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अगर सेकंड हैंड कार में दि‍खें ये 5 चीजें, तो समझ लें हो रहा है धोखा

second hand car: थोड़ी सी लापरवाही करा सकती है बड़ा नुकसान

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नई दि‍ल्‍ली. जब आप डीलर से नई कार खरीदते हैं तो आपको कंपनी की ओर से क्‍वालि‍टी को लेकर पूरा भरोसा और हर तरह की गारंटी मि‍लती है। लेकि‍न अगर आप सेकंड हैंड कार खरीद रहे हैं तो आप उस तरह की गारंटी की उम्मीद भी नहीं कर सकते। इसलिए पुरानी कार खरीदते समय आपको अलर्ट रहना चाहिए और कुछ खास चीजों पर तो जरूर ध्यान देना चाहिए। आमतौर पर सेकंड हैंड कारों में कुछ ऐसी चीजें रहती हैं जिन पर आपका ध्यान नहीं जा पाता है। ऐसे में आपके लिए पता लगाना खासा मुश्किल काम है कि जि‍स सेकंड हैंड कार को आप खरीद रहे हैं, उसमें कोई प्रॉब्‍लम नहीं है। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिनसे आप धोखा खाने से बच सकते हैं।

 

गौर से देखें कार का लुक

आपको कार के एक्‍सटीरि‍यर लुक को ध्‍यान से देखना होगा। अगर कार पर एक समान पेंट नजर आ रहा है और पेंट की चमक अच्‍छी है तो आप कह सकते हैं कि‍ कार को सही ढंग से मेनटेन रखा गया है। हमेशा चेक करें कि‍ कार की अलग-अलग बॉडी पैनल के पेंट कलर में कि‍तना फर्क है।

अगर आपको किसी भी जगह पर पेंट के कलर में अंतर दि‍खे तो समझ जाएं कि‍ इसे स्‍क्रैच या डेंट से छिपाने के लि‍ए ठीक कि‍या गया है। डोर के नीचे और ऊपर में मौजूद गैप के बीच उंगलि‍यों से चेक करें कि‍ कोई गैप या खुर्दुरी जगह तो नहीं है। अगर ऐसा है तो यह दुर्घटना या रिपेयर पेंट के काम का संकेत देता है।

आगे पढ़ें-टायरों को कैसे करें चेक

 

 

 

टायरों को ऐसे करें चेक

टायर को ध्‍यान से देखें और देखें कि‍ क्‍या टायर्स एक समान घि‍से हुए हैं। टायर के बाहरी और अंदर के हि‍स्‍से को चेक करें। टायर्स थ्रेडिंग पर्याप्‍त है या नहीं, इसे चेक करने के लि‍ए एक सि‍क्‍के को उसमें डालें और देखें कि‍ वह कि‍तना अंदर तक जाता है। अगर वह ज्‍यादा अंदर तक नहीं जाता है तो इसका मतलब है कि‍ कार में नए टायर को लगाने की जरूरत है।

आगे पढ़ें-कैसी है इंजन की सफाई

 

 

इंजन की सफाई जांचें

आपको इंजन भी चेक करना होगा। बोनट को खोलें और देखें कि‍ इंजन के आसपास के एरि‍या कि‍तना साफ है। अगर आपको ऑयल की लीकेज दिखती है तो इसका मतलब है कि‍ यह अंडर मैनटेनेंस है। चेक करें कि‍ इंजन बेल्‍ट सही ढंग से फि‍ट है और घि‍सी हुई तो नहीं है। यह भी चेक करें कि‍ फ्यूड्स पर्याप्‍त लेवल पर है या नहीं। इंजन के ऑयल का कलर चेक करें, अगर वह काला और गंदा है तो इसका मतलब है कि‍ कार सही ढंग से मेनटेन नहीं की गई है। गंदा इंजन फ्यूल भी प्रॉब्‍लम की नि‍शानी है। कार के पुराने सर्वि‍स रि‍कॉर्ड को चेक करें कि‍ कहीं कोई इंजन प्रॉब्‍लम थी या नहीं।

 

आगे पढ़ें-इंटीरियर को जांचें

 

 

 

इंटीरि‍यर को चेक करें

आपको इंटीरि‍यर फि‍टिंग और सभी स्‍वि‍च को भी चेक करना चाहिए। सुनि‍श्‍चि‍त करें कि‍ सभी फीचर्स काम कर रहे हैं। इंफोटेनमेंट सि‍स्‍टम के साथ-साथ स्‍पीकर्स भी चेक करें।

आगे पढ़ें-टेस्ट ड्राइव के समय किन बातों का रखें ध्यान

 

 

टेस्‍ट ड्राइव

कार को अच्‍छी तरह से देखने के बाद आपको कार की टेस्‍ट ड्राइव करनी चाहि‍ए। चेक करें कि‍ कार आसानी से स्‍टार्ट हो रही है और रुक भी रही है। इंजन की आवाज को ध्‍यान से सुनें। चेक करें कि‍ आवाज खराब है या नहीं। कार को चलाते हुए ब्रेक को भी चेक करें। अगर ब्रेक लगाते वक्‍त कार में वाइब्रेशन आ रहा है तो इसका मतलब है कि‍ ब्रेक पैड्स घि‍सने शुरू हो गए हैं। खराब सड़क पर कार चलाकर चेक करें कि‍ केबि‍न से ज्‍यादा आवाज तो नहीं आ रही। अगर आवाज ज्‍यादा आ रही है तो इसका मतलब है कि‍ बॉडी पैनल और डोर फि‍टिंग ढीली हो गई है।

 
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