर 'ऑन' रखते हुए चलाएं क्‍योंकि‍ यहां हवा की भूमिका अहम होती है। 
 
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मैनुअल ट्रांसमिशन ऑटोमैटि‍क से ज्‍यादा फ्यूल एफि‍शि‍यंट है
 
बैंकबाजार के मुताबि‍क, ऑटोमैटि‍क ट्रांसमि‍शन नई टेक्‍नोलॉजी है और यह सही भी हो सकता है। हालि‍या टेक्‍नोलॉजि‍कल एडवांसेज जैसे इनफाइनाइट गि‍यर रेशि‍यो के साथ वैरि‍एबल ट्रांसमि‍शन मैनुअल ट्रांसमि‍शन के फायदे को कम करती है। तो कई मामलों में ऑटोमैटि‍क ट्रांसमि‍शन वाला इंजन ज्‍यादा फायदेमंद साबि‍त हो सकता है।   
 
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पैसे बचाने हैं तो सुबह खरीदें पेट्रोल-डीजल
 
बैंकबाजार के मुताबि‍क, यह तर्क माना जाता है कि‍ तापमान ठंडा होने पर गैस ठोस होती है। तो आपको प्रति‍ लीटर फ्यूल ज्‍यादा मि‍लता है। लेकि‍न ऐसा नहीं है। गैसोलि‍न को जमीन के भीतर टैंक में स्‍टोर कि‍या जाता है जहां तापमान का उतार-चढ़ाव बेहद कम होता है। तो नोजल से आने वाली गैस एक समान डेनसि‍टी के साथ ही आती है। 
  
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प्रीमि‍यम फ्यूल आपको ज्‍यादा पावर देती है
 
कई लोग ऐसे हैं जो पेट्रोल पंप पर प्रीमि‍यम फ्यूल के लि‍ए एक्‍स्‍ट्रा पैसे खर्च करते हैं। लेकिन कुछ हाई परफॉर्मेंस कारों को प्रीमि‍यम गैस की जरूरत रहती है तो आप बि‍ना किसी परेशानी के 'नॉन प्रीमि‍यम' कार में रेग्‍युलर फ्यूल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। आम फ्यूल की तुलना में प्रीमि‍यम फ्यूल ज्‍यादा रीफाइंड नहीं होता, यह केवल ज्‍यादा कम्‍बस्‍टि‍बल होता है। यह उन इंजन के लि‍ए उपयुक्‍त होता है जो हाई कम्‍प्रेशन रेशि‍यो वाले होते हैं।

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