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  • If even a single surface is compromised, a virus can infect the majority of a workplace in a matter of hours

ऑफिस में तेजी से फैलता है वायरस, ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की रहती है संभावना, इसलिए 'वर्क फ्रॉम होम' है जरूरी

  • अगर कोई व्यक्ति बीमार है और ऑफिस में अपने डेस्क पर छींकता या खांसता है तो कीटाणु की छोटी-छोटी बूंदें के जरिए हवा में फैलता है और उस स्थान को संक्रमित करता है।

Moneybhaskar.com

Mar 25,2020 03:51:36 PM IST

नई दिल्ली. चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी, जिसने अब महामारी का रूप ले लिया है। मौजूदा वक्त में दुनियाभर के करीब 140 से ज्यादा देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं। इस वायरस से अब तक 19 हजार एक सौ एक लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। ऐसे में लोगों ने कोरोना से बचाव के स्वरुप सोशल डिस्टेंशिंग बना ली है और लाखों की तादाद में लोग वर्क फ्रार्म होम कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक, ऑफिस में वायरस फैलने का डर ज्यादा रहता है। यही वजह है कि दुनिया के ज्यादातर देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों को ऑफिस की जगह घर से काम करने की सलाह दी है।

जानिए कैसे कार्यालय में तेजी से फैलता है वायरस

ऑफिस में कोरोनावायरस तेजी से फैलता है। इसकी सबसे बड़ी वजह ऑफिस में हर एक का अलग-अलग माहौल से आना है। शोधकर्ताओं के मुताबिक वायरस और बैक्टेरिया को ऑफिस में फैलने में मदद मिलती है। ऑफिस के डेस्क से लेकर लाइट और गेट के हैंडल से लेकर नल को हर कोई छूता है, जो वायरस के फैलने की वजह बन सकते है। किसी सहकर्मी के खांसने या छींकने से ऑफिस के उपकरणों पर वायरस फैल सकते हैं और आपको संक्रमित कर सकते हैं। एरिजोना विश्वविद्यालय में कॉलेज ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक शोधकर्ता जोनाथन सेक्सटन के मुताबिक, रेफ्रिजरेटर, दराज के हैंडल, नल के हैंडल, एक्जिट और एंट्री गेट के हैंडल और कॉफी के मग जैसी जगहों पर सबसे अधिक मात्रा में कीटाणु पाया जाता है।

हवा में फैलता है वायरस

वायरस का सबसे बड़ा जोखिम हवा के माध्यम से फैलना है। नेब्रास्का विश्वविद्यालय में कॉलेज ऑफ पब्लिक हेल्थ UNMC में महामारी पर शोध कर रहे प्रोफेसर डॉ अली खान के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बीमार है और ऑफिस में अपने डेस्क पर छींकता या खांसता है तो कीटाणु हवा में फैल जाते है और उस स्थान को संक्रमित करते है। इसके बाद उसके संपर्क मे आने वाले दूसरे व्यक्ति संक्रमित होते हैं। इसके साथ अगर किसी की प्राइवेट डेस्कट भी है, तो उससे भी कोरोना वायरस फैलने का डर हो सकता है। WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रो एडेनॉम गैब्रिएसस के मुताबिक, 'कोरोना एयरबॉर्न यानी हवा से भी फैलने वाला वायरस है, इसलिए ये और भी ख़तरनाक है, आप सबने देखा है कैसे ये देखते ही देखते 24 देशों में फैल चुका है।" इसके अलावा 16 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में WHO में एमरजिंग डिज़िज़ की हेड डॉक्टर मारिया केराकोव ने कहा, "एक हालिया स्टडी में सामने आया है कि कोरोना वायरस हवा में भी कुछ देर तक रह सकता है। इस रिपोर्ट में 'एरोलाइज़' की बात कही गई है जिसका मतलब ये वायरस का हवा में सामान्य से ज़्यादा देर तक रह सकते हैं।" हेल्थ केयर फैसिलिटी यानी अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका ज़्यादा ख़तरा है। इसलिए, कर्मचारियों को ज़्यादा सावधान रहने और एयरबॉर्न प्रिकॉशन लेने की ज़रूरत है, लेकिन आम लोगों को हर वक़्त मेडिकल मास्क पहनने की ज़रूरत नहीं हैं जब तक आपको ख़ुद संक्रमण ना हो या आप किसी संक्रमित शख़्स के साथ रह रहे हो।"

हैंडवाश करते रहें

अपने कार्यस्थल पर आप एक नियमित अंतराल पर अपने हाथ साफ करते रहें। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए दिनभर में पांच बार हाथ धोना जरूरी है। हाथ को साफ बहते हुए ठंडे या गर्म पानी में धोएं। साबुन पर्सनल हो या फिर लिक्विड हैंडवाश हो तो ज्यादा बेहतर है। 20 सेकंड तक दोनों हाथों को अच्छे से रंगड़कर साफ करें। साफ रूमाल, तौलिए से हाथ को अच्छे से पोछ लें या एयर ड्रायर से हाथ को सुखा लें।

सैनिटाइजर पास रखें, चेहरा न छुएं

बार-बार हैंडवाश के लिए वाशरूम जाना संभव न हो तो आप अपने पास हैंड सैनिटाइजर रख सकते हैं। आप खुद से तय करें कि किस काम के बाद आपको अपने हाथ साफ करने चाहिए। काम करते वक्त आप कोशिश करें कि हाथों से अपने चेहरे को न छुएं। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के अध्ययन के मुताबिक एक व्यक्ति एक घंटे में 23 बार अपना चेहरा छूता है। इसलिए चिकित्सक लोगों को आंख, नाक और चेहरा छूने से मना कर रहे हैं। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल प्रिवेंशन(CDC) के मुताबिक कार्यस्थल में कर्मियों को ऑफिसेज डिस्पोजेबल वाइप्स(पोछने के लिए) दिया जाना चाहिए। ऐसा इसलिए कि दरवाजों के हैंडिल, लिफ्ट के बटन, डेस्क, टीवी या एसी के रिमोट वगैरह छूने से पहले उसे वाइप्स से पोछ कर साफ कर लें। आप अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन भी साफ करते रहें। ऐसा करने से भी वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।

दुनियाभर में अब तक कोरोनावायरस के कुल 428,217 मामले सामने आए हैं

बुधवार दोपहर तीन बजे तक, दुनियाभर में अब तक कोरोनावायरस के कुल 428,217 मामले सामने आए हैं। इसमें 19,101 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। वहीं 109241 लोगों को इलाज के द्वारा ठीक किया गया है। भारत में कोरोना के एक्टिव पॉजिटिव मामलों की संख्या 562 है। कुल संक्रमित लोगों में 519 भारतीय नागरिक और 43 विदेशी नागरिक शामिल हैं। भारत में कोरोना से संक्रमित 41 लोगों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक भारत में कोरोना से नौ लोगों की मौत हुई है।

जानिए दुनिया के 5 प्रमुख देशों में कोरोना से संक्रमित और मृत लोगों की संख्या कितनी है?

देश का नाम कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या कोरोना से मृत लोगों की संख्या
इटली 69176 6820
चीन 81218 3281
स्पेन 42058 2991
ईरान 27017 2077
फ्रांस 22304 1100
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