• Home
  • Bull and Bear are terms often used and heard in while trading or investing in equities.

जानें शेयर मार्केट के BULL और BEAR का मतलब, दिलचस्प है कहानी

MARKET TEAM

Nov 17,2014 07:00:00 AM IST
यदि आप शेयर बाजार में पैसा लगाने जा रहे हैं, तो वहां की टर्मिनॉलॉजी भी आपको मालूम होनी चाहिये। अखबारों में शेयर बाजार की खबरों के साथ आपने बुल यानी बैल की तस्‍वीर जरूर देखी होगी। क्‍या आपको पता है वो किस बात का प्रतीक है। यही नहीं बीयर यानी भालू शेयर बाजार में किस बात को दर्शाता है। बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं। आज हम आपको मिलवा रहे हैं शेयर मार्केट के इन्ही बुल और बीयर से। जानिए क्या होता है इनका मतलब।
बुल मार्केट
यदि बाजार को लोग बुल मार्केट कह कर पुकारें तो इसका मतलब यह है कि निवेशक या ट्रेडर्स का अनुमान है कि शेयर के भाव ऊपर चढ़ेंगे और पूरे बाज़ार का सूचकांक ऊपर उठेगा। जब ऐसा होता है तब बुल की तस्‍वीर के साथ सूचकांक की खबरें आती हैं। यानी बुल दिखे तो समझ लीजिये सब अच्‍छा ही अच्‍छा है।
क्यों है दिलचस्प
दरअसल, शेयर मार्केट को बुल से ही इसलिए दर्शाया गया क्योंकि ऐसा माना जाता है कि बुल एक ऐसा जानवर है जो उछाल-उछाल कर मारता है। इसलिए जब शेयर मार्केट में उछाल होता है तो इसे बुल मार्केट कहा जाता है।
आगे की स्लाइड में जानिए क्या होता है बीयर मार्केट का मतलब...
नोटः तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
बीयर मार्केट यदि शेयर के खरीददार नहीं मौजूद हों और बाजार भाव नीचे गिरने की आशंका व्यक्त की जाए तो उस ट्रेंड को बीयर ट्रेंड कहते हैं। ज्यादातर जब मार्केट गिरता है या फिर बहुत तेजी से नीचे आता है तो कहा जाता है कि ये बीयर ट्रेंड की वजह से हो रहा है। दरअसल, बीयर ट्रेंड इसलिए कहा जाता है क्योंकि निवेशक शेयर मार्केट से नजरें चुराने लगते हैं और ऐसा ही बीयर के लिए कहा जाता है। क्योंकि भालू यानी बीयर हमेशा अपनी गर्दन नीचे झुका कर चलता है। आपके लिये यही सुझाव है कि जब भी किसी कंपनी के शेयर या शेयर बाजार में बीयर की चाल चल रहा हो, तो निवेश करने से पहले 10 बार सोचें।शेयर बाजार में बुल व बीयर कौन हैं? स्टॉक एक्सचेंज में सटोरियों को दो श्रेणियों बुल एवं बीयर में बांटा जा सकता है। इन्हें तेजड़िया व मंदड़िया भी कहा जाता है। बुल वह सटोरिया होता है जो किसी कंपनी के शेयरों के निकट भविष्य में भाव बढ़ने की उम्मीद के साथ उनको मौजूदा भाव पर खरीदता है, ताकि वह उन्हें आगे ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफा कमा सके। बीयर यानी मंदड़िये वह सटोरिये होते हैं जो किसी कंपनी के शेयर, उनके निकट भविष्य में भाव गिरने की आशंका में बेचते हैं। मंदड़ियों की भूमिका भी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में मुख्य होती है। बाजार में जब बिना किसी आधार के तेजड़िया गतिविधियां बढ़ जाती हैं तो किसी न किसी घोटाले की आशंका भी बढ़ जाती है।
X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.