इराक में विद्रोह नहीं थमा तो क्रूड ऑयल की कीमतें छुएंगी आसमान

moneybhaskar.com

Jun 24,2014 07:50:00 AM IST
अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर क्रूड का दाम 6,500 रुपये प्रति बैरल के करीब है तो ब्रेंट क्रूड अपने नौ महीने के उच्चतम स्तर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रहा है।

इराक में ताजा हाल: विद्रोही बगदाद के बेहद करीब

इराक में उपजे संकट से क्रूड की कीमतों में अस्थिरता आई और मौजूदा हालात ग्लोबल स्तर पर क्रूड के लिए और खराब माना जा रहा है। एक तरफ शिया विद्रोही राजधानी बगदाद के काफी करीब पहुंच गए हैं और किसी भी वक्त राजधानी बगदाद पर कब्जा करने के लिए अपनी मुहिम की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी बगदाद पहुंच कर इराकी प्रधानमंत्री नूरी अल-मलीकी से मुलाकात की। केरी ने प्रधानमंत्री से सुन्नी विद्रोहियों को सत्ता में शामिल करने की अपील की। मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ महीनों में ब्रेंट क्रूड 125-130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है और घरेलू बाजार में क्रूड 6800 रुपए प्रति बैरल की कीमत पार कर सकता है।

क्या कहता है बिजनेस भास्कर का सर्वे

घरेलू बाजार में ज्यादातर ब्रोकर्स का मानना है कि ब्रेंट क्रूट 120-130 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आ सकता है। 10 ब्रोकिंग हाऊस के बीच कराए गए बिजनेस भास्कर के सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे के मुताबिक घरेलू बाजार में क्रूड 6800 रुपए प्रति बैरल तक जा सकता है। निर्मल बांग के कुनाल शाह के मुताबिक कच्चा तेल 117 डॉलर प्रति जा सकता है वहीं जीएफएम के भरत शाह का मानना है कि 120 डॉलर तक जा सकता है। एंजेल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता के मुताबिक साल के अंत तक कच्चा तेल 122-130 डॉलर पहुंच सकता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें आखिर क्यों कच्चे तेल की कीमतों में आ रहा है उछाल-

क्यों कच्चे तेल की कीमतों में आ रहा है उबाल
 
इराक संकट

इराक में सुन्नी लड़ाके एक बाद एक नए शहरों पर कब्जा करते जा रहे है। रविवार को लड़ाकों ने पश्चिमी सीमा पर सीरिया और जॉर्डन से लगने वाली सीमा पर दो और चौकियों पर अपना कब्जा कर लिया है। अनबर प्रांत के 70 फीसदी हिस्से पर सुन्नी लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है। इराक के तल अफर शहर में मौजूद सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक पर भी विद्रोहियों का कब्जा हो गया है। इन सब के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि इराक को ऐसी सरकार बनानी चाहिए जो सबको मंजूर हो। अमेरिका के इस रवइए से विद्रोहियों के मनोबल बढ़ेगा। इराक ओपेक का दुसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। यहा रोजाना 33 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है।

रुस और यूक्रेन तनाव   
 
एक बार फिर से रुस और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ रहा है। रविवार को यूक्रेन की सेना और रुस समर्थक विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इससे पहले पहले रुस समर्थक विद्रोहियों ने सेना के जहाज को मार गिराया था। कूछ दिनों पहले ही अमेरिका ने पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया गया था। यूक्रेनी के सरकारी बलों और रूस समर्थक उग्रवादियों के बीच पूर्वी यूक्रेन में पिछले दो महीने से ज्यदा समय से लडाई चल रही है।
चीन के अर्थव्यवस्था में रिकवरी
चीन में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के अच्छे आंकड़ों से कच्चे तेल की मांग बढ़ने की संभावना है जिसके कारण कीमतों को सहारा मिल रहा है। जून में एचएसबीसी के मुताबिक चीन का मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 50.8 रहा। पिछले महीने 49.4 के मुकाबले था वहीं विशेषज्ञों का अनुमान 49.7 था। चीन का पीएमआई 6 महीने के ऊंचाई पर पहुंच गया है। चीन दुनिया का दुसरा सबसे बड़ कच्चा तेल उपभोगता देश है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ्तार

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिका में बेरोजगारों की संख्या उम्मीद से ज्यादा घट गई। वहीं अमेरिकी फेड ने बेरोजगारी का अनुमान भी 6.1-6.3 से घटाकर 6-6.1 फीसद कर दिया है। फेड के मुताबिक साल 2015 के दौरान अमेरिका में 5.4-5.7 फीसद बेरोजगारी रहने का अनुमान है।
अमेरिका के रुख का असर
इराक में चल रहे तनाव को लेकर अमेरिका के कंन्नी काटने से भी कच्चे तल की कीमतों में उछाल आ रही है। अमेरिका ने इराक पर सैन्य कार्यवाही करने से इंकार कर दिया है। हालांकि 300 सैनिक सलाहकार जरुर भेजा है। इसके साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इराक संकट अन्य देशों में फैलने कि चेतावनी दी है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि इराक को ऐसी सरकार बनानी चाहिए जो सबको मंजूर हो। अमेरिका के इस रवइऐ से इराक संकट और गहता जा रहा है।
 
दक्षिणी इराक पर पकड़ बना रहे हैं  सुन्नी विद्रोही

सुन्नी विद्रोही इराक के उत्तरी शहरों पर कब्जा करके दक्षिण की तरफ बढ़ रहे है। दक्षिण में देश का 85 फीसदी तेल उत्पादन होता है। इस हिस्से में रोजाना 31 लाख बैरल का उत्पादन हो रहा है। वहीं उत्तरी इराक में 15 फीसदी यानि करीब 2 लाख बैरल होता है। तेल मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, टैंकर से फारस की खाड़ी से करीब 25 लाख बैरल रोजाना तेल निर्यात करता है।
 
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