महंगाई दर और ब्याज दरों का सम्बन्ध

dainikbhaskar.com

Jun 03,2014 07:16:00 PM IST
जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो लोग ज्यादा कर्ज लेते हैं। ज्यादा कर्ज ले कर लोग वस्तुएं खरीदते हैं। ऐसे में वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है और महंगाई बढ़ सकती है। इसके उलट अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग कम खर्च करेंगे और महंगाई दर कम हो जाएगी। लेकिन ऐसा हमेशा ही सच हो, ऐसा नहीं है। जिन अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई का स्तर कम है (जैसे विकसित अर्थव्यवस्थाएं), वहां ब्याज दरें भी काफी कम हैं, जबकि जहां पर महंगाई का स्तर ज्यादा है (जैसे विकासशील अर्थव्यवस्थाएं), वहां ब्याज दरें भी ज्यादा हैं।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि वक्त के साथ पैसे की कीमत घटती जाती है क्योंकि महंगाई दर बढ़ने से मुद्रा की क्रय शक्ति घटने लगती है। अगर आपका निवेश महंगाई दर से कम रिटर्न देता है, तो सौदा घाटे का है। अगर आपका बैंक आपके पैसे पर 4 फीसदी का रिटर्न दे रहा है और महंगाई दर 8 फीसदी है तो आपको बैठे बिठाए 4 फीसदी का नुकसान हो रहा है।
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