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    क्या आपकी क्रेडिट रिपोर्ट भी बेवजह हो गई है गड़बड़

    क्या आपकी क्रेडिट रिपोर्ट भी बेवजह हो गई है गड़बड़

    जब क्रेडिट रिपोर्ट हो गड़बड़
    अगरआप किसी भी तरह का लोन लेने जा रहे हैं तो सबसे पहले अपना सिबिल स्कोर मंगवाएं और बारीकी से उसका निरीक्षण करें
    कईबार नाम, पता व शहर की समानता की वजह से या फिर असावधानी के चलते किसी अन्य के लेन-देन का विवरण किसी दूसरी व्यक्ति की प्रोफाइल में जोड़ दिया जाता है
    अगरसिबिल या बैंक आपके निवेदन पर 30 दिनों तक कोई जबाव नहीं देते हैं तो आप इसकी शिकायत बैंङ्क्षकग लोकपाल से www.bankingombudsman.rbi.org.in. पर कीजिए

    बिजनेसभास्कर के एक पाठक ने मुझे एक पत्र लिख कर बताया कि कैसे सदस्य बैंक द्वारा सिबिल को किसी और के लेन-देन की रिपोर्टिंग करने के बाद उसे किसी भी अन्य बैंक से होम लेने में बेहिसाब परेशानियां हुई। इस पत्र ने मुझे प्रेरित किया कि मैं यह लेख लिखूं ताकि अन्य लोगों के सामने जब इस तरह की परेशानी आए तो वह बेहतर तरीके से इस समस्या से निबट सकें।

    सिबिल रिपोर्ट का महत्व
    कानून के तहत स्थापित सिबिल एक क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो है। प्रावधानों के अनुसार सभी वित्तीय संस्थानों को अपने कर्जदारों के आंकड़े कम से कम दो क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के साथ साझा करना जरूरी है। चाहे आपका उधार लेन-देन का हो, लोन या क्रेडिट कार्ड का हो, इसका विवरण बैंक व वित्तीय संस्थान सिबिल को भेजते हैं और यह सारी जानकारियां एक रिपोर्ट के रूप में सिबिल के पास होती है।

    कृपया इस बात का ध्यान रखें कि सिबिल सिर्फ आपके सभी के्रडिट भुगतान इतिहास (फिलहाल सिर्फ कर्ज व क्रेडिट कार्ड) का वह तथ्यात्मक आंकड़ा ही रखती है जो कि उसे विभिन्न कर्जदाताओं द्वारा मिलते हैं, यह किसी को डिफॉल्टर के रूप में ब्रांड नहीं करती।

    चूंकि कोई पैसा उधार देने के पहले कर्जदाता कर्ज लेने वाले व्यक्ति की भुगतान क्षमता को जांचता है ताकि कर्जदार उस कर्ज का नियमित रूप से भुगतान कर सके। अब जबकि सिबिल व अन्य क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो हैं इसलिए कर्जदाता इन आंकड़ों के जरिए अपने जोखिमों को कम करता है।

    सभी कर्जदाता सिबिल जैसे क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो से आपके क्रेडिट प्रोफाइल का विवरण मंगवाते हैं। यह आपके हित में है कि आप भी इसे जानें कि आपके संभावित कर्जदाता के पास आपके बारे में क्या सूचना आई है। कहीं ऐसा न हो कि नाम, पता व शहर की समानता की वजह से या फिर असावधानी के चलते किसी अन्य के लेन-देन का विवरण आपकी प्रोफाइल में तो नहीं समाहित कर दिया गया है।

    जैसे कि एक निश्चित उम्र के बाद डॉक्टर लोगों को नियमित हेल्थ चेकअप करवाते रहने की सलाह देते हैं ताकि सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जा सकेंं उसी प्रकार यह नियम आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर भी लागू होता है। वैसा कोई भी व्यक्ति जो भविष्य में बैंकों से किसी भी प्रकार का कर्ज- चाहे होम लोन हो, पर्सनल लोन या क्रे डिट कार्ड  लेना चाहता है, उसे आवधिक रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखते रहना चाहिए। ताकि आपकी रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी की वजह से उन्हें कर्ज लेने में परेशानी न हो और उनके बुने सपने कहीं टूट न जाएं।

    क्रेडिट रिपोर्ट कैसे हासिल करें
    सिबिल आपको क्रेडिट रिपोर्ट व क्रेडिट स्कोर की पेशकश करती है। क्रेडिट स्कोर आपके कर्ज के लेन-देन के कई कारकों पर आधारित आंकड़ा होता है जिसकी अंकीय वैल्यू 300 से 900 के बीच होता है। आम तौर पर ७०० के ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। रिपोर्ट के लिए https://www.cibil.com/online/credit-score-check.doआपको इस लिंक पर जाना होगा। अपनी क्रेडिट रिपोर्ट के साथ सिबिलि स्कोर पाने के लिए आपको ४७० रुपये का भुगतान करना होगा। वैसे अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी रिपोर्ट में कोई गलत एन्ट्री तो शामिल नहीं हुई है तो आपको डिमांड ड्राफ्ट के जरिए १५४ रुपये का भुगतान करना होगा।

    आप इस लिंक http://www.cibil.com/sites/default/files/pdf/consumer-request-form.pdf  से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ आपको दो कागजात जोडऩे होंगे एक आपकी पहचान का व दूसरा पते का प्रमाण। पहचान के लिए आप पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी में से किसी एक की प्रति जोड़ सकते हैं जबकि पते के लिए आपको क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, बिजली का बिल, पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, फोन बिल या राशन कार्ड में से किसी एक की प्रति जोडऩी होगी।

    क्या होता है रिपोर्ट में?

    रिपोर्ट मिलने के बाद उसमें सबसे पहले अपने बेसिक डिटेल्स चेक करें। फिर उसमें उल्लेख की गई क्रेडिट हिस्ट्री पर नजर डालें। अगर आपने किसी क्रेडिट कार्ड के बिल के भुगतान में विलंब, लोन या ईएमआई के भुगतान में देरी या डिफॉल्ट किया होगा तो वह आपकी रिपोर्ट में दिखेगा। अगर उसमें कोई गलत एन्ट्री है जो कि आपसे संबंधित नहीं है तो उसके बारे में आप सिबिल को ई-मेल के जरिए जानकारी दें।

    इस बारे में आप संबद्ध बैंक से संपर्क भी कर सकते हैं ताकि बैंक अपनी गलती सुधार कर सिबिल को सूचित करे। इस संदर्भ में बैंक के नोडल ऑफिसर के पास लिखित शिकायत भी करें कि या तो बैंक गलती सुधारे या फिर उस गलत एन्ट्री के बारे में पूरा विवरण दे। अगर सिबिल या बैंक आपके निवेदन पर ३० दिनों तक कोई जबाव नहीं देते हैं तो आप इसकी शिकायत बैंङ्क्षकग लोकपाल से www.bankingombudsman.rbi.org.in. पर कीजिए। यह सारे कदम बहुत जरूरी है इसे आपको उठाना ही है।
    - लेखक अपनापैसा डॉट कॉम के सीएफओ हैं।

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