राहत /कार खरीदारों को नई सरकार का मिल सकता है तोहफा, जीएसटी की दर में हो सकती है कटौती

  • ऑटो सेक्टर को बूस्ट करने के लिए सरकार जीएसटी दर में कटौती के साथ ऑटो लोन की दरों में भी कटौती कर सकती है।
  • ऑटो सेक्टर के जानकारों के मुताबिक अभी इंडस्ट्री में जॉब कट की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

 

Money Bhaskar

May 23,2019 11:18:00 AM IST

नई दिल्ली. पिछले दो महीनों से कार की बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है। अप्रैल, 2019 में तो पैसेंजर कारों की बिक्री में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 17 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन केंद्र में बनने वाली नई सरकार ऑटो सेक्टर को फिर से पटरी पर लाने के लिए कारों पर लगने वाले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कटौती कर सकती है। अभी यह दर 28 फीसदी है जिसे 18 फीसदी की जा सकती है। मतगणना के शुरुआती रुझान से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती दिख रही है।

बढ़ सकती है बेरोजगारी

ऑटो क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटो क्षेत्र रोजगार का बड़ा साधन है और मौजूदा सरकार का पहला एजेंडा रोजगार में बढ़ोत्तरी करना होगा क्योंकि रोजगार के मोर्चे पर सरकार काफी कुछ कर नहीं पायी है। ऐसे में सरकार हर हाल में ऑटो की मांग में बढ़ोतरी के लिए जीएसटी की दर में कटौती करेगी। वर्ष 2008-09 में मंदी के दौरान यूपीए की सरकार ने ऑटो सेक्टर को बूस्ट देने के लिए एक्साइज दर में कटौती की थी। ऑटो सेक्टर के जानकारों के मुताबिक अभी इंडस्ट्री में जॉब कट की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन अगर ऑटोमोबाइल सेक्टर में स्लोडाउन इसी तरह चलता रहा तो आगे चलकर नौकरियों पर खतरा हो सकता है। बता दें कि देश में ऑटो सेक्टर एक बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है।

ऑटो लोन की जीएसटी दर में कटौती संभव

विशेषज्ञों का यह भी कहा है कि ऑटो सेक्टर को बूस्ट करने के लिए सरकार जीएसटी दर में कटौती के साथ ऑटो लोन की दरों में भी कटौती कर सकती है। मौजूदा सरकार पहले से ही बैंकों में नकदी के प्रवाह को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। ऑटो की बिक्री में गिरावट को देखते हुए मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां उत्पादन में कटौती कर रही है जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा।

पैसेंजर व्हीकल और कार सेल्स में गिरावट

देश में पैसेंजर व्हीकल (PV) और कारों की बिक्री लगातार घट रही है। अप्रैल में घरेलू पैसेंजर ​व्हीकल की बिक्री 17 प्रतिशत और कार बिक्री में लगभग 20 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले मार्च 2019 में PV सेल्स लगभग 3 फीसदी व कार बिक्री 6.87 फीसदी गिरी थी। देश में कारों की बिक्री के साथ-साथ टू-व्हीलर सेल्स में भी कमी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज कार कंपनी ने पिछले तीन महीनों में अपना प्रॉडक्शन लगभग 39 फीसदी घटा दिया है।

क्या रही वजह

पैसेंजर व्हीकल और कारों की बिक्री में गिरावट की वजह NBFCs में लिक्विडिटी की कमी है। चुनाव खत्म होने पर नई सरकार बनने के बाद कई चीजें सुधरेंगी और स्थिरता आएगी।

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