दूध की कोई कमी नहीं, लॉकडाउन के दौरान जारी रहेगी आपूर्ति, आवश्यकता से ज्यादा खरीदने की जरूरत नहीं

रविवार दोपहर को मनी भास्कर और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में दूध की बदहवाश खरीदारी की बात कही गई थी रविवार दोपहर को मनी भास्कर और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में दूध की बदहवाश खरीदारी की बात कही गई थी

  • अमूल के एमडी आरएस सोढ़ी ने कहा, कोरोना वायरस से दूध की आपूर्ति खराब नहीं हुई है
  • गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने लोगों से दूध और दूध के उत्पादों की पैनिक बाइंग न करने का आग्रह किया

Moneybhaskar.com

Mar 23,2020 02:39:27 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील किए जाने के बाद दूध की बदहवाश खरीदारी (पैनिक बाइंग) की रिपोर्ट आने के बाद गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) ने रविवार को लोगों से दूध और दूध के उत्पादों की पैनिक बाइंग न करने का आग्रह किया। अमूल ब्रांड के दूध की मार्केटिंग करने वाले जीसीएमएमएफ ने कहा कि दूध की कोई कमी नहीं है। रविवार दोपहर को मनी भास्कर और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि लोग पीएम की अपील के बाद से ही दूध की ज्यादा खरीदारी कर घर में जमा करने में जुट गए थे। रविवार को दिल्ली के एक इलाके में सुबह 5 से 7 बजे तक दूध की अंधाधुंध खरीदारी हुई। इसके कारण सात बजे के बाद कई लोगों को दूध नहीं मिल पाया।

देशभर में दूध की समुचित उपलब्धता बनी रहेगी

जीसीएमएमएफ के एमडी आरएस सोढ़ी ने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी का दूध की आपूर्ति पर असर नहीं पड़ा है। दूध की कोई कमी नहीं है। चाहे गुजरात हो, महाराष्ट्र हो, उत्तर प्रदेश हो या पंजाब हो, हम दूध की खरीदारी पहले की तरह कर रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि पिछले सप्ताह हमने दूध की खरीदारी 10-12 फीसदी ज्यादा की है। हम देशभर के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि दूध की समुचित उपलब्धता बनी हुई है और आगे भी बनी रहेगी।

दूध की ढुलाई पर केंद्र या राज्य सरकार ने कोई पाबंदी नहीं लगाई है

सोढ़ी ने यह भी स्पष्ट करके कहा कि दूध की ढुलाई पर केंद्र या राज्य सरकार ने कोई पाबंदी नहीं लगाई है। क्योंकि यह आवश्यक वस्तु है। उन्होंने कहा कि हम आपको यह भरोसा दिलाते हैं कि दूध और दूध के उत्पाद जैसे घी, दही, आदि का उत्पादन पहले की गति से जारी है। चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने उपभोक्ता से फिर आग्रह किया कि पैनिक बाइंग न करें।

दूध की खरीदारी बंद करने की अफवाह भी झूठी

पिछले गुरुवार को ऐसी अफवाह उड़ी थी कि अमूल किसानों से दूध की खरीदारी बंद कर देगा और साथ ही देशभर में अपने चिलिंग सेंटर भी बंद कर देगा। अमूल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह झूठी सूचना है। वह दूध की खरीदारी बंद नहीं कर रहा है।

जनता कर्फ्यू के दिन पैनिक बाइंग के कारण बहुत सारे लोगों को दूध नहीं मिल पाया

दैनिक भास्कर समूह की रविवार दोपहर की खबर के मुताबिक रविवार को दिल्ली के न्यू कोंडली इलाके में जनता कर्फ्यू के कारण सुबह 5 से 6 के बीच दूध की अंधाधुंध खरीदारी हुई और दुकानों पर 7 बजे तक दूध खत्म हो गया। आम दिनों में यह दिनभर दुकानों पर मिलता रहता है। मयूर विहार फेज-3 के न्यू कोंडली इलाके में सुबह लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। कई लोग सुबह सात बजे दूध के लिए इधर उधर भटकते दिखे। जबकि आम दिनों में यहां घरों के आसपास ही मौजूद करीब 50 किराना दुकानों में दूध मिल जाया करती है। कुछ लोगों को करीब दूरी पर स्थित मदर डेयरी शॉप से दूध लाते देखा गया। वहीं मदर डेरी का सफल स्टोर भी खुला हुआ था, जिस पर सब्जियां मिलती हैं। लेकिन सुबह सात बजे तक मदर डेयरी शॉप पर भी पैकेट दूध खत्म हो चुका था। उस वक्त तक सिर्फ टोकन वाला खुला दूध उपलब्ध बचा था। कुछ लोगों को यह कहते सुना गया कि कुछ स्थानों पर आधा किलो के दूध का एक पैकेट 50 रुपए तक में बिका है। वहीं पास में स्थित मदर डेयरी के सफल दुकान पर सुबह 7 बजे सब्जियों की उपलब्धता भी काफी कम दिखी। मदर डेयरी फ्रुट एंड वेजीटेबल प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली में दूध और सब्जियों की आपूर्ति करने वाली एक प्रमुख कंपनी है।

एक निजी थोक विक्रेता के पास 2,000 किलो दूध एक घंटे में बिक गए

न्यू कोंडली में एक विशाल क्षेत्र में फैले डीडीए मिक्स हाउसिंग सांसाइटी में दूध के एक मात्र थोक विक्रेता गगन डेयरी के पास भी सुबह 7 बजे तक सारा दूध बिक गया। उसने सुबह करीब 5 बजे 2,000 लीटर दूध उतरवाया था, जो एक घंटे में ही समाप्त हो गया। कई लोगों को दूध की पैकेट के लिए मिन्नत करते देखा गया।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद से ही दूध में शुरू हो चुकी थी पैनिक बाइंग

इस इलाके में दूध में दो दिन पहले यानी 20 तारीख से ही पैनिक बाइंग देखी गई। लोगों ने दूध की उपलब्धता में कमी का अनुमान लगाते हुए घर में दूध जमा करना शुरू कर दिया था। न्यू कोंडली इलाके में मौजूद लगभग सभी दुकानों में आम तौर पर सुबह से लेकर रात 11 बजे तक दूध मिल जाया करता है। लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा जनता कर्फ्यू का अपील किए जाने के बाद उसी रात करीब 10 बजे कई दुकानों पर दूध नहीं मिला। दुकानदार ने कहा कि कई लोगों ने ढेर सारा दूध खरीद लिया। शुक्रवार और शनिवार को भी शाम के समय दुकानों में दूध नहीं मिल पाया। रविवार को तो यह सुबह ही खत्म हो गया।

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रविवार दोपहर को मनी भास्कर और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में दूध की बदहवाश खरीदारी की बात कही गई थीरविवार दोपहर को मनी भास्कर और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में दूध की बदहवाश खरीदारी की बात कही गई थी

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