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क्या है प्रति व्यक्ति जीडीपी और परचे‍जिंग पॉवर पैरिटी

जब किसी देश की जीडीपी को इस देश की जनसंख्या से भाग देते हैं, तो प्रति व्यक्ति जीडीपी का पता चलता है।

Per capita GDP and purchasing power
किसी देश का जीडीपी साल भर के दौरान उस अर्थव्यवस्था में पैदा की गई वस्तुओं का कुल मूल्य है और जब इसे देश की जनसंख्या से भाग देते हैं तो प्रति व्यक्ति जीडीपी का पता चलता है। यह सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाले आंकड़ों में से है, इसलिए यह किसी देश के लोगों के जीवन स्तर को प्रकट करने वाला मानक बन गया है।
 
परचेजिंग पॉवर पैरिटी 
चूंकि अधिकतर वैश्विक व्यापार डॉलर में किया जाता है, इसलिए उसे एक स्टैंडर्ड मानक मान लिया गया है। इस आधार किसी देश में लोगों की क्रय शक्ति यानी खर्च करने की क्षमता नापी हाती है। भारत में एक डॉलर के बदले हमें करीब 59 रुपए देने पड़ेंगे, यानि डॉलर को मानक मानने पर रुपये की क्रय शक्ति 59 है। परचेजिंग पॉवर पैरिटी इस बात का बेहतर मूल्यांकन करती है कि वस्तुओं और सेवाओं के एक बास्केट (समूह) की कीमत अलग अलग अर्थव्यवस्थाओं में क्या होगी। इस पैमाने से विभिन्‍न देशों में आय व खर्च को एक समान से रूप से मापने में मदद मिलती है। 

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