लाॅकडाउन /ब्रिटेनिया को अगले 10 दिनों में स्टाॅक खत्म होने का सता रहा है डर, सप्लाई चेन बनाए रखने के लिए सरकार से लगाई गुहार

  • कंपनी के मुताबिक अगर सप्लाई चेक की एक भी कड़ी टूटती है तो दस दिनों के भीतर देश में पैकबंद खाद्य का स्टॉक खत्म हो सकता है।

Moneybhaskar.com

Mar 26,2020 05:01:18 PM IST

नई दिल्ली. ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक वरुण बेरी ने गुरुवार को कहा कि सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को तत्काल प्रभाव से बहाल करने के लिए सरकार के समर्थन और हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने आगाह किया कि अगर आपूर्ति श्रृंखला की एक भी कड़ी टूटती है तो दस दिनों के भीतर देश में पैकबंद खाद्य का स्टॉक खत्म हो सकता है। बेरी ने एक बयान में कहा, खाद्य उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला बिखरी हुई है और सामान के अंतर-राज्य आवाजाही पर निर्भर है।

7-10 दिनों में खत्म हो सकता है स्टॉक

उन्होंने आगाह किया, 'सामग्री की पूरी सप्लाई चेन में स्टॉक भंडारण कम हैं। अगर सप्लाई चेन में एक भी कड़ी टूटता है, तो देश में अगले 7 से 10 दिनों में पैकबंद खाद्य उत्पादों के भंडार की कमी हो सकती है।' उन्होंने कहा कि इस प्रकार यह जरूरी है कि खाद्य उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को संपूर्णता के साथ बहाल किया जाए और इन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपायों और पुलिस सुरक्षा के साथ काम करने की अनुमति दी जाए। आपूर्ति श्रृंखला में कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री, खाद्य विनिर्माण करने वाले कारखाने, कारखाने के श्रमिक, सामग्री और तैयार माल ले जाने वाले ट्रांसपोर्टर डिपो, थोक व्यापारी, वितरक और उनके विक्रेता शामिल हैं। उन्होंने सभी के लिए जरूरी परमिट जल्द से जल्द जारी करने की अपील की है।

लाॅकडाउन को पूरा समर्थन

उन्होंने कहा, 'हमारे कारखाने की प्राथमिकता इस समय पूरी स्वच्छता और सामाजिक अलगाव (सोशल डिस्टेंसिंग) प्रोटोकॉल के साथ उत्पादों का निर्माण करने की है। लेकिन हमें अपने फैक्टरी के कामगारों को समुचित सुरक्षा उपायों के साथ फैक्ट्री परिसर तक जाने की अनुमति देने के मामले में जिला अधिकारियों की ओर से समर्थन की आवश्यकता है।' बेरी ने कहा, 'इससे हमें उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी और पूरे देश में आवश्यक पैकबंद खाद्य पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।' उन्होंने कहा, 'हम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने और कोविद-19 महामारी से लड़ने के लिए उद्योग जगत की भावना और सरकार द्वारा उठाए गए उपायों के साथ हैं।' बेरी ने कहा कि आवश्यक वस्तु कानून 1955 के अनुसार खाद्य, एक आवश्यक वस्तु घोषित किया गया है तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मौजूदा समय में कामकाज एवं आवाजाही करने पर लगे प्रतिबंध से छूट दी गई है। जैसा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बार बार कहा है, पूरे देश में यथासमय लोगों को आवश्यक खाद्य वस्तुओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लोग घबराहटपूर्ण खरीदारी करने की स्थिति से बच सकें।

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