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    टैक्‍स भरना है जिम्‍मेदारी, लेकिन सही टैक्‍स भरना है समझदारी

    टैक्‍स भरना है जिम्‍मेदारी, लेकिन सही टैक्‍स भरना है समझदारी
    अगर आप टैक्‍स जमा करते हैं तो राष्‍ट्र हित में यह आपकी एक अच्‍छी आदत कहा जा सकता है। एक कारोबारी या नागरिक के लिए यह एक बड़ी जिम्‍मेदारी भी है। लेकिन यहां जरूरी है कि आप सही टैक्‍स अदा करें। यदि आप सही टैक्‍स गलत तरीके से जमा करते हैं तो जिम्‍मेदार नागरिक होने के बाद भी अाप पर जुर्माना लग सकता है। 
     
    यह उस समय और भी जरूरी हो जाता है जब आप सर्विस टैक्‍स जमा करते हैं। क्‍योंकि यहां जरूरी है आप सही सर्विस टैक्‍स सही कोड के अंतर्गत जमा करें। कई बार कारोबार टैक्‍स तो जमा कर देते हैं लेकिन इसके बाद भी जुर्माना और दंड अदा करते हैं। इन गलतियों को आप न दोहराएं इसलिए हमें सबसे पहले समझना होगा कि कोड्स क्या होते हैं।
     
    1. अकाउटिंग कोड
    इसका  प्रयोग एजुकेशन सेस, सैकेण्डरी एंड हायर एजुकेशन सेस में इस्तेमाल होता है। सर्विसेज के लिए 120 कोड्स हैं और दो कोड्स सेस के लिए हैं। प्रत्येक प्रक्रार की सेवा  के लिए यहां टैक्स कलेक्शन, अन्य प्राप्तियों, पैनाल्टी और रिफंड के लिए अलग अलग कोड हैं।
     
    2. असेसी कोड/ सर्विस टैक्स कोड
     
    यह 15 डिजिट का पैन रजिस्ट्रेशन नंबर है। इस प्रकार अकाउंटिंग कोड सर्विस के लिए और असेसी कोड असेसी के लिए है।  अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गलत तरीके से सर्विस टैक्स का भुगतान किस कोड में हुआ। 
    1 अकाउंटिंग कोड 
    2 असेसीज/ सर्विस टैक्स कोड  
    अगर गलत कोड में तहत सर्विस टैक्स टैक्स का भुगतान हुआ है तो ऐसा तब हो सकता है कि जब आपने सर्विस टैक्स का भुगतान गुड्स ट्रांसपोर्ट के बजाए कारगो हैंडलिंग के कोड में कर दिया हो। तो विभाग उसे दरकिनार कर पीएओ आपकी गलती को सुधार देगा। लेकिन अगर आपने गलत एसेसी कोड के तहत अपना टैक्स भरा तो आपको काफी  नुकसान उठाना पड़ेगा। 
    यदि असेसी ने गलत असेसी कोड के तहत टैक्स अदा किया है, तो कुछ विशेष मामले में कमिशनर अपील पार्टी द्वारा की गई अपील को अनुमति दे सकते हैं।
     
    ऐसे में भी मामले हैं जिसमें कमिशनर अपील के आदेशों को विभाग ने भी मान लिया और उसके खिलाफ अपील भी नहीं की। इसके साथ ही ई-पीएओ और सेंट्रल एक्साइज के अधिकारियों द्वारा भी इस संबंध में बहुत से निर्देश और स्पष्टीकरण दिए हैं। किसी भी मामले में जब किसी सर्विस के लिए सरकार टैक्स प्राप्त कर लेती है तो असेसी से दोबारा टैक्स अदा करने की मांग करने का सवाल ही नहीं उठता।
     
     
    लेखक टैक्‍स एक्‍सपर्ट और  taxindiaonline.com में एडिटर-इन-चीफ हैं। 

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