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    Home »Auto »Discount/ Offers» Auto Companies May Hike The Small Car Price After GST Implementation

    Alto, Kwid और Swift जैसी छोटी कारें हो सकती हैं महंगी, 2-3% बढ़ेगा टैक्स

    नई दिल्ली.   जीएसटी काउंसिल के तय किए रेट का असर छोटी कारों के सेगमेंट पर नेगेटिव पड़ सकता है। नए बदलाव के मुताबिक, सभी तरह की कारों पर 28% का यूनिफॉर्म टैक्स रेट हो गया है, जिनमें छोटी कारें भी शामिल हैं। साथ ही कारों पर 1% से लेकर 15% तक का सेस भी लगाए जाएगा। ऑटो इंडस्ट्री के मुताबिक, इस कदम से छोटी कारों की कीमतों पर बोझ बढ़ेगा। हालांकि, एसयूवी, सेडान और लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आ सकती है। छोटी कारों की कीमतों पर ऐसे होगा असर...
     
    - मौजूदा टैक्स रेट के मुताबिक, अभी छोटी कारों पर 12.5% एक्साइज टैक्स और 14.5% तक वैट लगता है, जिसकी वजह से कुल टैक्स देनदारी 27% आती है। जीएसटी लागू होने पर 28% टैक्स के साथ छोटी कारों पर 1-3% का सेस लगेगा, जिससे छोटी कारों पर कुल टैक्स 29% से लेकर 31% के बीच लगेगा। इससे कारों की कॉस्ट बढ़ेगी। इसकी भरपाई कार कंपनियां कीमतें बढ़ाकर कर सकती हैं।
     
    इन कारों पर होगा असर
    - अगर कंपनियां टैक्स रेट बढ़ने से कीमतें बढ़ाती हैं तो इसकी वजह से ऑल्टो, क्विड, स्विफ्ट, टिआगो और इऑन जैसी कारों की कीमतें बढ़ सकती हैं। 
    - हालांकि, नए टैक्‍स रेट का सबसे ज्यादा फायदा एसयूवी, सेडान और लग्जरी कारें खरीदने वाले कस्टमर्स को मिल सकता है। 
    - ऐसा इसलिए क्योंकि ये 28% यूनिफार्म रेट के दायरे में आएंगी। जिन पर 15% सेस लगेगा। इसके बावजूद इन पर मौजूदा टैक्स की तुलना में कम टैक्स लगेगा। ऐसे में, कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं। 
    - अभी 1500CC से ज्यादा कैपिसिटी के इंजन वाली कारों पर 41.5% से 44.5% टैक्स लगता है। 
    - जीएसटी लागू होने पर इन कारों पर 43% के करीब टैक्स लगेगा। टैक्स कम होने पर कार कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं।
     
    क्या कह रही हैं कंपनियां
     
    ह्युंडई मोटर्स इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर (सेल्स एंड मार्केटिंग) आर.के. श्रीवास्तव ने moneybhaskar.com को बताया कि अभी तक जो रेट सामने आए हैं, उसके आधार पर एंट्री लेवल कारों पर लगने वाले टैक्स में इजाफा होगा। इसकी वजह से कीमतों में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
     
    क्या है GST?
    - GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। यह देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेस की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा।
    - इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
    - सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
     

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