Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

    Home »Market »Stocks» In Algorithmic Trading Computer Does Trading Itself Based On Commands

    एल्गो ट्रेडिंग: माइक्रो सेकंड में सौदे, कम्प्यूटर बने ब्रोकर


    ट्रेडिंग कम्प्यूटर प्रोग्राम या एक खास तरह के सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाने वाली शेयरों की खरीद-बिक्री एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग कहलाती है। इस तरह के सॉफ्टवेयर को उचित शेयरों की पहचान और उनकी खरीद-बिक्री के लिए इंसान की जरूरत नहीं होती।

    एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग को ऑटोमेटेड ट्रेडिंग, ब्लैक बॉक्स ट्रेडिंग या एल्गो ट्रेडिंग भी कहा जाता है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की जाती है। इसमें ऑर्डर की टाइमिंग, कीमत और मात्रा सभी कुछ पहले से दिया गया होता है। जैसे ही पहले से निर्धारित समय, मात्रा और कीमत से मार्केट की स्थितियां मेल खाती हैं, उसी वक्त ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांजैक्शन हो जाता है। ये कम्प्यूटर प्रोग्राम खुद यह तय करते हैं कि कब, कहां और किस शेयर का कारोबार करना है।

    आगे की स्लाइड में जानें किसमें होता है एल्गो ट्रेडिंग का सबसे अधिक इस्तेमाल- 
     
     



     

    और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

    Recommendation

      Don't Miss

      NEXT STORY