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PICS: ये हैं टॉप 15 अमीर मुस्लिम देश, जिनकी दौलत को दुनिया ठोकती है सलाम

ग्लोबल इकोनॉमी में मुस्लिम देशों का काफी अहम रोल है।

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ग्लोबल इकोनॉमी में मुस्लिम देशों का काफी अहम रोल है। दुनिया की कई बड़ी जरूरतों को पूरा करने वाले ये देश कारोबार के मामले में काफी नाम कमा चुके हैं। इन मुस्लिम देशों में से अधिकतर देश अमीर देशों की श्रेणी में आते हैं। दुबई, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ मुस्लिम देशों को पर्यटन के मामले में भी काफी तवज्जों मिल रही है। रियल एस्टेट सेक्टर में भी दुबई और बाकी मुस्लिम देशों की खासा पकड़ है। दुनिया भर के तेल भंडारों में से अधिकतर भंडारों पर भी मुस्लिम देश डटे हुए हैं। 
 
इन सबके बीच क्या आपको पता है कि दुनिया के मुस्लिम देशों में से कौन से देश सबसे अमीर मुस्लिम देश के रूप में जाने जाते हैं? इन्हीं बातों को शामिल करते हुए पेश है टॉप अमीर मुस्लिम देशों पर एक फोटो फीचर-
कतर: दुनिया के मुस्लिम देशों में नंबर 1 पर कतर का नाम आता है। 2011 के आंकड़ों के मुताबिक मुस्लिम देशों में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में कतर नंबर 1 पर था। उस दौरान यह आंकड़ा 88919 डॉलर सालाना था। गैस सेक्टर इस देश की अर्थव्यवस्था और आय का मुख्य साधन है।
 
कुवैत: सबसे अमीर मुस्लिम देशों में कुवैत दूसरे नंबर पर है। दुनिया में सबसे ज्यादा तेल का भंडार इसी देश के पास है। इसके चलते मुस्लिम देशों और उनकी अर्थव्यवस्था में इस देश को खासा दबदबा है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 54654 डॉलर सालाना है।
 
ब्रुनई: ब्रुनई के सुल्तान की दौलत और उनकी विलासिता दुनिया भर में चर्चित है। तेल और नेचुरल गैस इस देश की आय का प्रमुख साधन है। सालाना प्रति व्यक्ति आय के मामल में 2005 में इस देश में यह आंकड़ा 50506 डॉलर था।
 
युनाईटेड अरब अमीरात (यूएई): काफी बड़े पैमाने पर दुनिया में नेचुरल गैस और तेल का निर्यात करने वालो ये देश टॉप अमीर मुस्लिम देशों में शामिल है। दुनिया के सबसे महंगे मुस्लिम देशों में यह चौथे नंबर पर है। यहां की सालाना प्रति व्यक्ति आय 48222 डॉलर है।
 
ओमान: अमीर मुस्लिम देश ओमान की राजधानी मस्कत है। मस्कत की चकाचौंध, टॉप इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट की दुनिया भर में एक अलग ही पहचान है। ऑयल और गैस का निर्यात यहां का मुख्य आय स्त्रोत है। 2011 में ओमान की प्रति व्यक्ति आय सालाना 28880 डॉलर है।
 
सऊदी अरब: इस देश में पेट्रोलियम पदार्थो का अकूत भंडार है। दुनिया के कुल रिजर्व पेट्रोलियम पदार्थो का 5वां हिस्सा इस देश के नाम है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 24434 डॉलर सालाना है।
 
बहरीन: अरब वर्ल्ड में बहरीन को सबसे तेजी से विकास करने वाले देशों की सूची में नंबर 1 का दर्जा मिला हुआ है। इसी देश में इस्लामिक बैंकिंग का फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर भी है। यही एक ऐसा मुस्लिम देश है जिसने पेट्रोलियम पदार्थो के साथ ही टूरिज्म को भी अपनी आय का मुख्य स्त्रोत बना रखा है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 23690 डॉलर सालाना है।
 
तुर्की: दुनिया के सबसे अमीर मुस्लिम देशों में इसका नंबर 8वां है। यहां की सालाना प्रति व्यक्ति आय 16885 डॉलर है।
 
लीबिया: तानाशाही शासन के लिए चर्चित देश लीबिया भी अमीर मुस्लिम देशों में शामिल है। यहां क्रूड ऑयल के अकूत भंडार मौजूद हैं। 2009 के मुताबिक यहां की प्रति व्यक्ति आय 16855 डॉलर सालाना है।
 
मलेशिया: दुनिया के दौलतमंद मुस्लिम देशों में मलेशिया 10वें नंबर पर आता है। कुदरती सौंदर्य से भरपूर इस देश की आय के मुख्य स्त्रोतों में टूरिज्म भी शामिल है। 2011 में यहां की प्रति व्यक्ति आय 15589 डॉलर सालाना थी।
 
लेबनान: लेबनान के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है। 11वे नंबर पर काबिज इस मुस्लिम देश की प्रति व्यक्ति आय 14709 डॉलर सालाना है।
 
कजाकिस्तान: इस देश में पेट्रोलियम और कुदरती गैस का अकूत भंडार है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 13189 डॉलर सालाना है।
 
ईरान: दुनिया के अमीर मुस्लिम देशों में ईरान का 13वां नंबर है। पिछले कुछ वर्षो से न्यूक्लियर पावर को लेकर यह देश चर्चा में है। ईरान के पास तेल का अकूत भंडार है। यह देश बड़े पैमाने पर यूरोप और अमेरिकन देशों को तेल निर्यात करता है। हालांकि, न्यूक्लियर पावर के विवाद के चलते इसका निर्यात दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। 2009 के आंकडों के मुताबिक इस देश में सालाना प्रति व्यक्ति आय 11479 डॉलर थी।
 
अजरबैजान: दुनिया के अमीर मुस्लिम देशों की लिस्ट में यह देश 14वें नंबर पर है। यहां प्रति व्यक्ति आय 10136 डॉलर है।
 
टच्यूनिशिया: इस देश के पास भी क्रूड ऑयल का अकूत भंडार है। यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार क्रूड के अलावा पावर और न्यूक्लियर एनर्जी भी है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 9415 डॉलर सालाना है।
 
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