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फूड एंड बेवरेजेज में मौके, छोटे शहरों में बढ़ी डिमांड

BUSINESS TEAM

Sep 18,2014 05:00:00 PM IST
नई दिल्ली। फूड एंड बेवरेजेज (एफएंडबी) सेक्टर में छोटी कंपनियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि साल 2019 तक एफएमसीजी सेगमेंट के 40 फीसदी हिस्से में इन्हीं टियर 2 एफएंडबी कंपनियों का कंट्रोल होगा। इसके अलावा इन कंपनियों को छोटे शहरों में ढेरों मौके मिलेंगे।
पिछले 6 सालों में छोटी कंपनियों का घरेलू एफएंडबी मार्केट में शेयर बढ़ा है। पहले एफएंडबी मार्केट में टियर 2 एफएमसीजी कंपनियों की हिस्सेदारी 20 फीसदी थी, जो अभी 30 फीसदी हो गई है। क्रिसिल के मुताबिक, इन छोटी कंपनियों की ग्रोथ बड़ी फर्मों के मुकाबले दोगुनी रही है।
क्रिसिल ने 125 एफएमसीजी कंपनियों की एनालिसिस की, जिनमें ज्यादातर टियर 2 फर्में हैं। स्टडी के मुताबिक, अगले 5 सालों में इन कंपनियों की ग्रोथ रफ्तार पकड़ेगी। रिपोर्ट की मानें तो छोटी और रीजनल कंपनियां ग्रोथ के मोर्चे पर नेस्ले, आईटीसी और ब्रिटेनिया जैसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों से आगे निकल रही हैं।
छोटे शहरो में अच्छी डिमांड
क्रिसिल का मानना है कि कारोबार के लिहाज से टियर 2 शहरों से अच्छी डिमांड निकलती रहेगी। हालांकि, छोटी कंपनियों को फंडिंग से जुड़ी चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है। रिसर्च फर्म का कहना है कि एफएमसीजी सेगमेंट में 40 फीसदी हिस्सेदारी जमाने के लिए छोटी कंपनियों को 160-180 अरब रुपए की जरूरत होगी।
टियर 2 यानी छोटी कंपनियों की बीते दिनों की ग्रोथ स्ट्रक्चर्ड भी रही है। क्रिसिल के मुताबिक, “इस सेगमेंट में कई छोटी कंपनियां भी उतर सकती हैं। अनुमान है कि बड़ी कंपनियों के मुकाबले छोटी कंपनियां 75 से 80 फीसदी ज्यादा तेजी से तरक्की करेंगी। बस छोटी कंपनियों को जरूरी पूंजी जुटानी होगी।” क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल केयर और होम केयर सेगमेंट में ढेरों मौके मौजूद हैं। वहीं, कंज्यूमर्स को भी छोटे ब्रान्ड्स पर भरोसा होने लगा है।
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