Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

    Home »News Room »Corporate» Private Power Producers 'Sbeedi' Relief Possible

    प्राइवेट बिजली उत्पादकों को 'एसबीडी' में राहत संभव

    प्राइवेट बिजली उत्पादकों को 'एसबीडी' में राहत संभव

    चेंज - खुद बिजली राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य ने दिए हैं इस बात के संकेत

    खास बात - एसबीडी केस-2 के तहत बिजली उत्पादन के लिए विभिन्न साधनों को मुहैया कराने में मदद के साथ कैप्टिव कोयला ब्लॉक भी दिया जाता है

    बिजलीपरियोजनाओं से जुड़े स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट (एसबीडी) केस-2 में निजी बिजली उत्पादकों को राहत मिल सकती है। केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को इस बात के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि एसबीडी केस-2 के मसौदे को इससे जुड़े पक्षों की राय जानने के लिए फिर से वितरित किया जाएगा।

    हालांकि, एक सप्ताह पहले एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि एसबीडी केस-2 का मसौदा तैयार है और जल्द ही इसे मंत्रियों के समूह (जीओएम) के समक्ष रखा जाएगा। लेकिन मंगलवार को बिजली मसले पर बनाई गई सलाहकार समिति की पहली बैठक के बाद उन्होंने इस मसौदे पर दोबारा संबंधित पक्षों की राय जानने की बात कही।

    उन्होंने इस बात से इनकार किया कि एसबीडी के मसौदे को फिर से तैयार किया जाएगा। एसबीडी केस-2 के तहत बिजली उत्पादन के लिए विभिन्न साधनों को मुहैया कराने में मदद के साथ कैप्टिव कोयला ब्लॉक भी दिया जाता है।

    सिंधिया की अध्यक्षता में हुई सलाहकार समिति की बैठक में साइरस मिस्त्री (टाटा पावर), अनिल अंबानी (रिलायंस पावर), सुधीर मेहता (टोरेंट पावर), चंदा कोचर (आईसीआईसीआई बैंक) व मनोज गौड़ (जेपी पावर) जैसे दिग्गज शामिल हुए।

    बिजली मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक केस-2 के मसौदे में शामिल डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस और ट्रांसफर (डीबीएफओटी) मॉडल को अपनाने की बात कही गई है। यानी निजी बिजली उत्पादकों को एक निश्चित समय के बाद उस पावर प्लांट को राज्य की बिजली वितरण कंपनी को सौंपना पड़ेगा।

    इस शर्त पर निजी बिजली उत्पादकों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। बिजली मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक मसौदे पर ट्रांसफर वाली शर्त से निजी बिजली उत्पादकों को राहत मिल सकती है। सिंधिया ने बताया कि अगले दो सप्ताह में सलाहकार समिति की बैठक फिर से आयोजित की जाएगी।

    प्राइस पूलिंग पर पीछे हटने की बात नहीं
    नई दिल्ली - केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में राज्यों की तरफ से कोयला प्राइस पूलिंग के मसले पर विरोध की बात पूछने पर कहा कि राष्ट्रहित व राष्ट्र का विकास सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद पावर प्लांट को हर हाल में फ्यूल सुनिश्चित कराना है ताकि देश के हर गांव, हर घर में बिजली पहुंच सके।

    सिंधिया ने कहा कि कैबिनेट ने प्राइस पूलिंग प्रणाली को मंजूर कर लिया है और अब बिजली उत्पादन की लागत में न्यूनतम बढ़ोतरी के साथ फ्यूल आपूर्ति सुनिश्चित करने का मॉडल तैयार करने की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) को दी गई है। टीएमसी की नेता ममता बनर्जी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने प्राइस पूलिंग के मसले पर बिजली की दरें बढऩे की दलील के साथ आपत्ति जताई है। (ब्यूरो)

    बिजली दरें बढ़ाना अंतिम विकल्प
    नई दिल्ली - केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी अंतिम विकल्प है। राज्य सरकार सब्सिडी पर लगाम लगाकर और एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड कॉमर्शियल लॉस (एटीएंडसी) को कम करके बिजली की दरों में बढ़ोतरी से बच सकती है।

    उन्होंने कहा कि राज्यों को बिजली पर सब्सिडी देने की कोई मनाही नहीं है, लेकिन यह सब्सिडी वितरण कंपनियों की बैलेंस शीट पर नहीं दी जाए। वैसे भी एटीएंडसी लास को कम करने से बिजली की बचत होगी और इससे बिजली दरों में वृद्धि के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा। (ब्यूरो)

    Recommendation

      Don't Miss

      NEXT STORY