रिपोर्ट /भारत में एक दिन में बिकते हैं 53,720 वाहन, 60 लाख FASTag लगाने में लगे 2 साल

  • ऑटोमोबाइल कंपनियां एक दिसंबर 2017 से निर्मित नए यात्री वाहनों, बसों और ट्रकों पर फास्टैग लगा रही हैं। 
  • कई साल लग सकते हैं सभी वाहनों में FASTag लगाने में

Moneybhaskar.com

Dec 02,2019 07:44:42 PM IST

नई दिल्ली. भारत में रोजाना करीब 53,720 वाहनों की बिक्री होती है। यह आंकड़ा सालभर में करोड़ों में पहुंच जाता है। अगर बात साल 2019 की करें, तो इस साल अकेले प्राइवेट वाहनों की बिक्री 1.96 करोड़ रुपए रही थी। ऐसे में देश में फास्टैग लगाने की रफ्तार काफी धीमी रही। नए यात्री वाहनों, बसो और ट्रकों में फास्टैग लगाने का काम साल 2017 में शुरू हुआ। तब ले लेकर अब तक महज 60 लाख वाहनों में फास्टैग लगाया गया है। राजमार्गों के टोल प्लाजा पर भुगतान को सरल बनाने के उद्देश्य से वाहनों में फास्टैग लगाने का काम शुरू हुआ था।

जल्द सभी वाहन होंगे 100 फीसदी फास्टैग


वाहन निर्माताओं के शीर्ष संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (सियाम) के मुताबिक फास्टैग ‘डिजिटल इण्डिया’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। सियाम के अध्यक्ष राजन वधेरा ने का कि फास्टैग को 100 फीसदी लागू किए जाने से सड़क परिवहन क्षेत्र पर सकारात्मक सामाजिक एवं पर्यावरणी प्रभाव पड़ेंगे। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों के सुगम संचालन को सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों और वाहनों को आने जाने के समय में कमी आएगी और परिवहन की दक्षता बढ़ेगी।

जागरुकता बढाने का होगा काम

परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से टोल प्लाजा पर फास्टैग जारी करने के लिए पहले से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत कर चुका है, जिन्हें पुराने वाहनों पर लगाया जा रहा है। कई जारीकर्ता बैंक इस अभियान के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से सार्वजनिक जागरुकता बढ़ाने के लिए भी काम कर रहे हैं।

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