धोखाधड़ी के लिए दुनिया में बदनाम हुई ये दिग्गज कार कंपनी, अब 70 इलेक्ट्रिक कारें करेगी लॉन्च

Volkswagen will launch 70 electric car: जर्मन की दिग्गज कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन Volkswagen ने पिछले साल किए अपने वादे पर कायम है। उसी को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने साल 2028 तक करीब 70 इलेक्ट्रिक कार के मॉडल लॉन्च करने का ऐलान किया है।

Money Bhaskar

Mar 13,2019 04:37:00 PM IST

नई दिल्ली. जर्मन की दिग्गज कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन Volkswagen ने पिछले साल किए अपने वादे पर कायम है। उसी को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने साल 2028 तक करीब 70 इलेक्ट्रिक कार के मॉडल लॉन्च करने का ऐलान किया है। दरअसल जब कंपनी पिछले साल तक दुनियाभर में मुकदमों का सामना कर रही थी। उस वक्त कंपनी के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने कहा था कि वो भविष्य में कभी भी डीजल कार नहीं बनाएंगे। कंपनी केवल पेट्रोल, हाईब्रिड और इलेक्ट्रिकवैरिएंट बनाएगी, जबकि उसका पूरा फोकस इलेक्ट्रिक कार पर होगा।

कंपनी कम करेगी 7000 स्टाफ

बता दें कि Volkswagon ब्रांड का प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल 4.2 फीसदी के घटकर 3.8 रह गया था। कंपनी की ओर से कहा गया कि ऐसा इलेक्ट्रिक कार में इनवेस्टमेंट और हाई कंबस्शन इंजन व्हीकल सर्टिफिकेट की वजह है। हालांकि इलेक्ट्रिक कार बनाने की वजह से कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है। दरअसल कंपनी की सालाना रिपोर्ट में Herbert Diess ने कहा कि बाकी पेट्रोल समेत अन्य फ्यूल पॉवर्ड कार बनाने के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार में 30 फीसदी कम लोगों की जरुरुत होती है। इसके चलते करीब 7000 स्टाफ को कम किया जाएगा। इससे कंपनी के सालाना 5.9 बिलिनय यूरो बचेंगे। कंपनी 2023 तक कंपना की प्रॉफिट मार्जिन 6 फीसदी करना चाहती है। कंपनी के मुताबिक नौकरियों में कमी करने के लिए उन्हें लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि काफी तादात में कंपनी के कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।

भारत में कंपनी पर लगा 500 करोड़ का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की चार सदस्यीय समिति ने जर्मन कार मेकर कंपनी भारत में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने जर्मनी की कार बनाने वाली कंपनी फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना लगाया है। फॉक्सवैगन पर दुनियाभर में बिकने वाली डीजल कारों में चीट डिवाइस लगाने का आरोप था। इससे गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का स्तर छुप जाता था। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ हुआ। एक एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की कारों ने साल 2016 में देश के राजधानी दिल्ली में करीब 48.678 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन किया है।

कंपनी ने धोखे को ऐसे दिया अंजाम

दरअसल दिग्गज कंपनी पोर्शे की पैरेंट कंपनी फॉक्सवैगन को कारों में लगाए गए कार्बन उत्सर्जन मानकों में जानबूझकर गड़बड़ी का दोषी पाया गया था। फॉक्सवैगन ने खुद वर्ष 2015 में अमेरिकी जांच में स्वीकार किया था कि उसने दुनियाभर में 1.1 करोड़ कारों में ऐसे इक्विपमेंट लगाए, जो ज्यादा कार्बन उत्सर्जन को कम बताते थे। इस तरह कंपनी की सारी कारें
प्रदूषण के मानकों पर खरी उतरती थीं।

दुनिभार में 2.28 करोड़ का लगा जुर्माना

कंपनी का झूठ जल्द पकड़ा गया और उसकी दुनियाभर में काफी बदनामी हुई। वहीं इस फ्रॉड के अपराध में कंपनी पर 27 अरब यूरो यानी 2.28 लाख करोड़ का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा कंपनी को लाखों कारों को वापस बुलाने को मजबूर होना पड़ा। कंपनी आज भी दुनियाभर की अदालतों में कई मुकदमों का सामना कर रही है। वहीं रेटिंग एजेंसी Fitch ने कंपनी की रेटिंग को घटा दिया है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.