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पीएमईजीपी में अब लोन होगा आसान

स्वरोजगार के लिए आवेदकों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत अब कर्ज आसानी से मिल सकेगा।

PMEGP will be now easier loan

योजना - इंट्रा नेट से बैंकों की प्रोसेसिंग पर नजर

कवायद
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत स्वरोजगार के लिए कर्ज को आसान बनाने की मुहिम
नोडल एजेंसी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने एसबीआई से किया गठजोड़
एसबीआई अपनी 10,000 शाखाओं में इंट्रा नेट सॉफ्टवेयर लगाकर रखेगा प्रोसेसिंग पर नजर
मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए 25 लाख रुपये लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए कर्ज

स्वरोजगार के लिए आवेदकों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत अब कर्ज आसानी से मिल सकेगा। बैंकों से कर्ज मिलने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए नोडल एजेंसी खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ गठजोड़ किया है।

इसके तहत एसबीआई की 10,000 शाखाओं में इंट्रा नेट सॉफ्टवेयर लगाया गया है। केवीआईसी इस इंट्रा नेट सॉफ्टवेयर के जरिए कर्ज के आवेदन की प्रोसेसिंग पर नजर रखेगी। इस तरह से केवीआईसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिल कर्ज देने की प्रक्रिया का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगी।

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मामलों (एमएसएमई) मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस भास्कर को बताया कि एसबीआई के बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और देना बैंक के साथ भी जल्द ही इसी तरह का गठजोड़ किया जाएगा।

अधिकारी के मुताबिक केवीआईसी के माध्यम से पीएमईजीपी का क्रियान्वयन काफी प्रभावी रहा है। 2009-10 में पीएमईजीपी के तहत लगने वाले उद्यमों का सर्वे किया गया है।

सर्वे में पाया गया है कि इस अवधि में लगने वाले उद्यमों में 80 फीसदी चल रहे हैं। यानी पीएमईजीपी के तहत उद्यमी बनाने की सफलता दर काफी अच्छी है। अधिकारी के मुताबिक पीएमईजीपी की सफलता को ध्यान में रखते हुए आगामी बजट में वित्त मंत्री से कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से निकलने वाले छात्रों में से 20 फीसदी उद्यमी बनना चाहते हैं। ऐसे में मंत्रालय पीएमईजीपी को और बेहतर बना कर इसे देश में उद्यमी बनाने के लिए एक प्लेटफार्म के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है।

पीएमईजीपी ग्रामीण और शहरी इलाकों में लघु उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर पैदा करने वाली क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है। इसके तहत मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक की लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए कर्ज का आवेदन किया जा सकता है।

वहीं सर्विस सेक्टर के लिए उद्यम लगाने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए कर्ज लिया जा सकता है।

प्रोजेक्ट पर आने वाली लागत का 10 फीसदी आवेदक को खुद लगाना होगा। इसके तहत ग्रामीण इलाके में प्रोजेक्ट पर आने वाली लागत का 25 फीसदी सरकार सब्सिडी देती है। शहरी इलाकों में यह सब्सिडी 15 फीसदी है।

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