• Home
  • Tin number without double fines on businesses

बिना टिन नंबर के कारोबार पर दोगुना जुर्माना

बिजनेस भास्कर रायपुर

Jan 19,2013 02:52:00 AM IST

गड़बड़ी - कई कारोबारी बिना रजिस्ट्रेशन करवाए धड़ल्ले से कारोबार जारी रखे हुए हैं। दूसरे राज्यों से माल लाकर भी बिना टैक्स चुकाए कारोबार कर रहे हैं। इससे वाणिज्यिक कर विभाग को बड़ी संख्या में राजस्व की भारी हानि हो रही है और विभाग ने सख्ती अपनाने का फैसला किया है।

दूसरे राज्यों से माल मंगाने वालों का होगा सर्वे

राज्य में बिना टैक्स पेयर आइडेंटिफिकेशन नंबर (टिन) और रजिस्ट्रेशन के कारोबार करना अब व्यापारियों पर महंगा पडऩे जा रहा है। वाणिज्यिक कर विभाग राज्य के भीतर और बाहर कारोबार करने वाले कारोबारियों पर सख्त सर्वे की कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। इस दौरान दोषी पाए गए कारोबारियों के लिए दोगुने कर जुर्माने जैसे सख्त प्रावधान किए गए हैं।

वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर नियम 2006 के अनुसार राज्य के भीतर कारोबार कर रहे सभी कारोबारियों को निर्धारित सीमा से अधिक वार्षिक कारोबार की दशा में विभाग से पंजीयन प्राप्त करना आवश्यक किया गया है।

फिलहाल राज्य में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभागीय कार्यालयों के 30 वृत कार्यालयों के अंतर्गत 71707 पंजीकृत कारोबारी हैं। लेकिन इसके बावजूद राज्य में कई कारोबारी बिना रजिस्ट्रेशन करवाए धड़ल्ले से कारोबार जारी रखे हुए हैं।

साथ ही दूसरे राज्यों से माल लाकर भी बिना टैक्स चुकाए कारोबार कर रहे हैं। इससे न सिर्फ विभाग को बड़ी संख्या में राजस्व की हानि हो रही है। वहीं इससे अवैध कारोबार की दर भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए अब वाणिज्यिक कर विभाग ने इस पर सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कारोबारियों को ऑनलाइन सुविधा भी प्रदान की गई है। जिसकी मदद से वे विभाग की वेबसाइट पर टिन नंबर के लिए नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं। अब विभाग ऐसे करदायी अपंजीकृत कारोबारियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

इस दौरान कारोबारियों के व्यावसायिक परिसर का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इस दौरान कारोबारियों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक टर्न ओवर पाया जाता है। तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दोषी कारोबारी पर करारोपण और कर की दोगुना शास्ती आरोपित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा नियमों के अनुसार राज्य के बाहर से आयातकर्ता कारोबारी यदि 1 लाख रुपये से अधिक का माल आयात करते हैं तो उनके लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त उनके सकल वार्षिक विक्रय के 2 लाख से अधिक होने पर भी उन्हें विभाग से रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।

इसके अलावा मैन्युफैक्चरर्स के लिए यह सीमा निर्मित माल के यह सीमा निर्मित माल के 1 लाख रुपये से अधिक होने अथवा वार्षिक विक्रय के 2 लाख से पार होना निर्धारित की गई है।

इसके अलावा वे कारोबारी जो राज्य के भीतर कारोबार करते हैं उनके लिए यह सीमा सकल वार्षिक विक्रय की दशा में 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। कार्रवाई से बचने के लिए विभाग द्वारा पंजीकरण के लिए भी अभियान शुरू किया जा रहा है।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.