बिज़नेस न्यूज़ » Update » Policy And Corporateपांच लाख रुपये से कम आय वालों को मिलेगा धारा 87ए का लाभ

पांच लाख रुपये से कम आय वालों को मिलेगा धारा 87ए का लाभ

मौजूदा वित्त वर्ष से प्रभावी धारा 87ए के तहत 2,000 रुपये तक की छूट मिलती है। इस कटौती का लाभ उस व्यक्ति के लिए उपलब्ध है जो भारत का नागरिक है

Those earning less than Rs five lakh would get the benefit of Section 87 A
एक्सपर्ट एडवाइज़
सूर्यकांत शर्मा : चंडीगढ़ से...
मैं पेशे से आर्किटेक्ट हूं। क्या मैं धारा 87ए के तहत छूट का दावा कर सकता हूं?
मौजूदा
वित्त वर्ष से प्रभावी धारा 87ए के तहत 2,000 रुपये तक की छूट मिलती है। इस कटौती का लाभ उस व्यक्ति के लिए उपलब्ध है जो भारत का नागरिक है और जिसकी कुल कर योग्य आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है। यह छूट उन नौकरीपेशा और कारोबारी या स्व-रोजगारियों के लिए उपलब्ध है, अगर कुल आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है।
इसलिए भले आप आर्किटेक्ट हों, अगर आपकी आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है तो आप 2,000 रुपये का छूट प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपकी कर देनदारी 2,000 रुपये से कम है तो कटौती की सीमा आपकी कर देनदारी तक सीमित रहेगी।

विनोद : ई-मेल के जरिए...
मैं 20 प्रतिशत के कर-वर्ग में आता हूं। मैंने पोस्ट ऑफिस में पांच साल के लिए 2,500 रुपये प्रति माह का रैकरिंग डिपॉजिट खुलवाया है जो मुझे 1.50 लाख रुपये के अलावा 38,500 रुपये का ब्याज देगा। मैं जानना चाहता हूं कि मैच्योरिटी पर प्राप्त होने वाली कुल 1,88,500 रुपये की राशि पर कर लगाया जाएगा?

मैच्योरिटी के वक्त आपके हाथों में आने वाले कुल 1,88,500 रुपये पर टैक्स नहीं लगाया जाएगा। जब आपको 38,500 रुपये ब्याज के मिलेंगे तो उस पर टैक्स लगाया जाएगा अगर आपने ऐसे रैकरिंग डिपॉजिट से प्राप्त ब्याज पर प्रत्येक वर्ष टैक्स नहीं दिया है। हालांकि, आपके पास एक विकल्प है कि आप प्रत्येक वित्त वर्ष में प्राप्त ब्याज पर उसी अनुपात में टैक्स का भुगतान करें। आप अपने पोस्ट ऑफिस से प्रत्येक वर्ष जमा होने वाले ब्याज का सर्टिफिकेट मैच्योरिटी के वर्ष तक लेना न भूलें।

नीलेश गांधी : दिल्ली से...
मैं यह जानना चाहता हूं कि अगर विवाह में मिले उपहार की कीमत 50,000 रुपये से अधिक हो लेकिन एक लाख रुपये से कम हो तथा कोई भी उपहार 5,000 रुपये से अधिक का न हो तो क्या उस पर टैक्स देना होगा?
आयकर अधिनियम की धारा 56(2) के तहत विवाह के दौरान प्राप्त हुआ कोई भी उपहार बिना किसी सीमा के कर-रहित होता है। यानी इस पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। इसलिए आप बेफिक्र रहें।
बलवंत जैन
चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, सीएफपी, अपनापैसा डॉट कॉम
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