विज्ञापन
Home » Do You Know » Inflation » FAQwhat is stagflation

क्या है स्टैगफ्लेशन

स्टैगफ्लेशन यानी महंंगाई जनित मंदी एक जटिल आर्थिक स्थिति है। इसमें विकास दर थम जाती है या घट जाती जबकि महंगाई की दर गजब ढाने लगती है।

what is stagflation
स्टैगफ्लेशन यानी महंंगाई जनित मंदी एक जटिल आर्थिक स्थिति है। यह शब्‍द स्‍टैगनेशन और इन्‍फलेशन यानी ठहराव व महंगाई से मिलकर बना है। इसमें विकास दर थम जाती है या घट जाती जबकि महंगाई की दर गजब ढाने लगती है। बेकारी बढ़ने के लिए यह आदर्श स्थिति है। स्‍टैगफ्लेशन की इसलिए जटिल है क्‍यों कि उत्‍पादन बढ़ाने के लिए कर्ज सस्‍ता किया जाता है और बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ाया जाता है। बाजार में ज्‍यादा धन महंगाई का ईंधन बन जाता है। इसलिए स्‍टैगफ्लेशन का दुष्‍चक्र तोड़ना मुश्किल हो जाता है। 
1970 में मिला इस अवधारणा को समर्थन
स्टैगफ्लेशन की अवधारणा को 1960 के दशक तक स्वीकृति हासिल नहीं थी। पहली बार ब्रिटिश पार्लियामेंट में लेन मेकलोड ने 1965 में स्टैगफ्लेशन शब्द का इस्तेमाल किया था।1970 के दशक में स्टैगफ्लेशन की अवधारणा को समर्थन मिला। जब वस्तुओं की उत्पादन कम था, बेरोजगारी दर और महंगाई चरम पर थी। 
 
दुनिया भर में रही है स्टैगफ्लेशन
दुनिया में कई अर्थव्यवस्थाओं में स्टैगफ्लेशन आ चुका है। 1970 के दशक में दुनिया भर में फैले स्टैगफ्लेशन के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। यह तेल की कीमतों की वजह से पैदा हुई थी। यह लंबा चला और इस दौरान केंद्रीय बैंक सस्‍ते कर्ज से ग्रोथ वापसी की रणनीति में नाकाम रहे थे।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन