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BUDGET 2014: 24 घंटे मिलेगी बिजली, गांव में दी जाएगी ब्रॉडबैंड सेवा

इस बजट में अरुण जेटली ने 24 घंटे बिजली देने और रूरल पावर प्लान के लिए 5 अरब रुपयों की घोषणा की है।

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नई दिल्ली. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट में आम आदमी को लुभाने के लिए काफी सारी घोषणाएं कर दी हैं। देश में सालों से चली आ रही बिजली की जिस मुसीबत को दूर करने का दावा अब तक की सरकारें करती रही हैं, अरुण जेटली भी उससे पीछे नहीं रहे। इस बजट में अरुण जेटली ने 24 घंटे बिजली देने और रूरल पावर प्लान के लिए 5 अरब रुपयों की घोषणा की है। इतना ही नहीं, गांव में भी ब्रॉडबैंड सेवा देने की बात वित्त मंत्री ने अपने बजट में कही।

आइए जानते हैं क्या-क्या कहा वित्त मंत्री ने अपने इस बजट में-
 

गांव में ब्रॉड़बैंड के लिए नई ब्रॉडबैंड योजना।

गांवों को ब्रॉडबैंज से जोड़ जाने की योजना की तहत सरकार गांवों की शहरों पर निर्भरता कम करने के साथ ही विकास पर जोर देगी। हालांकि, इसके लिए बड़े पैमाने पर योजना बनानी होगी। गांवों को मॉडल गांव की तरह विकसित कर योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है। निवेश पर जोर होगा। इसमें बड़े पैमाने पर निवेश आ सकता है।

24 घंटे बि‍जली और नई रूरल पावर प्‍लान के लि‍ए 5 अरब रुपए

सरकार पहले चुनावी घोषणा पत्र के दावों को पूरा करने के लि‍ए 24 घंटे बि‍जली देने की बात कर रही है, लेकि‍न वर्तमान हालत यह है कि‍ शहरों में पावर प्‍लांट्स के पास बि‍जली पैदा करने के लि‍ए कोयला ही नहीं है। वहीं, सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स का काम अभी कुछ ही राज्‍यों में है। वहीं, रूरल पावर प्‍लान जि‍से गुजरात में शुरू कि‍या गया था, उसे देश भर में लागू कि‍या जाएगा। यह योजना काफी कारगर साबि‍त हुई है।

आगे की स्लाइड में पढ़ें अन्य घोषणाएं- 
 
नोट- तस्वीरों का प्रयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 
 


महंगाई रोकने लिए 500 करोड़ रुपए का महंगाई फंड

महंगाई सरकार और आम आदमी के लिए बड़ी समस्या है। सरकार इस फंड के जरिए कुछ जरूरी चीजों का निर्यात रोक उसके भरपाई कर सकती है। इस कदम से महंगाई पर कुछ लगाम लगने की उम्मीद जग सकती है।

4000 करेाड़ रुपए कम कीमत के घरों के लिए आवंटित।

एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार देश में करीब 2.5 लाख घरों की कमी है, जिसमें से 90 फीसदी घर कम कीमत आय वर्ग को चाहिए। ऐसे में 4000 करोड़ की रकम बहुत ही कम है। इस रकम से मोदी सरकार सभी को घर देने के सपने को पूरा नहीं कर सकती है।

सब्सिडी कम की जाएगी, डीजल और एलपीजी मंहगे हो सकते हैं। सिर्फ जरूरतमंदों को मिलेगी सब्सिडी।

इसका मतलब यह है कि सरकार सब्सिडी के बोझ को कम करने पर विचार कर रही है। अगर सरकार ऐसा करने में कामयाब रही, तो इसे घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।
 
आगे की स्लाइड में जानें कुछ अन्य घोषणाओं के बारे में- 
 

अन्य घोषणाएं-
 
  1. 19 इंच से कम एलसीडी और एलईडी में सीमा शुल्क शून्य करने का प्रस्ताव। कीमतों में आएगी गिरावट।
  2. कश्मीरी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपए।
  3. दिल्ली में बिजली सुधार के लिए 200 करोड़ और पानी सुधार के लिए 500 करोड़ रुपए।
  4. हर परिवार के लिए दो बैंक अकाउंट का प्रावधान।
  5. गंगा परियोजना के तहत जलमार्ग विकास योजना।
  6. नए शिक्षक प्रशिक्षण के लिए 500 करोड़ रुपए।
  7. राष्ट्रीय शुद्द पेयजल के लिए 3600 करोड़ रुपए।
  8. महिला बैंक को 100 करोड़ रुपए। राष्ट्रीय आवास बैंक को 8000 करोड़ रुपए।
  9. बेटी बचाओ योजना के लिए 100 करोड़।
  10. 50 हजार करोड़ रुपए दलित योजनाओं के लिए।
  11. शहरी मिशन के लिए पांच साल में 50,000 करोड़ रुपए।
  12. अफोर्डेबल हाउसिंग से संबंधित मानकों में बदलाव होंगे, जिसकी वजह से रियल्टी सेक्टर की लागत कम हो सकेगी। इसका मतलब यह हुआ कि लोगों को अपेक्षाकृत कम कीमत में घर मिल सकता है।
     
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