क्या है मुख्य महंगाई दर

moneybhaskar.com

Jun 02,2014 09:24:00 PM IST
मुख्य महंगाई दर कमोडिटी के एक बास्केट की कीमतों के आधार पर तय होती है। इसमें खाद्य वस्तुओं और ईंधन की अस्थिर कीमतें शामिल नहीं की जाती। कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बैंकों को इकोनॉमी में मांग के दबाव पर नजर रखनी पड़ती है। ज्यादा मांग की वजह से कीमतों में बढ़ोत्तरी होती है और महंगाई बढ़ती है। मुख्य महंगाई से मांग का पता चलता है।
यह इस बात का भी संकेत देती है क्या मैन्यूफैक्चरर मांग में थोड़ी भी कमी के बगैर इनपुट कॉस्ट को उपभोक्ताओं पर लाद पा रहा है। इस तरह देखा जाए तो मुख्य महंगाई दर केंद्रीय बैंक को महंगाई का आकलन करने में मदद करती है। मुख्य महंगाई की ऊंची दरों का मतलब होता है कि इकोनॉमी में मांग का दबाव बना हुआ है जो महंगाई को रफ्तार दे सकती है, इसलिए केंद्रीय बैंक इसकी रफ्तार घटाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा देता है।
दूसरी ओर, अगर मुख्य महंगाई दर कम होती है तो केंद्रीय बैंक दरों में कटौती करता है और इससे मांग में इजाफा देखने को मिलता है। अगर केंद्रीय बैंक सिर्फ महंगाई दर पर फोकस करता है, तो मौद्रिक नीति असफल हो सकती है। क्योंकि इसमें खाद्य पदार्थों का मूल्य शामिल होता है और इसमें तेज घट-बढ़ देखने को मिल सकती है।
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