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कोरोना संकट /100 डिस्टलरी और 500 अन्य कंपनियों को हैंड सेनेटाइजर बनाने की अनुमति, दूर होगी किल्लत

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के कारण हैंड सेनेटाइजर की ज्यादा मांग हो रही है। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के कारण हैंड सेनेटाइजर की ज्यादा मांग हो रही है।

  • मांग बढ़ने के कारण सरकार ने लिया फैसला, खाद्य मंत्रालय ने दिए सभी बाधा दूर करने के निर्देश
  • ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए तीन पाली में कार्य करने की अपील

Moneybhaskar.com

Mar 26,2020 05:25:00 PM IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस के मद्देनजर साफ सफाई और स्वच्छता के लिए डिस्टिलरी और चीनी मिलों को हैंड सेनेटाइजर का अधिकतम उत्पादन करने का निर्देश दिया है। कम से कम 100 डिस्टिलरी और 500 से अधिक उत्पादकों को हैंड सेनेटाइजर के उत्पादन के लिए अधिकृत किया गया है। कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देनजर लोगों में हैंड सेनेटाइजर की मांग बढ़ी है। स्वास्थ्यकर्मी और अस्पतालों में भी इसकी मांग दिनोंदिन बढती जा रही है।

उत्पादन में तेजी लाने के निर्देश

खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के अनुसार राज्य सरकारों, उत्पाद आयुक्तों, गन्ना आयुक्तों, औषधि नियंत्रकों और जिला प्रशासनों को हैंड सेनेटाइजर के उत्पादन के लिए एथनॉल की आपूर्ति की बाधाओं को समाप्त करने को कहा गया है। इसके साथ ही हैंड सेनेटाइजर के उत्पादन की अनुमति मांगने वालों को इसके उत्पादन का लाइसेंस दिया जाना चाहिए। व्यापक पैमाने पर हैंड सेनेटाइजर का उत्पादन करने की इच्छा रखने वाले डिस्टिलरी या चीनी मिल को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। ऐसे उद्योगों को अधिकतम उत्पादन के लिए तीन पाली में कार्य करना चाहिए। करीब 45 डिस्टिलरी और 564 अन्य उत्पादकों को हैंड सेनेटाइजर के उत्पादन की अनुमति दी गई है तथा 55 से अधिक डिस्टिलरी को एक-दो दिनों में इसके उत्पादन की अनुमति दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा अन्य लोगों को भी हेंड सेनेटाइजर के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार ने आम लोगों और अस्पतालों को उचित मूल्य पर हैंड सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के लिए 200 मिली. के पैक को अधिकतम एक सौ रुपये में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

कोरोना प्रभाव से निपटने के लिए आयात-निर्यात हेल्प डेस्क

सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति से निपटने में आयातकों और निर्यातकों की मदद करने के लिए एक हेल्प डेस्क की स्थापना की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों की मदद के लिये हेल्प डेस्क बनाई गई है। कोरोना वायरस से उत्पन्न हालात का सामना करने के लिए कारोबारी फोन नंबर 1800- 111- 550 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ‘डीजीएफटीईडीआईएटएनआईसीडाटआईएन’ पर पत्र लिखा जा सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि वाणिज्य मंत्रालय और विदेश व्यापार महानिदेशालय से संबंधित मुद्दे भी इसी डेस्क को भेजे जा सकते हैं।

डीपीआईआईटी ने शुरू की रियल टाइम मॉनिटरिंग

डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं के ट्रांसपोर्टेशन, वस्तुओं की डिलीवरी की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए गुरुवार को एक कंट्रोल रूम का गठन किया। डीपीआईआईटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यदि किसी निर्माता, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता या ई-कॉमर्स कंपनी को जमीनी स्तर पर कोई समस्या होती है तो वह कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकता है। किसी भी समस्या की स्थिति में टेलीफोन नंबर + 91 11 23062487 पर सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कंट्रोल रूम की ई-मेल आईडी [email protected] पर भी शिकायत की जा सकती है।

कोरोना वायरस से 21,300 मौतें, 467,844 संक्रमित

विश्व के अधिकतर देशों में फैल चुके कोरोनावायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब तक इस खतरनाक वायरस से 21,300 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 4,67,844 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता जा रहा है और देश में अब तक इससे संक्रमितों की संख्या 693 हो गई है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

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कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के कारण हैंड सेनेटाइजर की ज्यादा मांग हो रही है।कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के कारण हैंड सेनेटाइजर की ज्यादा मांग हो रही है।

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