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नई ऑटो पॉलिसी अगले 3 माह में हो सकती है तैयार, एमिशन के आधार पर टैक्‍स का हो सकता है प्रावधान

नई ऑटो पॉलिसी को लेकर पिछले 6 महीनों से विभिन्‍न स्‍टेकहोल्‍डर्स के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।

New Auto Policy likely to be finalised in 3 months

नई दिल्‍ली. नई नेशनल ऑटो पॉलिसी को अगले तीन महीनों में अंतिम रूप मिल सकता है। यह जानकारी हैवी इंडस्‍ट्री मिनिस्‍ट्री के अधिकारियों से मिली है। नई पॉलिसी में ऑटोमोबाइल्‍स के लिए एमिशन लिंक्‍ड टैक्‍सेशन और ईको फ्रेंडली तकनीक वाले ग्रीन मोबिलिटी रोडमैप का प्रावधान किया जा सकता है। 

 

6 महीनों से स्‍टेकहोल्‍डर्स के साथ हो रहा विचार-विमर्श

नई ऑटो पॉलिसी को लेकर पिछले 6 महीनों से विभिन्‍न स्‍टेकहोल्‍डर्स के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसमें ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री के लिए एक सिंगल नोडल रेगुलेटरी बॉडी लाने का विचार भी शामिल है। पॉलिसी को लेकर एक ड्राफ्ट कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है और इसे जल्‍द ही संबंधित विभागों में भेज दिया जाएगा। 

 

सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा फेम इंडिया (फास्‍टर एडोप्‍शन एंड मैन्‍युफैक्‍चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइ‍ब्रिड व्‍हीकल्‍स) स्‍कीम को मजबूती देने पर भी चर्चा की गई है। ताकि र्इको-फ्रेंडली ऑटोमोबाइल टेक्‍नोलॉजी को जल्‍द से जल्‍द अपनाया जा सके। 

 

ऑटोमोबाइल्‍स के लिए GST स्‍ट्रक्‍चर हो पुन: परिभाषित

नई ऑटो पॉलिसी में एमिशन को लेकर सुझाव दिया गया है कि निश्चित समयावधि के साथ एक विस्‍तृत लॉन्‍ग टर्म प्‍लान लाया जाए। पॉलिसी के ड्राफ्ट में सिफारिश की गई कि ऑटोमोबाइल्‍स के लिए जीएसटी स्‍ट्रक्‍चर को पुन: परिभाषित किया जाए। यह स्‍ट्रक्‍चर अभी व्‍हीकल लेंथ, इंजन डिस्‍प्‍लेसमेंट, इंजन टाइप और ग्राउंड क्‍लीयरेंस पर आधारित है। इस मौजूदा क्‍लासिफिकेशन क्राइटेरिया के स्‍थान पर व्हीकल लेंथ और CO2 एमिशंस के आधार पर एक कंपोजिट क्राइटेरिया लाए जाने की मांग की गई है। ड्रॉफ्ट में कहा गया है कि इससे व्‍हीकल कंजेशन घटेगा और ग्रीन मोबिलिटी विजन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रीन हाउस गैस एमिशन में कमी आएगी। 

 

ग्रीन मोबिलिटी के लिए इंसेंटिव्‍स और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए लॉन्‍ग टर्म रोडमैप की भी सिफारिश

ड्राफ्ट पॉलिसी में एमिशन रेग्‍युलेशन को बेहतर बनाकर ईको फ्रेंडली तकनीक वाले ग्रीन मोबिलिटी रोडमैप को अंतिम रूप दिए जाने की भी सिफारिश की गई है। इसके अलावा ग्रीन मोबिलिटी के लिए इंसेंटिव्‍स और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को लेकर लॉन्‍ग टर्म रोडमैप लाने को भी कहा गया है। नई पॉलिसी से ऑटो इंडस्‍ट्री की लॉजिस्टिक्‍स संबंधी चुनौतियों का हल निकलने और भारत का ऑटोमोबाइल एक्‍सपोर्ट बेहतर बनाने के तरीके निकलने की भी उम्‍मीद है। 

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